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आतिशी…’, सौरभ भारद्वाज ने बताई AAP नेताओं की गिरफ्तारी का कालक्रम

नई दिल्ली
 दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी का कहना है कि उन्हें भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया है। आतिशी के मुताबिक, उनसे कहा गया है कि यदि वह भाजपा में शामिल नहीं होती हैं तो उन्हें आने वाले दिनों में गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उनके एक नजदीकी सहयोगी को इसके लिए अप्रोच किया गया था।

उन्होंने कहा कि इस पूरी कवायद का उद्देश्य लोकसभा चुनाव से पहले उनकी पार्टी की एकता और ताकत को बाधित करना है।

मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में आतिशी ने घोषणा की कि आगामी दो महीनों में उन्हे, सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक और राघव चड्ढा को गिरफ्तार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह कदम 'आप' के नेतृत्व को खत्म करने के लिए उठाया जाएगा।

आतिशी का कहना है कि भाजपा के प्रस्ताव का पालन करने से इनकार करने पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा एक महीने के भीतर उनकी गिरफ्तारी हो सकती है।
आतिशी ने कहा कि पहले आप के शीर्ष नेताओं को गिरफ्तार किया। अब भाजपा लोकसभा चुनाव से पहले आप के चार और नेताओं को गिरफ्तार करवाना चाहती है। आतिशी ने कहा, 'वो मुझे, सौरभ भारद्वाज, दुर्गेश पाठक और राघव चड्ढा को गिरफ्तार करेंगे।' इस बीच भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने आतिशी के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि उन्हें बताना चाहिए कि किसने उनसे संपर्क किया है ताकि उसे पकड़ा जा सके। आम आदमी पार्टी के नेताओं की ओर से पहले भी इस तरह के आरोप लगाए गए और भाजपा ने हर बार उसने सबूत की मांग की है।

आतिशी ने कहा कि भाजपा ने उम्मीद की थी कि केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी टूट जाएगी। लेकिन रविवार को रामलीला मैदान की रैली के बाद जिसमें लाखों लोग आए, पिछले 10 दिन से आम आदमी पार्टी के सड़क पर चल रहे संघर्ष के बाद भाजपा को लग रहा है कि आप के चार नेताओं को गिरफ्तार करना काफी नहीं, अब आप के चार और नेताओं को गिरफ्तार किया जाएगा। आप नेता ने आशंका जाहिर की कि उनके घर पर आने वाले समय में छापेमारी की जाएगी, समन भेजा जाएगा और गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

ईडी की ओर से उनके नाम का जिक्र कोर्ट में किए जाने को लेकर जब सवाल किया गया कि क्या उनकी गिरफ्तारी हो सकती है तो आतिशी ने कहा, 'यह बिलकुल संभव है। कल जो ईडी ने सौरभ और मेरा नाम लिया, वह एक ऐसे बयान के आधार पर लिया जो पहले से सीबीआई और ईडी की चार्जशीट में है। इस बयान को इसलिए उठाया गया कि भाजपा को लग रहा है कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के जेल जाने के बाद भी आम आदमी पार्टी जमीन पर मजबूती से लड़ रही है तो दूसरी पंक्ति के नेताओं को गिरफ्तार किया जाए।

सोमवार को ईडी ने केजरीवाल को कोर्ट में पेश करते हुए दावा किया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने विजय नायर के संबंध में अपने मंत्रियों आतिशी और सौरभ भारद्वाज का नाम लिया है। ईडी के मुताबिक, केजरीवाल से जब विजय नायर से संबंधों को लेकर सवाल किए गए तो उन्होंने कहा कि उनके बीच संपर्क कम था। कथित तौर पर केजरीवाल ने कहा कि नायर उन्हें नहीं बल्कि आतिश और सौरभ को रिपोर्ट करता था। यह पहली बार है जब आतिशी और सौरभ भारद्वाज का भी नाम कथित शराब घोटाले में लिया गया है।

जिस वक्त ईडी ने कोर्ट में यह दावा किया वहां आतिशी भी मौजूद थीं। कोर्ट से जब आतिशी निकलीं तो मीडिया कर्मियों ने नाम लिए जाने पर उनसे प्रतिक्रिया मांगी, लेकिन आप नेता बिना कोई जवाब दिए चुपचाप निकल गईं। दिनभर आतिशी और सौरभ भारद्वाज की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं है। इसको लेकर भाजपा नेताओं ने चुटकी भी ली। हालांकि, आप नेता जैस्मिन शाह ने कहा कि यह कोई नहीं बात नहीं है। शाह ने कहा कि जब विजय नायर को पहली बार हिरासत में लिया गया था तब उन्होंने भी यही कहा था कि वह केजरीवाल को नहीं बल्कि आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करते थे। आप नेता ने पूछा कि जो फैक्ट पहले से कोर्ट के सामने है उसे दोबारा ईडी क्यों उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी आप के और नेताओं को गिरफ्तार करना चाहती है।   

आम आदमी पार्टी नेता के मुताबिक विजय नायर की रिपोर्टिंग से संबंधित बयान पहले से ही ईडी और सीबीआई के पास हैं। यह बयान करीब बीते डेढ़ वर्ष से ईडी के पास है। उन्होंने कहा, "इन पुराने बयानों को पुनर्जीवित करने में भाजपा की अचानक दिलचस्पी बढ़ गई है। यह हरकत आम आदमी पार्टी को कमजोर करने की उनकी हताशा को रेखांकित करती है। अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसौदिया, संजय सिंह और सत्येन्द्र जैन जैसे प्रमुख नेताओं को जेल में इसीलिए डाला गया है ताकि आम आदमी पार्टी कमजोर हो सके, लेकिन दिल्ली सरकार अभी भी अच्छी तरह से अपना काम कर रही है।"

आतिशी ने आरोप लगाया कि भाजपा की रणनीति आम आदमी पार्टी के नेतृत्व को व्यवस्थित रूप से कमजोर करना है जिससे आगामी चुनावी लड़ाई से पहले इसकी नींव और संभावनाएं कमजोर हो जाए, लेकिन ऐसा नहीं होगा।

सोमवार को दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री की न्यायिक हिरासत के लिए ईडी की अर्जी में कहा गया था कि अपने बयान में अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि एक आरोपी विजय नायर 'आप' नेता आतिशी और सौरभ भारद्वाज को रिपोर्ट करता था, न कि उन्हें। '

आप' के पूर्व संचार प्रभारी विजय नायर को जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किया था। इस मामले में साउथ ग्रुप के सदस्य – के. कविता, एस रेड्डी, राघव मगुंटा और 'आप' नेता मनीष सिसौदिया एवं संजय सिंह को भी गिरफ्तार किया गया।

ईडी ने कहा था कि विजय नायर की बातचीत और रिपोर्टिंग के बारे में पूछे जाने पर, सीएम केजरीवाल ने कहा कि नायर उन्हें नहीं बल्कि मंत्रि आतिशी और भारद्वाज को रिपोर्ट करते थे और संचार प्रभारी के साथ उनकी बातचीत सीमित थी। विजय नायर के बयानों से पता चलता है कि वह एक कैबिनेट मंत्री के बंगले में रहे और सीएम के कैंप कार्यालय से काम करता था।

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