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Future Possibilities Index: उभरते बाजारों में चीन 19वें, ब्राजील 30वें, भारत 35वें और दक्षिण अफ्रीका 50वें स्थान पर रहा

फ्यूचर पॉसिबिलिटीज इंडेक्स: भारत का 35वां स्थान, ब्रिटेन शीर्ष पर

 Future Possibilities Index: उभरते बाजारों में चीन 19वें, ब्राजील 30वें, भारत 35वें और दक्षिण अफ्रीका 50वें स्थान पर रहा

दावोस
 भविष्य की संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए सर्वश्रेष्ठ देशों के वैश्विक सूचकांक में भारत को 35वां स्थान दिया गया है, जबकि इस सूची में ब्रिटेन शीर्ष पर है। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक से इतर न्यूजवीक वैंटेज और होराइजन समूह ने  फ्यूचर पॉसिबिलिटीज इंडेक्स (एफपीआई) जारी किया। शीर्ष पांच में ब्रिटेन के बाद डेनमार्क, अमेरिका, नीदरलैंड और जर्मनी हैं। बड़े उभरते बाजारों में चीन इस साल 19वें स्थान पर है। वहीं ब्राजील 30वें, भारत 35वें और दक्षिण अफ्रीका 50वें स्थान पर रहा।

अध्ययन में उन कारकों की तुलना की गई जो सरकारों, निवेशकों तथा अन्य निजी क्षेत्र के हितधारकों को 70 देशों में वृद्धि और कल्याण के लिए छह वैश्विक परिवर्तनकारी रुझानों का लाभ उठाने में मदद करेंगे। एक्साबाइट इकोनॉमी (उन्नत डिजिटल प्रौद्योगिकियां), वेलबीइंग इकोनॉमी (स्वास्थ्य रोकथाम व कल्याण), नेट जीरो इकोनॉमी (कार्बन उत्सर्जन में कमी), सर्कुलर इकोनॉमी (पुनर्चक्रण व पुन: उपयोग), बायोग्रोथ इकोनॉमी (खाद्य व कृषि नवाचार) और एक्सपीरियंस इकोनॉमी (भौतिक वस्तुओं के बजाय अनुभवों की खपत) ये छह वैश्विक परिवर्तनकारी रुझान हैं।

अध्ययन में कहा गया कि सभी छह रुझानों में 2030 तक संयुक्त रूप से 44000 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की व्यापार संभावनाओं का अनुमान है, जो 2023 में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 40 प्रतिशत से अधिक है। अध्ययन में मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय संगठनों के आंकड़ों के साथ-साथ फ्रोनेसिस पार्टनर्स द्वारा परियोजना के लिए किए गए 5,000 व्यावसायिक अधिकारियों के सर्वेक्षण का इस्तेमाल किया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, इन अवसरों से आर्थिक वृद्धि और व्यापक सामाजिक भलाई के मामले में 'ग्लोबल साउथ' की तुलना में 'ग्लोबल नोर्थ' को अधिक लाभ होने की संभावना है, जिसके लिए एक मजबूत उद्योग आधार की जरूरत है। अंतरराष्ट्रीय विकास समुदाय को संबंधित उद्योगों को मजबूत करके विकासशील देशों को इन अवसरों का पूरा लाभ उठाने में मदद करनी चाहिए।

गेट्स फाउंडेशन ने स्वास्थ्य नवाचारों के लिए 8.6 अरब अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड वार्षिक बजट की घोषणा की

दावोस
 बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने 2024 के लिए 8.6 अरब अमेरिकी डॉलर के अपने सबसे बड़े वार्षिक बजट की  घोषणा की। इसका एक हिस्सा स्वास्थ्य नवाचारों को आगे बढ़ाने में खर्च किया जाएगा। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में चार प्रतिशत अधिक है। फाउंडेशन ने 2026 तक अपने वार्षिक खर्च को नौ अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ाने की भी प्रतिबद्धता जतायी। दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक से पहले फाउंडेशन ने यह घोषणा की।

गेट्स फाउंडेशन के सह-अध्यक्ष बिल गेट्स, ''हम स्वास्थ्य के भविष्य के बारे में बात किए बिना मानवता के भविष्य के बारे में बात नहीं कर सकते।'' उन्होंने कहा, ''हर दिन, नवजात शिशु तथा छोटे बच्चे जान गंवा देते हैं… मातओं की जन्म देते समय मृत्यू हो जाती है, जिससे परिवार तबाह हो जाते हैं। इन सब ने मेरी रातों की नींद उड़ा दी है। यह अस्वीकार्य है, खासकर जब हमने पहले ही ऐसे कई समाधान विकसित कर लिए हैं जो उनकी जान बचा सकते हैं। एक मजबूत, अधिक स्थिर दुनिया के निर्माण की नींव अच्छे स्वास्थ्य के आधार पर ही रखी जा सकती है।''

गेट्स फाउंडेशन की सह-अध्यक्ष मेलिंडा फ्रेंच गेट्स ने कहा, ''वैश्विक स्वास्थ्य में निवेश हमारे भविष्य में निवेश है। जब दुनिया सिद्ध समाधानों पर पैसा लगाती है, तो वह आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत, स्वस्थ तथा अधिक लचीले समुदायों का निर्माण करती है।''

 

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