राजनीति

उत्तर प्रदेश की पीलीभीत लोकसभा सीट से वरुण गांधी का टिकट गया, पर भाजपा से बागी नहीं होंगे वरुण गांधी?

पीलीभीत नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश की पीलीभीत लोकसभा सीट से वरुण गांधी का टिकट गया है। भाजपा ने उनके स्थान पर 2021 में भाजपा में आए जितिन प्रसाद को मौका दिया है, जो योगी सरकार में मंत्री भी हैं। भाजपा की 5वीं लिस्ट से वरुण गांधी का नाम गायब होना ही सबसे अहम खबर थी, लेकिन अब तक उनका कोई बयान नहीं आया है। वरुण गांधी के बारे में पहले चर्चा थी कि वह भाजपा से टिकट न मिलने पर निर्दलीय ही उतर सकते हैं। उनके निजी सचिव की ओर से नामांकन पत्रों के 4 सेट भी खरीदने की बात सामने आई थी, लेकिन अब उनका रुख पलटता दिख रहा है।

वरुण गांधी को कांग्रेस की ओर से खुला ऑफर भी मिला है, लेकिन वह भाजपा से बागी होकर न तो निर्दलीय लड़ेंगे और न ही किसी दूसरे दल में फिलहाल जाएंगे। वरुण गांधी के करीबी सूत्रों का कहना है कि भाजपा से टिकट कटने पर वह छला हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद थी कि पीलीभीत से उनको फिर चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा। अब वह दिल्ली से पीलीभीत भी नहीं आ रहे हैं। हालांकि पहले खबर थी कि उन्होंने अपने सचिव को भेजकर नामांकन पत्र मंगवाएं हैं। इसके अलावा पीलीभीत के हर गांव से दो कारों और 10 बाइकों के साथ समर्थकों को तैयार रहने को कहा था।
 
अब उनका इरादा बदलता दिख रहा है। इसकी एक वजह यह है कि भाजपा ने उन्हें टिकट तो दिया नहीं और खुलकर बागी होने का मौका भी नहीं दिया है। दरअसल सुल्तानपुर लोकसभा सीट से उनकी मां मेनका गांधी को टिकट मिला है। ऐसे में वरुण गांधी को लगता है कि अब यदि वह पार्टी लाइन से अलग हटे तो फिर मेनका गांधी पर भी इसका असर होगा। ऐसी स्थिति में वह फिलहाल चुप ही रहना चाहते हैं। उनके अगले कदम की अभी कोई जानकारी नहीं है, लेकिन यह तय माना जा रहा है कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे।

ऑफर देकर बोले अधीर- गांधी परिवार से होने की मिली सजा
इस बीच कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने उन्हें खुला ऑफर दिया है। चौधरी ने कहा कि वरुण गांधी का रिश्ता गांधी फैमिली से है, इसलिए उन्हें टिकट नहीं मिला है। यदि वह कांग्रेस में आना चाहें तो हम उनका वेलकम करेंगे। अधीर रंजन चौधरी ने कहा, 'वरुण गांधी को कांग्रेस में आना चाहिए। अगर वह आए तो हमें खुशी होगी। वरुण गांधी एक कद्दावर और बेहद काबिल नेता हैं।' उन्होंने कहा कि उनका गांधी परिवार से संबंध है इसलिए भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया। हम चाहते हैं कि अब वरुण गांधी कांग्रेस में आ जाएं। बता दें कि पीलीभीत में पहले राउंड में मतदान होना है और 27 मार्च को नामांकन की आखिरी तारीख है। अब तक वरुण कैंप की हलचल बता रही है कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे।

 

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