<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
उत्तर प्रदेश

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं के मानदेय वृद्धि का शासनादेश जारी

लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के अनुपालन में शासन ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि का शासनादेश जारी कर दिया है। मंगलवार को अपर मुख्य सचिव, महिला कल्याण एवं बाल विकास लीना जौहरी ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया। इसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के राज्यांश में 4,000 रुपये प्रतिमाह और सहायिकाओं के राज्यांश में 2,000 रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त वृद्धि की गई है। इसके बाद कार्यकर्ताओं को कुल 12,000 रुपये और सहायिकाओं को 6,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा।  
 
राज्यांश में फिक्स्ड व वैरिएबल पीएलआई शामिल

शासनादेश के अनुसार, कार्यकर्ताओं के राज्यांश में 1,500 रुपये अतिरिक्त फिक्स्ड मानदेय तथा 2,500 रुपये अतिरिक्त वैरिएबल पीएलआई मानदेय की वृद्धि की गई है। सहायिकाओं के राज्यांश में 750 रुपये अतिरिक्त फिक्स्ड मानदेय और 1,250 रुपये अतिरिक्त वैरिएबल पीएलआई मानदेय बढ़ाया गया है। वर्तमान में भारत सरकार के मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि तथा राज्य सरकार के अतिरिक्त मानदेय को मिलाकर कार्यकर्ताओं को 8,000 और सहायिकाओं को 4,000 रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं।  

सितंबर से लागू, अक्टूबर में भुगतान

शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि बढ़ा हुआ मानदेय सितंबर 2026 से प्रभावी होगा और इसका भुगतान अक्टूबर 2026 में किया जाएगा। यह निर्णय आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के बढ़े कार्य-दायित्व, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई), पोषण सेवाओं, डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं के अभिसरण में उनकी भूमिका को देखते हुए लिया है।

निदेशक को कार्रवाई के निर्देश
 
अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार हर्षिता माथुर को शासनादेश के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शासनादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में इस व्यवस्था में किसी भी बदलाव का निर्णय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के अनुमोदन के अधीन होगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button