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मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स योजना के तहत 140 विधानसभा क्षेत्रों में होगा खेल परिसरों का निर्माण- 962 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति

बुनियादी ढांचे, कृषि विस्तार और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण को नई गति देने के उद्देश्य से लगभग 13 हजार 790 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स योजना के तहत 140 विधानसभा क्षेत्रों में होगा खेल परिसरों का निर्माण- 962 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति
शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर के लिए 13 पदों के सृजन को स्वीकृति
राजगढ़ की सुठालिया सिंचाई परियोजना की निरन्तरता के लिए 262 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति
नीमच जिले की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिए 4 हजार 197 करोड़ की स्वीकृति
राजगढ़ की पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना की निरन्तरता के लिए 507 करोड़ 23 लाख रुपये की स्वीकृति
ग्राम न्यायालय योजना के संचालन के लिए 554 करोड़ 61 लाख रूपये की स्वीकृति
2800 मेगावाट ताप विद्युत क्रय किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी
म.प्र. विधिक सहायता तथा विधिक सलाह बोर्ड की स्थापना की निरंतरता के लिए 524 करोड़ की स्वीकृति
परिवार न्यायालयों की स्थापना के संचालन के लिए 1 हजार करोड़ की स्वीकृति
उच्च न्यायालय (भारित) की निरंतरता के लिए 2,015.60 करोड़ रुपए की स्वीकृति
वाणिज्यिक कर विभाग की 6 योजनाओं के लिए की निरंतरता के लिए 969 करोड़ 87 लाख रुपए की स्वीकृति
मैहर, पांदुर्णा और सिंगरौली में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के कार्यालय स्थापित करने के लिए 18 पदों की स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक में लिये गए निर्णय

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश में बुनियादी ढांचे, कृषि विस्तार और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण को नई गति देने के उद्देश्य से लगभग 13 हजार 790 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट बैठक में खिलाड़ियों और खेलों के विकास, किसानों, युवाओं, न्यायिक व्यवस्था और आम नागरिकों से जुड़े कई दूरगामी व जनहितैषी निर्णय लिए गए।

प्रदेश की खेल और युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के निर्माण व संचालन के लिए 962 करोड़ 50 लाख रूपये की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। इन खेल परिसरों का नाम मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स होगा। 16वें वित्त आयोग के तहत उच्च न्यायालय (भारित), परिवार न्यायालयों, ग्राम न्यायालयों और विधिक सहायता बोर्ड के सुचारू संचालन के लिए 4,000 करोड़ रूपये से अधिक की वित्तीय निरंतरता मंजूर की गई। इसके अलावा वाणिज्यिक कर विभाग की 6 प्रमुख योजनाओं, शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर में 13 निरंतरता के साथ ही नवीन पदों तथा नवगठित जिलों मैहर, पांढुर्णा एवं सिंगरौली में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के नए कार्यालयों व पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई।

सिंचाई क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगामी पांच वर्षों 2026-2031 के लिए नीमच की महत्वाकांक्षी जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 4,197 करोड़ 58 लाख रूपये तथा राजगढ़ की सुठालिया एवं पार्वती रिन्सी परियोजनाओं के लिए क्रमशः 262 करोड़ 63 लाख रूपये और 507 करोड़ 23 लाख रूपये की निरंतरता की स्वीकृत दी गई, जिससे 88 हजार हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित होगी। इसके साथ ही प्रदेश की भविष्य की बिजली जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए 2800 मेगावॉट ताप विद्युत क्रय करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई।

राजगढ़ की सुठालिया सिंचाई परियोजना की निरन्तरता के लिए 262 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने राजगढ़ जिले की सुठालिया सिंचाई परियोजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 262 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इस परियोजना का मुख्य उ‌द्देश्य राजगढ़ जिले के 40,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई पद्धति द्वारा सिंचाई क्षमता विकसित करना है।

