उत्तर प्रदेशराजनीति

UP में नई जनसंख्या नीति का ऐलान

CM योगी बोले- हर तबके को ध्यान में रखकर जनसंख्या नीति को लागू कर रही सरकार

लखनऊ,RIN । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को विश्व जनसंख्या दिवस पर उत्तर प्रदेश जनसंख्या नीति 2021-2030 का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने कहा, समाज के विभिन्न तबकों को ध्यान में रखकर प्रदेश सरकार इस जनसंख्या नीति को लागू करने का काम कर रही है। जनसंख्या नीति का संबंध केवल जनसंख्या स्थिरीकरण के साथ ही नहीं है बल्कि हर एक नागरिक के जीवन में खुशहाली और समृद्धि का रास्ता उसके द्वार तक पहुंचाना भी है।
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 11 जनपदों में प्रयोगशालाओं का उद्घाटन किया। इसी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य केंद्र ऐप का भी उद्घाटन किया। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, अमेठीग् औरेयाग् बुलंदशहरग् बिजनौरग् मऊग् महोबाग् कासगंजग् देवरियाग् कुशीनगरग् सोनभद्र और सिद्धार्थनगर में लैब बनाई गई है। जनसंख्या दिवस पर परिवार नियोजन को अपनाने के लिए ‘शगुन किट’ नए शादी-शुदा लोगों को बांटी गई। नई जनसंख्या नीति के जरिए प्रदेश में जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाने का ऐलान भी सीएम योगी कर सकते हैं। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा, बढ़ती हुई जनसंख्या से पर्यावरण पर असर पड़ता है, संसाधनों पर जोर पड़ता है। हमारा लक्ष्य है कि 2052 तक उत्तर प्रदेश में जनसंख्या को स्थिर किया जाए। प्रदेश के स्वास्थ्य अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि आज विश्व जनसंख्या दिवस है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा नई जनसंख्या नीति का अनावरण किया गया। यह नीति 2021 से 2030 तक के लिए लागू होगी। नीति में कुल प्रजनन दर को 2026 तक 2.1 और 2030 तक 1.9 करने का लक्ष्य रखा है।
मुख्तार अब्बास नकवी बोले- वक्त की जरुरत जनसंख्या नियंत्रण
जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर शुरू हुई योगी सरकार की पहल को केंद्रीय मंत्री मुख्तार नकवी का भी समर्थन मिला है। रविवार को उन्होंने कहा, जनसंख्या नियंत्रण कानून देश और वक्त की जरूरत है, अगर उत्तर प्रदेश इस दिशा में जागरूकता के लिए काम कर रहा है तो इसका स्वागत होना चाहिए। एक बार कांग्रेस पार्टी ने भद्दे ढंग से प्रयास किए थे जो फेल हुए लेकिन बेहतर तरीके से लोगों को जागरूक करना चाहिए। वहीं, केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा की जनसंख्या का कैसे देश और उत्तर प्रदेश के हित में श्रमशक्ति के रूप में इस्तेमाल हो, इस पर क्क में काम चल रहा है। इस सबके पीछे हमारी पार्टी भाजपा की एक दृष्टि है कि क्क को कैसे एक ट्रिलियन अर्थव्यवस्था का राज्य बनाया जाए।
उधर, जनसंख्या नियंत्रण का ड्राफ्ट भी बनकर तैयार
उधर, योगी सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण कानून का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। राज्य विधि आयोग के अध्यक्ष जस्टिस आदित्यनाथ मित्तल ने इसे तैयार किया है। यदि ये ड्राफ्ट कानून में बदला तो क्क में भविष्य में जिनके 2 से ज्यादा बच्चे होंगे, उन्हें सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी। ऐसे लोग कभी चुनाव भी नहीं लड़ पाएंगे। उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। विधि आयोग का दावा है कि अनियंत्रित जनसंख्या के कारण पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। आयोग ने ड्राफ्ट पर 19 जुलाई तक जनता से राय मांगी है। इससे पहले लव जिहाद कानून का ड्राफ्ट भी आदित्यनाथ मित्तल ने ही तैयार किया था।
ड्राफ्ट की बड़ी बातें
1- दो से अधिक बच्चों के अभिभावकों को सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी।
2-स्थानीय निकाय और पंचायत का चुनाव भी नहीं लड़ सकते।
3-राशन कार्ड में भी चार से अधिक सदस्यों के नाम नहीं लिखे जाएंगे।
4-21 साल से अधिक उम्र के युवक और 18 साल से अधिक उम्र की युवतियों पर एक्ट लागू होगा।
5-जनसंख्या नियंत्रण से संबंधित पाठ्यक्रम स्कूलों में पढ़ाए जाने का सुझाव भी दिया है।
6-कानून लागू होने के बाद यदि किसी महिला को दूसरी प्रेग्नेंसी में जुड़वा बच्चे होते हैं, तो वह कानून के दायरे में नहीं आएंगी।
7-तीसरे बच्चे को गोद लेने पर रोक नहीं रहेगी। यदि किसी के 2 बच्चे नि:शक्त हैं तो उसे तीसरी संतान होने पर सुविधाओं से वंचित नहीं किया जाएगा।
8-सरकारी कर्मचारियों को शपथ पत्र देना होगा कि वे इस कानून का उल्लंघन नहीं करेंगे।
एक साल बाद किया जाएगा लागू
कानून के मौजूदा ड्राफ्ट के मुताबिक ये विधेयक राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से एक साल बाद लागू होगा। एक से ज्यादा शादी के मामले में, बच्चों की सही संख्या जानने के उद्देश्य से प्रत्येक जोड़े को एक विवाहित जोड़े के रूप में गिना जाएगा।

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