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उत्तर प्रदेश

‘राजा को प्रजा से प्रेम होना चाहिए, न कि द्वेष’ — अनिरुद्धाचार्य का अखिलेश यादव पर सीधा निशाना

लखनऊ
समाजवादी पार्टी चीफ अखिलेश यादव और अनिरुद्धाचार्य के बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसमें अखिलेश यादव ने अनिरुद्धाचार्य से कहा था कि उनके रास्ते अलग-अलग हैं। अब इसे लेकर अनिरुद्धाचार्य ने सपा प्रमुख पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि राजा अगर प्रजा के प्रति द्वेष रखेगा तो देश की सेवा कैसे कर पाएगा।

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने अखिलेश यादव पर तंज कस हुए कहा,"एक नेता ने रास्ते में हमसे पूछा कि भगवान का नाम क्या है, मैंने कहा कि भगवान के बहुत सारे नाम हैं आप बताओं आपकों कौन सा सुनना है। दरअसल जब कोई व्यक्ति सवाल करता है तो पहले एक चीज याद कर लेता है। जब आप वहीं बताएंगे तो उसे लगता है कि आप ठीक बता रहे हैं लेकिन वह नहीं बताया तो उसे लगेगा कि गलत बता रहे हैं। अगर कोई मां अपने बेटे से सवाल करे कि ये बताओ लेकिन नहीं बता पाया तो मां ये नहीं कहेगी कि तेरा रास्ता, अलग मेरा रास्ता अलग।"

अनिरुद्धाचार्य ने व्यंग कसते हुए आगे कहा, "सोचिए वह नेता पूर्व सीएम रह चुके हैं। वह मुझसे कहते हैं कि आपका रास्ता अलग, मेरा रास्ता अलग। क्योंकि मैंने उनके पूछे प्रश्न का उत्तर उनके मन मुताबिक नहीं दिया। मैंने वहीं उत्तर दिया जो सच है। अगर आप लिखा नहीं मान रहे हैं तो आपसे कोई नहीं जीत सकता। सोचिए वह राजा होकर कह रहे हैं कि आप अलग हम अलग। राजा को चाहिए कि प्रजा को पुत्र की तरह प्यार करें। सोचिए कि जब राजाओं के अंदर इस तरह का द्वेष है। तो इन राजाओं से इस देश की कैसी सेवा करेंगे। इनके भीतर तो प्रजा के प्रति नफरत है। बोल रहे हैं कि तुम्हारा रास्ता अलग-हमारा रास्ता अलग। प्रेम इसको नहीं कहते हैं।"

कथावाचक ने कहा, "यदि नहीं आता हमको, नहीं बता पाए आपके प्रश्न का उत्तर तो आप ही बता देते। मैंने पूछा कि आप ही बता दीजिए तो उन्होंने नहीं बताया। कहा कि आपके रास्ते अलग हमारे रास्ते अलग। क्या राजा का व्यवहार एक सामान्य व्यक्ति के साथ ऐसा होना सही है। अब देखिए जब सीएम सबसे श्रेष्ठ पद पर हैं और प्रजा के प्रति इतना द्वेष है तो आप सबको एक साथ लेकर कैसे चल सकते हैं।"

 

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