नीमच जिले की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिए 4 हजार 197 करोड़ की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने नीमच जिले की जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना की आगामी 5 वर्षो 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरन्तरता के लिए 4 हजार 197 करोड़ 58 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। जावद नीमच परियोजना एक दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई योजना है, जिससे सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से खेतों तक पानी पहुँचाया जाएगा। परियोजना का मुख्य उद्देश्य उन्नत सिंचाई तकनीक (दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई) के माध्यम से पानी की बचत और सिंचाई क्षमता में वृद्धि करते हुये क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाना हैl

राजगढ़ की पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना की निरन्तरता के लिए 507 करोड़ 23 लाख रुपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने राजगढ़ की पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना की आगामी 05 वर्षो यानि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 507 करोड़ 23 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांध निर्माण कर राजगढ़ जिले की 48,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करना है।

2800 मेगावाट ताप विद्युत क्रय किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी

मंत्रि-परिषद् ने ऊर्जा विभाग की एम.पी. पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी डीबीएफओओ मॉडल बिडिंग दस्तावेजों के आधार पर कुल 2800 मेगावाट ताप विद्युत जिसके अंतर्गत मध्यप्रदेश में मौजूदा निर्माणाधीन एवं राज्य में ही प्रस्तावित नवीन (ग्रीन फील्ड/ब्राउन फील्ड) ताप विद्युत परियोजनाओं से प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के माध्यम से विद्युत क्रय के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

उल्लेखनीय है कि मंत्रि-परिषद् द्वारा 24 जनवरी 2025 को लिए निर्णय के अंतर्गत 900 मेगावाट ताप विद्युत क्रय से संबंधित अनुमोदन उक्त निविदा के निरस्त हो जाने के फलस्वरूप वर्तमान प्रस्ताव के अनुसार 2800 मेगावाट ताप विद्युत क्रय में समाहित माना जाएगा। एम.पी. पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी डीबीएफओओ मॉडल बिडिंग दस्तावेजों के आधार पर कुल 2800 मेगावाट ताप विद्युत जिसके अंतर्गत मध्यप्रदेश में मौजूदा/निर्माणाधीन एवं राज्य में ही प्रस्तावित नवीन (ग्रीन फील्ड/ब्राउन फील्ड) ताप विद्युत परियोजनाओं से प्रतिस्पर्धात्मक निविदा प्रक्रिया के माध्यम से विद्युत क्रय के लिए आवश्यक कार्यवाही किए जाने की स्वीकृति दी है। प्रकरण में नियामक आयोग के अनुमोदन एवं आदेश के अनुसार समस्त आगामी कार्यवाही के लिए प्रबंध संचालक एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी को अधिकृत किया गया है।

140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर निर्माण और संचालन के लिए मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स योजना के अंतर्गत 962 करोड़ 50 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग के तहत प्रदेश के 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर निर्माण व संचालन के लिए के लिए 962 करोड़ 50 लाख रूपये की सैध्दांतिक सहमति प्रदान की है। इन खेल परिसरों का नामकरण मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स काम्पलेक्स किए जाने के साथ ही मुख्य मैदान के बीच में स्थायी हैलीपैड बनाने का भी निर्णय लिया गया। हैलीपैड बनने से पीएमयोजना के हैलीकाप्टर्स का आवागमन सुगम और सुचारू हो सकेगा।

ग्राम न्यायालय योजना के संचालन के लिए 554 करोड़ 61 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने ग्राम न्यायालय योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रेल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 554 करोड़ 61 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में राज्य के समस्त ग्राम न्यायालयों में पदस्थ समस्त न्यायिक अधिकारियों एवं न्यायालयीन कर्मचारियों के वेतन, भत्ते एवं कार्यालयीन व्ययों का भुगतान किया जाता है। ग्राम न्यायालयों में विधि अनुसार प्रस्तुत प्रकरणों का निराकरण भी किया जाता है

म.प्र. विधिक सहायता तथा विधिक सलाह बोर्ड की स्थापना की निरंतरता के लिए 524 करोड़ की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने विधि विभाग के अंतर्गत म.प्र. विधिक सहायता तथा विधिक सलाह बोर्ड की स्थापना योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रेल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिये निरंतरता के लिए 524 करोड़ रूपये की अनुमति प्रदान की है।

