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देश

नालंदा से कैमूर तक विकसित होंगे इको-टूरिज्म स्थल, बढ़ेंगे रोजगार अवसर

पटना
 बिहार सरकार ने इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। इसके अंतर्गत पहाड़, जंगलों, झरनों और प्राकृतिक सुंदरता से संपन्न क्षेत्रों को चिह्नित कर विकसित करने की योजना है।

पहले चरण में नालंदा, पश्चिम चंपारण, अररिया, किशनगंज, बांका, कैमूर और सहरसा जिले का चयन इको-टूरिज्म के विशेष क्षेत्र के रूप में किया गया है।

इन जिलों में इको-टूरिज्म स्थलों के समेकित विकास के लिए पर्यटक मास्टरप्लान बनाया जाएगा। इसके अंतर्गत इन स्थानों पर बुनियादी सुविधाओं का विकास कर पर्यटकों के लिए आकर्षक और सुविधाजनक वातावरण तैयार किया जाएगा।

पर्यटन विभाग के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में नालंदा में सबसे अधिक पर्यटक पहुंचे हैं, जबकि पर्यटकों की संख्या में सबसे तेज वृद्धि कैमूर जिले में दर्ज की गई है। हाल के दिनों में कैमूर तेजी से इको टूरिज्म के प्रमुख आकर्षण के रूप में उभर रहा है।

मास्टर प्लान के तहत चयनित पर्यटन स्थलों के व्यवस्थित, सतत और आर्थिक विकास के लिए रणनीतिक ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना और प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण सुनिश्चित करना है।

विभाग का मानना है कि इस पहल से बिहार में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

सरकार की नीतियों से अति-पिछड़ा समाज का जीवन-स्तर हुआ बेहतर : प्रेम कुमार
अति-पिछड़ा वर्ग की कामना है कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों का लाभ उसे निरतंर मिलता रहे। इन नीतियों से समाज का जीवन-स्तर बेहतर हुआ है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के सौ दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय अति-पिछड़ा वर्ग महासभा ने विधानसभा के कान्फ्रेंस हाल में कार्यक्रम का आयोजन किया।

उसमें अति-पिछड़ा वर्ग की लगभग 30 उप-जातियों के प्रतिनिधियों की सहभागिता रही। अध्यक्षता महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. प्रेम कुमार ने की, जो विधानसभा के अध्यक्ष हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने अति-पिछड़ा वर्ग के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक सशक्तीकरण के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की हैं।

इन योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। इससे सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है और समाज का जीवन-स्तर बेहतर हुआ है। आशा है कि जन-हितकारी योजनाओं का लाभ अति-पिछड़ा वर्ग निरंतर प्राप्त करता रहेगा और समाज के सर्वांगीण विकास का मार्ग और अधिक सशक्त होगा। कार्यक्रम का संचालन महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री रणविजय रोशन ने किया।

 

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