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राजनीति

चुनाव आयोग ने ममता के आरोपों को किया खारिज

कहा- नंदीग्राम के पोलिंग बूथ पर धांधली की बात में सच्चाई नहीं

कोलकाता, (RIN)। पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान 1 अप्रैल को ममता ने चुनाव आयोग से चि_ी लिखकर शिकायत की थी कि बूथ नंबर-7 में सेंट्रल फोर्स के जवानों ने वोटर को वोट डालने नहीं दिया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नंदीग्राम में पोलिंग बूथ पर धांधली की शिकायत के बाद चुनाव आयोग ने रविवार को जवाब दिया। अपने जवाब में चुनाव आयोग ने ममता के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। आयोग ने कहा कि ममता ने जो आरोप लगाए थे, उनमें कोई सच्चाई नहीं पाई गई। ईसी ने कहा कि बीएसएफ जवानों की ओर से वोटिंग के दौरान गड़बड़ी किए जाने का भी कोई सबूत नहीं मिला है। इस दौरान कोई बाहरी व्यक्ति पोलिंग बूथ के अंदर नहीं गया, जिससे पोलिंग प्रभावित हो सके। ममता ने नंदीग्राम में प्राइमरी स्कूल में बने बूथ नंबर-7 में गड़बड़ी होने का आरोप लगाया था। जिसके बाद आयोग ने इसके जवाब में पूरी टाइमलाइन जारी की। इसमें सुबह 5.30 बजे की मॉकड्रिल से लेकर सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू होने और शाम तक वोटिंग खत्म होने तक का सिलसिलेवार ब्योरा दिया गया है। आयोग ने कहा कि बूथ नंबर-7 में वोटिंग शुरू होने से पहले वहां मौजूद सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के पोलिंग एजेंट्स की मौजूदगी में मॉकड्रिल हुई और उसके बाद वोटिंग हुई।आयोग ने कहा कि ड्यूटी के दौरान सेंट्रल फोर्स के जवान न बूथ के अंदर गए और न ही किसी वोटर को अंदर जाने से रोका। चुनाव आयोग ने अपने 6 पेज के जवाब के साथ ममता की चि_ी भी सार्वजनिक की है, जो उन्होंने आयोग को लिखी थी।

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