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लालू की राजनैतिक ‘फिरकी’ से कन्हैया, पप्पू, निखिल ‘आउट’, फंसी कांग्रेस

पटना
बिहार में महागठबंधन ने शुक्रवार को सीट बंटवारे की घोषणा कर दी। राजद जहां 26 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, वहीं कांग्रेस को नौ और वामपंथी दलों के हिस्से में पांच सीटें आई हैं। साफ तौर पर देखा जाए तो पिछले चुनाव से राजद को ज्यादा सीटें मिली हैं, जबकि कांग्रेस को औरंगाबाद जैसी परंपरागत सीटों से भी हाथ धोना पड़ा है। पिछले चुनाव में बेगूसराय से सीपीआई के टिकट पर कन्हैया कुमार केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के खिलाफ चुनाव लड़े थे और उन्हें हार मिली थी। इसके बाद कन्हैया कांग्रेस में आ गए।

कांग्रेस इस चुनाव में कन्हैया को बेगूसराय से चुनाव लड़ाना चाहती थी, लेकिन इस सीट से सीपीआई ने सीट बंटवारे के पहले ही अवधेश राय को प्रत्याशी घोषित कर दिया। इधर, कांग्रेस को अपनी परम्परागत सीट औरंगाबाद भी छोड़नी पड़ी। इस सीट पर राजद ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। इस सीट से कांग्रेस के नेता निखिल कुमार चुनाव लड़ना चाहते थे।

पूर्णिया सीट पर कांग्रेस हाल ही में पार्टी में आए पूर्व सांसद पप्पू यादव को चुनाव लड़ाना चाहती थी। यादव ने कुछ दिन पहले ही अपनी जन अधिकार पार्टी का विलय कांग्रेस में कर दिया था। अब पूर्णिया सीट भी राजद के कोटे में चली गई। राजद यहां बीमा भारती को सिंबल दे चुकी है। भारती ने भी कुछ दिन पहले ही जदयू को छोड़कर राजद का दामन थामा है।

दीगर बात है कि पप्पू यादव सीट बंटवारे के बाद भी पूर्णिया से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि सीमांचल की जनता कांग्रेस से प्यार करती है। उन्होंने आज फिर दोहराया कि वे पूर्णिया छोड़कर कहीं नहीं जा रहे।

पिछले चुनाव में महागठबंधन की ओर से राजद ने 20, कांग्रेस 9, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) 5, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) 3 और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने 3 सीट पर चुनाव लड़े थे।

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