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ताऊ ते का खतरा : कर्नाटक के 6 जिलों में असर, 4 की मौत

मुंबई में भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली, RIN । गुजरात और महाराष्ट्र समेत पांच राज्यों पर अरब सागर में बन रहे चक्रवात ताऊ ते का खतरा मंडरा रहा है। कर्नाटक के 6 जिलों पर इसका काफी बुरा असर पड़ा है। इन जिलों के 73 गांव इससे प्रभावित हुए हैं। राज्य में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है। इन 6 जिलों में से 3 समुद्री सीमा से सटे हैं। सभी में पिछले 24 घंटों से भारी बारिश हो रही है। यहां 90 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चल रही है। मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान गोवा के तटीय क्षेत्र से टकरा गया है। अब वह गुजरात की ओर तेजी से बढ़ रहा है। इस वजह से मुंबई सहित उत्तरी कोंकण में कुछ स्थानों पर रविवार से ही तेज हवा के साथ भारी बारिश हो सकती है। अलर्ट के चलते बृहन्मुंबई नगर निगम को कोविड केयर सेंटर से 580 मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ा। बीकेसी से 243, दहिसर से 183 और मुलुंड से 154 मरीजों को निकाला गया।
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 12 घंटों के दौरान इसके बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है। यह तूफान 18 मई की सुबह गुजरात के पोरबंदर और महुआ कोस्ट के बीच से गुजरेगा। इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने चक्रवात को लेकर अहम बैठक बुलाई। इसमें राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। इस वर्चुअल बैठक में महाराष्ट्र और गुजरात के मुख्यमंत्रियों के अलावा दमन और दीव और दादरा नगर हवेली के अधिकारी भी इसमें शामिल हुए।
अपडेट्स
कर्नाटक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, चक्रवात ताऊ ते की वजह से पिछले 24 घंटों में 6 ज़िलों, 3 तटीय जिलों और 3 मलनाड जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हुई। गुजरात में चक्रवाती तूफान ताऊ ते को देखते हुए राज्य में एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। एनडीआरएफ गांधीनगर के डिप्टी कमांडेंट रणविजय कुमार सिंह ने बताया कि 24 टीमें आज शाम तक अपनी जगह ले लेंगी, जिसमें 13 टीमें बाहर से मंगाई गई हैं।
तूफान के खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को हाईलेवल मीटिंग की और तैयारियों का जायजा लिया। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया कि मीटिंग में केंद्र सरकार के सीनियर अफसरों के साथ-साथ महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और गुजरात के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि कैबिनेट सचिव तटीय राज्यों के मुख्य सचिवों और संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों/एजेंसियों के लगातार संपर्क में रहेंगे। गृह मंत्रालय 24 घंटे इस पर नजर बनाए रखेगा और राज्यों के संपर्क में रहते हुए फौरन जरूरी सुविधाएं मुहैया करवाएगा।
एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने शुक्रवार को बताया- की 53 टीमों को केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों पर तैनात किया जा रहा है।
मौसम विभाग का कहना है कि इस चक्रवात का सबसे ज्यादा असर गुजरात पर पड़ेगा। द्वारका, कच्छ, पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, अमरेली, राजकोट, मोरबी और जामनगर जिलों में फूस के बने मकान पूरी तरह तबाह हो जाएंगे, मिट्टी के घरों को भी भारी नुकसान होगा, पक्के मकानों को भी कुछ नुकसान पहुंच सकता है। भारी बारिश के कारण कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हो सकते हैं।

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