परिवार न्यायालयों की स्थापना के संचालन के लिए 1 हजार करोड़ की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पंजीयक, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के अंतर्गत संचालित योजना "परिवार न्यायालयों की स्थापना" को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रेल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिये निरंतरता के लिए 1 हजार करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की है।

उच्च न्यायालय (भारित) की निरंतरता के लिए 2,015.60 करोड़ रुपए की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पंजीयक, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के अंतर्गत संचालित योजना "उच्च न्यायालय (भारित)" को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रेल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता के लिए 2,015 करोड़ 60 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की है।

वाणिज्यिक कर विभाग की 6 योजनाओं की निरंतरता के लिए 969 करोड़ 87 लाख रुपए की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए वाणिज्यिक कर विभाग के अंतर्गत संचालित 6 योजनाओं को आगामी पांच वर्षों वित्तीय वर्ष 2026-2027 से वर्ष 2030- 2031 तक की अवधि के लिए निरंतर रखने के लिए कुल 969 करोड़ 87 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इसमें संपदा ई-रजिस्ट्री योजना के लिए 62 करोड़ रूपये, स्टाम्पों की बिक्री पर व्यय योजना के लिए 664 करोड़ रूपये, स्टाम्पों की लागत योजना के लिए 175 करोड़ रूपये, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण योजना के लिए 12 करोड़ 50 लाख रूपये, डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम योजना के लिए 46 करोड़ 37 लाख रूपये और जिला/उप पंजीयक कार्यालय भवन निर्माण/विस्तार योजना के लिए 10 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर के लिए 13 पदों के सृजन को स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने दंत चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर में प्राध्यापक के 1, सह- प्राध्यापक के 10 तथा सहायक प्राध्यापक के 02 पद इस प्रकार कुल 13 नवीन चिकित्सा शिक्षकों के पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की है। अब बीडीएस पाठ्यक्रम की सीटें 63 से बढ़ाकर 100 एवं एमडीएस पाठ्यक्रम की सीटे 35 से बढ़ाकर 44 करने का लक्ष्य है। इस दृष्टि से 13 नवीन शिक्षकीय पदों के सृजन एवं इस पर प्रतिवर्ष लगभग रुपए 03 करोड़ 78 लाख का व्यय आना संभावित है।

मैहर, पांदुर्णा और सिंगरौली में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के कार्यालय स्थापित करने के लिए 18 पदों की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद की बैठक में नवगठित जिले मैहर व पांदुर्णा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का जिला कार्यालय एवं सिंगरौली जिले के चितरंगी ब्लाक में विभाग का अनुविभागीय कार्यालय स्थापित करने तथा उक्त कार्यालयों में पद स्वीकृत करने एवं कार्यालय संचालन के लिए व्यय भार के लिए वित्तीय प्रावधान किये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रि-परिषद् ने नवगठित मैहर जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का जिला कार्यालय स्थापित कर उचेहरा विकासखंड को नवगठित जिला मैहर में शामिल नहीं किये गया है अतः विकासखण्ड उचेहरा को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी अनुविभाग सतना में शामिल करते हुए जिला कार्यालय मैहर के लिए 05 नवीन स्थायी पद स्वीकृत किये जाने तथा कार्यालय सहायक के लिए 02 व्यक्ति आउटसोर्स के माध्यम से नियोजित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। नवगठित पांढुर्णा जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का जिला कार्यालय स्थापित किए जाने के लिए 05 नवीन स्थायी पद स्वीकृत किये जाने तथा कार्यालय सहायक के लिए 02 व्यक्ति आउटसोर्स के माध्यम से नियोजित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। इसी तरह सिंगरौली जिले के चितरंगी ब्लाक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का अनुविभागीय कार्यालय स्थापित किए जाने के लिए 03 नवीन स्थायी पद स्वीकृत करने तथा कार्यालय सहायक के लिए 01 व्यक्ति आउटसोर्स के माध्यम से नियोजित करने की स्वीकृति प्रदान की गई।

 

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