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मोतिहारी में पिता-भाई और जीजा ने हत्या कर लड़की की लाश को नदी में फेंका

मोतिहारी.

मोतिहारी में 22 साल की लड़की को पहले प्रेमी ने धोखा दिया फिर उसके घर वालों ने। प्रेमी उसे शादी के बहाने घर से भगाकर ले गया। लेकिन, इसके बावजूद शादी नहीं की। लड़की प्रेमी के कारण बागेश्वर धाम तक पहुंच गई थी। पुलिस ने उसे वहां बरामद कर लिया। वापस लौटी तो घरवालों ने जिससे शादी तय की थी, वह टूट चुकी थी। घर वालों के अपनी प्रतिष्ठा का डर सताने लगा। इसके बाद ऐसा हुआ जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की थी।

उसके घर वालों ने न सिर्फ प्यार के लिए मौत की सजा दे दी बल्कि उसकी लाश को ठिकाने लगा दिया। इस गुत्थी को सुलझाने में पुलिस को 12 दिन तक करनी पड़ी। वैज्ञानिक अनुसंधान के जरिए जब पुलिस कातिलों तक पहुंची तो उनलोगों ने कहा कि लड़की ने प्यार के लिए सुसाइड कर लिया था। हम लोग डर गए और फंसने के डर से उसकी लाश को बोरा में भरकर नदी में फेंक दिया था।

पुलिस कैसे पहुंची हत्यारों तक —
बीजधरी ओपी क्षेत्र के सत्तरघाट पूल के पाया नंबर 13 के पास से 27 अप्रैल को अज्ञात लकड़ी का शव बोरा में कसा हुआ पुलिस ने बरामद किया था। हांलाकि लड़की की पहचान नहीं हुई थी, अगले दिन जब केसरिया थाना के चौकीदारों ने उसकी पहचान की और बताया कि यह तो वहीं लड़की है, जिसे हम लोगों ने बागेश्वर धाम से बरामद कर लाया था। इसके बाद थाना में रखी तस्वीर से उसकी मिलान की गई। लड़की की पहचान केसरिया थाना क्षेत्र के सुबैया गांव निवासी प्रधुमन दास के 22 वर्षीय बेटी काजल कुमारी के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस अनुसंधान तेज किया और हत्या में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

17 मार्च को काजल के पिता ने आवेदन किया था
दरअसल, काजल के पिता प्रधुमण दास ने केसरिया थाना में 17 मार्च को आवेदन दिया था। इसमें उसने अपनी बेटी काजल कुमारी को भगा कर ले जाने का आरोप गांव के सागर कुमार पर लगाया था।आवेदन के आधार पर केस दर्ज करते हुए लकड़ी की बरामदगी के लिए पुलिस ने छापेमारी शुरू कर दी। इस दौरान पता चला कि वह बागेश्वर धाम में है। जहा से पुलिस ने बरामद कर लाया गया और कोर्ट में 164 का बयान करा 24 मार्च को परिजन को सौंप दिया। इधर, काजल की शादी तय हो गई थी लेकिन उसके भाग जाने कारण वह टूट गई। इससे परिवार वाले काफी परेशान थे। शादी टूटने का गम उन्हें सता रहा था।

डॉन ईंट ने खोला हत्या का राज, ऐसे पहुंची पुलिस
इसी बीच जब काजल का शव सत्तरघाट पुल के नीचे बोरा में कसा हुआ बरामद हुआ, बोरा से शव को बाहर निकाला गया तो उसमे से डॉन चिमनी का ईंट बरामद हुआ। इसी ईंट को आधार बना कर पुलिस जांच शुरू की और हत्या का खुलासा किया। काजल और सागर के बीच काफी दिनों से प्रेम चल रहा था, जब काजल की शादी तय हो गई तो दोनों ने भाग कर शादी करने का प्लान बनाया। सागर, काजल को लेकर साहेबगंज पहुंचा। यहां काजल को अपने दोस्त के घर में लाकर रखा। पैसा लेने के लिए सागर आया लेकिन दुबारा वापस नहीं गया। इसके बाद सागर का दोस्त काजल को बागेश्वर धाम ले कर गया लेकिन यहा से पुलिस ने उसे बरामद किया।

काजल की मौत छिपाने के लिए नदी में फेंकी लाश
मृत काजल के पिता और भाई के अनुसार 26 अप्रैल की रात काजल ने बाथरूम में अपने दुपट्टे से फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली। हम लोगों को डर हो गया कि अभी भागी थी और आत्महत्या कर ली तो हम लोग फंस जायेंगे। इसके बाद अपने दामाद से बात किया, दामाद आए और अपने भाई को बुलाए। इसके बाद दो बजे रात्रि में काजल के शव को बोरा में कस कर बाइक ले कर सत्तारघाट पूल के लिए रवाना हुए। मेरे दामाद का भाई बाइक से आगे रैकी कर रहा था और हम लोग पीछे-पीछे शव लेकर चल रहे थे। बोरा में ईंट इसलिए डाले थे कि नदी में पड़ने के पास शव बाहर नहीं आए। किसी को पता नहीं चलेगा। लेकिन, जब शव को पूल से फेंका तो वह पानी में न जा कर सूखे पर रह गया रात होने के करना हम लोगों को भी पता नहीं चला।

एसडीपीओ ने किया खुलासा
चकिया एसडीपीओ सतेंद्र सिंह ने बताया कि सत्तारघाट पूल के नीचे से बोरा में बरामद लड़की के शव मामले का खुलासा कर दिया है। हत्या में शामिल लड़की के पिता प्रभुवन दास, भाई चन्द्रमोहन उर्फ अजय प्रसाद और उसका जीजा आशुतोष कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने बाद पता चलेगा कि काजल की हत्या हुई है या उनसे आत्महत्या की है। मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है।

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