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गाजा में इजरायली बमबारी से 212 विद्यालय प्रभावित: संरा

दक्षिण लेबनान में इज़रायली हमलों में 9 की मौत, सात घायल

गाजा में इजरायली बमबारी से 212 विद्यालय प्रभावित: संरा

संरा महासचिव ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए शीर्ष एनडीएमए अधिकारी को विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किया

बेरूत,
 दक्षिणी लेबनान के कई कस्बों और गांवों को निशाना बनाकर किए गए इजरायल की ओर से किए गए हवाई हमलों में नौ लोग मारे गए और सात अन्य घायल हो गए।
लेबनान के सैन्य सूत्रों ने चीन की न्यूज एजेंसी शिन्हुआ को यह जानकारी दी।थ सैन्य सूत्रों ने गुमनाम रूप से बात करते हुए कहा कि एक छापे में लेबनान के दक्षिण-पश्चिमी गांव टायर हर्फा में एक घर को निशाना बनाया गया, जिसमें दो हिजबुल्लाह लड़ाके और इस्लामिक हेल्थ अथॉरिटी के तीन सदस्य मारे गए और तीन नागरिक घायल हो गए।

इस्लामिक हेल्थ अथॉरिटी (हिज़्बुल्लाह से संबद्ध एक संगठन) की स्थापना 1984 में गृहयुद्ध और दक्षिणी लेबनान पर इज़रायली कब्जे के दौरान की गई थी। एक सार्वजनिक उपयोगिता के रूप में कार्य करते हुए यह प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करता है और पूरे देश में इसके केंद्र हैं।

सूत्रों के अनुसार एक अन्य हमले में दक्षिण- पश्चिम लेबनान के नकौरा शहर में एक घर को निशाना बनाया गया, जिसमें अमल आंदोलन के एक सदस्य और अमल आंदोलन से संबद्ध इस्लामिक अल-रिसाला स्काउट एसोसिएशन के तीन सदस्यों की मौत हो गई और चार नागरिक घायल हो गए।
इस बीच, हिजबुल्लाह ने कहा कि उसके लड़ाकों ने किर्यत शमोना बैरक में इज़रायल की 769वीं ब्रिगेड के मुख्यालय पर कई रॉकेटों दागने के साथ-साथ रुवैसत अल-आलम, ब्रानिट, मिसकाव अम और रमीम सहित कई अन्य इज़रायली साइटों पर हमला किया।

 

गाजा में इजरायली बमबारी से 212 विद्यालय प्रभावित: संरा

संयुक्त राष्ट्र,
 संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से बुधवार को जारी किए गए विश्लेषण के अनुसार, इजरायल की ओर से गाजा में किए गए बमबारी के कारण एन्क्लेव के 212 विद्यालयों पर "सीधा प्रभाव" पड़ा है।

उपग्रह चित्रों से पता चला है कि गत सात अक्टूबर को संघर्ष शुरू होने के बाद से कम से कम 53 स्कूल "पूरी तरह से नष्ट" हो गए हैं। साथ ही इस साल फरवरी के मध्य से स्कूल सुविधाओं पर हमलों में लगभग नौ प्रतिशत की वृद्धि हुई है। य बात संरा बाल कोष (यूनिसेफ), एजुकेशन क्लस्टर, और सेव द चिल्ड्रेन की रिपोर्ट में कही गयी है।
रिपोर्ट के लेखकों ने कहा, "स्कूल सुविधाओं पर हमलों की उच्च प्रवृत्ति" ने गाजा में पहले से ही गंभीर मानवीय स्थिति को और खराब कर दिया है।गाजा पट्टी के अधिकांश हिस्सों में हवा, जमीन और समुद्र से तीव्र इजरायली बमबारी के बीच डेटा इंगित करता है कि दक्षिणी खान यूनिस गवर्नरेट में 62 स्कूल, मध्य क्षेत्र गवर्नरेट में 14, गाजा गवर्नरेट में 94, और उत्तरी गाजा गवर्नरेट में 42 स्कूलों को सीधे निशाना बनाया गया। यह आज तक का सबसे गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्र है, जिसमें 86.2 प्रतिशत स्कूल भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल अक्टूबर से फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए संरा राहत एवं कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) द्वारा संचालित दो में से एक से अधिक स्कूल परिसरों को भी निशाना बनाया गया है। साथ ही सरकारी इमारतों को भी इजरायली गोलाबारी या जमीनी अभियान के दौरान निशाना बनाया गया है। यूएनआरडब्ल्यूए ने बुधवार को संरा की भागीदारी वाली रिपोर्ट के प्रकाशन पर कहा कि गाजा में लगभग छह महीने से शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ठप है।
उपग्रह इमेजरी और अन्य स्रोतों से पता चलता है कि संघर्ष शुरू होने के बाद से इजरायली सुरक्षा बलों द्वारा "स्कूलों के सैन्य उपयोग किया जा रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि गत सात अक्टूबर के बाद से 320 से अधिक स्कूल भवनों का उपयोग विस्थापित व्यक्तियों द्वारा आश्रय के रूप में किया गया है। इन सुविधाओं में से, 188 पर सीधा प्रभाव पड़ा है या वे क्षतिग्रस्त हो गई हैं।

 

संरा महासचिव ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए शीर्ष एनडीएमए अधिकारी को विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किया

संयुक्त राष्ट्र
 भारत के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के एक शीर्ष अधिकारी को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए अपना विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किया है।

महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने दैनिक प्रेस वार्ता में  कहा कि कमल किशोर (55) को 'आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय' (यूएनडीआरआर) में महासचिव का सहायक और विशेष प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है।

एनडीएमए में किशोर जिस पद पर हैं वह भारत सरकार के सचिव स्तर का है। वह यूएनडीआरआर में जापान की मामी मिज़ुतोरी का स्थान लेंगे।

भारत के जी20 का अध्यक्ष रहने के दौरान किशोर ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर जी20 कार्य समूह का नेतृत्व किया था। उन्होंने 2019 में जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचा गठबंधन के विकास में भी योगदान दिया था।

दुजारिक ने कहा कि किशोर के पास वैश्विक, क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर आपदा जोखिम न्यूनीकरण, जलवायु कार्रवाई और सतत विकास में सरकार, संयुक्त राष्ट्र और नागरिक समाज संगठनों में काम करने का तीन दशकों का अनुभव है।

एनडीएमए में शामिल होने से पहले, किशोर ने संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के लिए जिनेवा, दिल्ली और न्यूयॉर्क में लगभग 13 साल काम किया।

किशोर ने थाईलैंड के बैंकॉक स्थित एशियाई प्रौद्योगिकी संस्थान से शहरी नियोजन, भूमि और आवास विकास में 'मास्टर ऑफ साइंस' और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रूड़की से वास्तुकला में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है।

 

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