मध्यप्रदेश

वन विभाग में पर्यटकों के लिये साईकिल

वन विभाग बनेगा मॉडल विभाग : वन मंत्री चौहान

वन और पर्यावरण संरक्षण में सभी के सहयोग से करेंगे बेहतर कार्य : वन मंत्री चौहान

भोपाल

वन, पर्यावरण और अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने तुलसी नगर स्थित वन भवन में अधिकारियों की बैठक में कहा कि वन और पर्यावरण संरक्षण में सभी के सहयोग से बेहतर कार्य कर वन विभाग को प्रदेश में एक मॉडल के रूप में पहचान दिलाएंगे।

वन मंत्री चौहान ने वन अधिकारियों को उनके अधिकार क्षेत्र के प्रकरणों में तत्परता से कार्रवाई करने के निर्देश दिये। जिससे जन-सामान्य की समस्याओं का निराकरण हो सके। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद आदिवासियों को आवास उपलब्ध होने से वनवासियों में बदलावा आया है। अब अनुसूचित जनजाति का व्यक्ति विकास की मुख्य धारा से जुड़ गया है। वन मंत्री चौहान ने कहा कि वन विभाग में वानिकी की गतिविधियों के मामले में प्रदेश अग्रणी राज्य है।

बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अभय पाटिल और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

वन विभाग में पर्यटकों के लिये साईकिल

भोपाल

वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में पर्यटकों के उपयोग के लिये वर्तमान में कुल 211 साईकिल संचालित की जा रही हैं। साईकिलों में से मात्र 106 साईकिल ही अच्छी हालत में पर्यटकों हेतु वन विहार के दोनों प्रवेश द्वारों पर उपलब्ध है। वन विहार द्वारा संचालित की जा रही साईकिलों के रखरखाव पर व्यय अधिक हो रहा है एवं पर्यटकों को भी असुविधा होने से उनके द्वारा इस सम्यंध में शिकायत भी की जाती है। अतः वन विहार प्रबंधन ने 105 साईकिल संचालन से बाहर करने का निर्णय लिया है। स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कार्पोरेशन द्वारा वन विहार के प्रवेश द्वार क्रमांक 1 एवं 2 के बाहर साईकिल स्टैंड स्थापित किये गये है जिनसे वे आमजन को साईकिलें किराये पर उपलब्ध कराते हैं। वन विहार भ्रमण के लिये आने वाले पर्यटक स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड के साईकिल स्टैंड से निर्धारित शुल्क अदा कर साईकिल से वन विहार के प्रवेश द्वार क्रमांक 1 एवं 2 पर वर्तमान में निर्धारित शुल्क रूपये 30/- प्रति साईकिल (एक व्यक्ति) प्रदाय कर टिकिट लेकर वन विहार में भ्रमण कर सकेंगे या अपनी स्वयं की साईकिल से भी भ्रमण करने आ सकते हैं। दो पहिया वाहन/अन्य वाहन से आने वाले पर्यटक अपना वाहन निर्धारित सवारी क्षमता अनुसार ही पर्यटकों के साथ ही आयें।

वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में 36 वर्षीय अतिवृद्ध नर भालू बबलू का निधन

भोपाल

वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में प्रात: 36 वर्षीय अतिवृद्ध नर भालू बबलू का निधन हो गया है। वृद्धावस्था के कारण यह नर भालू विगत 4-5 दिन से अस्वस्थ दिख रहा था एवं अपना पूरा भोजन नहीं ले पा रहा था। इस नर भालू को वन विहार के वन्यप्राणी चिकित्सक द्वारा अपनी निगरानी में लेकर समुचित उपचार किया गया। वृद्धावस्था के कारण इसके आंतरिक अंगो में कमजोरी परिलक्षित हो रही थी। उल्लेखनीय है कि उक्त नर भालू को राजस्थान में कलंदर से मुक्त कराया जाकर दिनांक 06.05.2006 को 19 वर्ष की आयु में वन विहार लाया गया था। वन विहार में वाइल्ड लाइफ एसओएस द्वारा उक्त भालू की देखदेख की जा रही थी। मृत मादा भालू का पोस्ट मार्टम संचालक वन विहार एवं सहायक संचालक वन विहार तथा अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के वन्यप्राणी चिकित्सक डा. अतुल गुप्ता एवं वाईल्ड लाईफ एसओएस वन विहार के वन्यप्राणी चिकित्सक डा. रजत कुलकर्णी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। प्रथम दृष्टया मृत्यु का कारण Multiple organ failure परिलक्षित हुआ है। मृत नर भालू का पोस्ट मार्टम उपरांत नियमानुसार वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में दाह संस्कार कर दिया गया। उक्त मृत नर भालू के महत्वपूर्ण अवयवों का सेम्पल लिया जाकर परीक्षण के लिये स्टेट वाईल्डलाईफ फॉरेंसिक एंड हैल्थ, वेटरीनरी कालेज जबलपुर भेजा जा रहा है।

 

 

 

 

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