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विदेश

जर्मनी से 5000 अमेरिकी सैनिक वापस, ट्रंप ने मर्केल पर क्यों उठाए सवाल?

 वाशिंगटन

अमेरिकी रक्षा विभाग 'पेंटागन' ने जर्मनी से अपने 5000 सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया है. यह कदम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच ईरान युद्ध को लेकर तनातनी बढ़ गई है. मर्ज ने ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने को लेकर अमेरिका की आलोचना की थी और उसकी रणनीति पर सवाल उठाए थे. उन्होंने यह भी कहा था कि ईरान के सामने अमेरिका को जिल्लत का सामना करना पड़ा है। 

इसके जवाब में ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के नेतृत्व को बेहद खराब बताया. अमेरिकी ने कहा कि मर्ज के नेतृत्व में जर्मनी को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें इमिग्रेशन और ऊर्जा संकट शामिल हैं. बता दें कि अमेरिका की जर्मनी में बड़ी सैन्य मौजूदगी है, जहां उसके करीब 36,000 सैनिक तैनात हैं. इनमें से कई सैनिक रामस्टीन एयर बेस जैसे प्रमुख ठिकानों पर तैनात हैं। 

अगले 6 से 12 महीने में वापस आएंगे सैनिक

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने बताया कि जर्मनी से 5000 सैनिकों को वापस बुलाने का  फैसला रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के निर्देश पर लिया गया है और इसे अगले 6 से 12 महीनों में पूरा किया जाएगा. ट्रंप ईरान युद्ध में सहयोग नहीं देने के लिए नाटो के सदस्य देशों की आलोचना करते रहे हैं और इस सैन्य गठबंधन के औचित्य पर सवाल उठाया है. उन्होंने इटली और स्पेन से भी अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने का संकेत दिया है। 

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने इससे पहले कहा था कि अमेरिका के पास कोई स्पष्ट रणनीति नहीं है और ईरान शांति वार्ता में बेहद चालाकी दिखा रहा है. इस पर ट्रंप ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि मर्ज ईरान के परमाणु हथियार रखने के पक्ष में हैं और उन्हें स्थिति की समझ नहीं है. बता दें कि जर्मनी में अमेरिकी सैन्य तैनाती यूरोप में सबसे बड़ी है, जबकि इटली और ब्रिटेन में भी उसके हजारों सैनिक मौजूद हैं। 

पूर्वी यूरोप के देशों में रूस को लेकर चिंता बढ़ी
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान 2020 में भी जर्मनी से 12,000 अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने का प्रस्ताव दिया था, जिसे बाद में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रद्द कर दिया था. अब फ्रेडरिक मर्ज के नेतृत्व वाली सरकार ने जर्मनी के डिफेंस बजट में भारी बढ़ोतरी की है और 2027 तक इसे देश की जीडीपी के 3% से अधिक तक ले जाने की योजना बनाई है. वहीं, अमेरिका पहले ही रोमानिया में अपनी सैन्य मौजूदगी घटाने का फैसला कर चुका है, जिससे पूर्वी यूरोप के देशों में रूस को लेकर चिंता बढ़ गई है। 

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