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भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार तीसरे हफ्ते गिरकर 688.27 अरब डॉलर पर

नईदिल्ली

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में अगर रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप अगले हफ्ते जीतते हैं तो भारत का केंद्रीय बैंक, RBI, विदेशी धन के संभावित और अचानक आउटफ्लो और रुपये में किसी भी तरह की भारी गिरावट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. बैंक से संबंधित दो सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है.

विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल करेगा रिजर्व बैंक

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, सूत्रों ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक वैश्विक बाजार में अस्थिरता और विदेशी फंड के आउटफ्लो की स्थिति में घरेलू मुद्रा की रक्षा के लिए अपने बड़े विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल करेगा. एक सूत्र ने कहा, 'ये रिजर्व अस्थिरता से निपटने में मदद करेगा. अगर आउटफ्लो तेज होता है, तो आरबीआई इसे प्रबंधित करने के लिए कदम उठाएगा, जैसा कि वह करता रहा है.'

चीन से आयात पर 60 प्रतिशत शुल्क लगाने का वादा

सूत्रों ने यह भी चेतावनी दी कि चीन के प्रति अमेरिकी टैरिफ में किसी भी तरह की भारी वृद्धि से भारत और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. ट्रंप ने चीन से आयात पर 60 प्रतिशत शुल्क लगाने का वादा किया है.

इस महीने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में लगभग 50 बेसिक पॉइंट्स की वृद्धि हुई है और चुनाव के दिन नजदीक आने पर डॉलर इंडेक्स 3.3% मजबूत हुआ है. भारतीय शेयरों से विदेशी फंडों में रिकॉर्ड 10 अरब डॉलर से अधिक का आउटफ्लो हुआ है, जबकि विदेशियों ने ऋण बाजार से 700 मिलियन डॉलर निकाले हैं.

लगातार तीसरे हफ्ते गिरा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार

इस महीने रुपया लगातार रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे केंद्रीय बैंक को हस्तक्षेप करना पड़ा. हालांकि यह सबसे कम अस्थिर प्रमुख एशियाई मुद्राओं में से एक रहा है, जो प्रति डॉलर 83.79-84.09 की एक सीमा पर बना हुआ है.

आरबीआई के हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार तीसरे हफ्ते गिरकर 18 अक्टूबर तक 688.27 अरब डॉलर पर आ गया है, जो कि एक महीने से अधिक में सबसे कम है. हालांकि यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा भंडार बना हुआ है.

वोटर आईडी की मांग कर रहे ट्रंप

बता दें कि अमेरिका में 5 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव है. उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच कड़ा मुकाबला है. पोल में बहुत कम अंतर से जीत मिलने के बाद, दोनों उम्मीदवारों ने अपना ध्यान सन बेल्ट के राज्यों पर केंद्रित कर दिया है.

चुनाव से पहले ट्रंप ने देश के मौजूदा वोटिंग सिस्टम को लेकर नाराजगी जाहिर की है और वोटिंग के लिए पहचान पत्र को अनिवार्य करने पर जोर दिया है. पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि चुनावों के लिए पहचान पत्र (Voter ID) को अनिवार्य रूप से लागू करना चाहिए. लेकिन डेमोक्रेट्स वोटर आईडी कार्ड का विरोध कर रहे हैं ताकि ये लोग चुनाव में धांधली कर सकें.

 

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