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रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए सिंगल विंडो सुविधा, मध्यप्रदेश में नए पेंशन नियम 2026 से लागू

भोपाल
मध्य प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी और पेंशन अब नहीं अटकेगी. वित्त विभाग इसके लिए कई नए प्रयोग करने जा रहा है. रिटायर्ड होने वाले कर्मचारियों के लिए नेक्स्ट जेन परियोजना शुरू की जा री है, इसमें कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए अलग-अलग मॉड्यूल तैयार किए जा रहे हैं. इसमें रिटायर्ड होने के बाद कर्मचारियों को पेंशन जैसी अन्य सुविधाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे. वहीं, राज्य सरकार अगले साल से एक पेंशन नियम भी लागू करने जा रही है.

वेतन से जीपीएफ तक सब ऑनलाइन

उपमुख्यमंत्री और वित्त विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे जगदीश देवड़ा पिछले 2 साल की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजना को लेकर पत्रकारों से रू-ब-रू हुए. वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि "प्रदेश के कर्मचारियों को ध्यान में रखकर कई नवाचार किए हैं, ताकि उन्हें वेतन, पेंशन आदि के लिए परेशान न होना पड़े. राज्य सरकार ने कर्मचारियों के जीपीएफ के सभी डाटा और प्रोसेस को ऑनलाइन कर दिया है, ताकि रिटायरमेंट के बाद समय सीमा में उन्हें भुगतान मिल सके. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सुविधा के लिए विभागीय भविष्य निधि को भी पूरी तरह से ऑनलाइन किया जा रहा है, ताकि उन्हें अपने स्वत्वों का भुगतान बिना किसी परेशानी के हो सके. इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में भोपाल जिले में लागू किया गया है और जल्द ही इसे प्रदेश स्तर पर लागू किया जाएगा."

रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए सिंगल विंडो

वित्त मंत्री बताया कि वेतन निर्धारण की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन किया गया है. इसमें 100 फीसदी ई पे निर्धारित किया गया है. इसकी वजह से 90 फीसदी से ज्यादा कर्मचारियों को हर माह की 1 तारीख को वेतन मिल जाता है. इसके अलावा क्रेन्द्रीयकृत पे-बिल जनरेट किए जाने की व्यवस्था शुरू की गई है. इसके माध्यम से प्रदेश के सभी 6 हजार डीडीओ को सेंट्रलाइज सिस्टम से जोड़ा गया है, कोई भी डीडीओ सभी श्रेणी के कर्मचारियों के पे-बिल जनरेट कर सकेगा.

रिटायर्ड कर्मचारियों को सिंगल विंडो सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नेक्स्ट जेन परियोजना के तहत नया सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है. 123 करोड़ की लागत से तैयार हो रही इस परियोजना में कर्मचारियों के लिए अलग-अलग मॉड्यूल बनाए जा रहे हैं. इसमें एआई की मदद भी ली जाएगी.

क्यू आर कोड से मिलेगी जानकारी

पेंशनर्स के दावों और भुगतान की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए पेंशन प्रकरणों का डिजीटलीकरण किया जा रहा है. अब पेंशन भुगतान आदेश डिजिटल सिग्नेचर से जारी होंगे और इससे पेंशन आदेश खोने, फटने की समस्या खत्म हो जाएगी. पेंशन आदेश और बाकी सभी दस्तावेजों पर क्यूआर कोड होगा. इसे मोबाइल से स्कैन कर इसकी डिटेल पेंशनर्स कभी भी देख सकेंगे. इसे डिजी लॉकर से भी जोड़ा जाएगा.

वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक रस्तोगी ने बताया कि "सरकार अगले साल से नए पेंशन नियम लागू करने जा रही है. अभी सरकारी कर्मचारियों को अपनी मर्जी से फंड मैनेजर का चयन करने और साल में एक बार बदलने का अधिकार दिया गया है. इसके अलावा इक्विटी में निवेश बढ़ाने के अधिकार दिए गए हैं.

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