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मध्यप्रदेश

राजधानी की सड़कों पर उतरेंगी 21 ई-बसें, हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म समेत मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं

भोपाल

राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। सोमवार से 21 नई इलेक्ट्रिक सिटी बसों का ट्रायल रन शुरू होगा। पहले चरण में पांच दिनों तक इन बसों को बिना यात्रियों के शहर के दो रूटों पर चलाया जाएगा। इस दौरान बैटरी, चार्जिंग, ब्रेकिंग सिस्टम, जीपीएस, आईटीएमएस और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। साथ ही रूट की व्यवहारिकता, चार्जिंग अंतराल और संचालन व्यवस्था का भी परीक्षण किया जाएगा।
दो चरणों में होगा ट्रायल, फिर शुरू होगा नियमित संचालन

पहले चरण के सफल रहने के बाद दूसरे चरण में यात्रियों को बैठाकर बसों का ट्रायल रन किया जाएगा। दोनों चरणों के संतोषजनक परिणाम मिलने पर इन बसों को नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा। नगर निगम के अनुसार, ट्रायल पूरा होने के बाद 15 अगस्त तक रूट फाइनल कर नियमित संचालन शुरू करने की योजना है।

100 इलेक्ट्रिक बसें मिलनी हैं, आपूर्ति में हुई देरी

प्रदेश में खरीदी जा रही 500 इलेक्ट्रिक बसों में से भोपाल को 100 बसें मिलनी हैं। इनकी आपूर्ति जनवरी 2026 में प्रस्तावित थी, लेकिन खरीद प्रक्रिया के टेंडर और ऑपरेटर (कलेक्शन एजेंसी) के चयन में देरी के कारण बसों की सप्लाई समय पर नहीं हो सकी। फिलहाल 100 में से 21 बसें भोपाल पहुंच चुकी हैं।
 

आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं नई ई-बसें

पीएम ई-बस सेवा के तहत मिली 25 सीटर बसों में कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। बसें पूरी तरह वातानुकूलित हैं और इनमें ऑटोमेटिक गेट लगाए गए हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की व्यवस्था की गई है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, फायर अलार्म, जीपीएस आधारित ट्रैकिंग और डिजिटल टिकटिंग सिस्टम भी उपलब्ध रहेगा। एक बार चार्ज होने पर ये बसें करीब 180 किलोमीटर तक चल सकेंगी। बैरागढ़ स्थित ई-बस डिपो में चार्जिंग स्टेशन और अन्य आवश्यक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं।
 

पहले दो रूटों पर दौड़ेंगी बसें

फिलहाल ट्रायल रन के दौरान बसें दो रूटों पर संचालित की जाएंगी। पहला रूट बैरागढ़ से मिसरोद के बीच तय किया गया है, जबकि दूसरे रूट को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। सभी 100 बसें मिलने के बाद 10 रूटों पर संचालन की योजना है। प्रस्तावित रूटों में सीहोर-रातापानी, फंदा-मंडीदीप, बिलखिरिया-सीहोर, परवलिया सड़क-औबेदुल्लागंज, सीहोर-कटारा बायपास, अटल बिहारी यूनिवर्सिटी-आरआरएफ कैंप बगरोदा, सूखी सेवनिया-भोजपुर, अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र-बीडीए कॉलोनी, अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र-बिलकिसगंज और कोच फैक्ट्री-औबेदुल्लागंज शामिल हैं।
    
सोमवार से 21 नई इलेक्ट्रिक बसों का पहला चरण का ट्रायल रन शुरू होगा। शुरुआती पांच दिन बसें बिना यात्रियों के चलेंगी, ताकि सभी तकनीकी और परिचालन व्यवस्थाओं की जांच की जा सके। इसके बाद यात्रियों के साथ भी ट्रायल रन होगा। दोनों चरण सफल रहने पर बसों को नियमित संचालन में शामिल किया जाएगा।
अंजू अरुण कुमार, अपर आयुक्त, नगर निगम

 

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