<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
खेल-जगत

‘गौती भाई, टीम इंडिया में आ जाओ’, रोहित-गंभीर की कहानी में आया नया मोड़

नई दिल्ली
आईसीसी मेन्स टी20 विश्व कप 2024 का खिताब जीतने के बाद भारतीय क्रिकेट में बदलाव का दौर शुरू हुआ. राहुल द्रविड़ का कार्यकाल खत्म हो चुका था और टीम इंडिया को नए मुख्य कोच की तलाश थी. उस वक्त कई नाम चर्चा में थे, लेकिन गौतम गंभीर का नाम सबसे आगे था.

अब समाचार एजेंसी PTI की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गौतम गंभीर सिर्फ BCCI (भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड) की ही पसंद नहीं थे, बल्कि तत्कालीन कप्तान रोहित शर्मा की भी अहम भूमिका थी. रिपोर्ट के मुताबिक, रोहित ने खुद गंभीर से भारतीय टीम की जिम्मेदारी संभालने का अनुरोध किया था. दिलचस्प बात यह है कि अब उसी जोड़ी के रिश्तों में खटास आने की बातें सामने आ रही हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) 2024 के दौरान मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में एक ट्रेनिंग सेशन के दौरान रोहित शर्मा ने गौतम गंभीर से कहा था, 'गौती भाई, इंडियन टीम में आ जाओ.' रिपोर्ट के मुताबिक, गंभीर ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, 'अगर तुम कप्तान रहे, तो मैं जरूर आऊंगा.'

कुछ ही महीनों बाद यही हुआ. राहुल द्रविड़ का कार्यकाल खत्म हुआ, गौतम गंभीर टीम इंडिया के मुख्य कोच बने और रोहित शर्मा कप्तान के तौर पर उनके साथ काम करने लगे. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रोहित शर्मा के कुछ करीबी लोगों ने उन्हें पहले ही चेताया था कि राहुल द्रविड़ और गौतम गंभीर का काम करने का तरीका बिल्कुल अलग है.

सूत्रों के मुताबिक, रोहित शर्मा से कहा गया था कि द्रविड़ खिलाड़ियों को संभालने में बेहद शांत और संवाद आधारित शैली अपनाते थे, जबकि गौतम गंभीर का तरीका कहीं ज्यादा सख्त और स्पष्ट माना जाता है. ऐसे में दोनों के बीच तालमेल आसान नहीं होगा. लेकिन रोहित ने इन आशंकाओं को ज्यादा महत्व नहीं दिया.

ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद बिगड़े संबंध!
गौतम गंभीर के कार्यकाल की शुरुआत उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही. भारत को घरेलू टेस्ट सीरीज में न्यूजीलैंड के खिलाफ हार मिली. इसके बाद बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी भी हाथ से निकल गई. ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खराब फॉर्म के चलते रोहित शर्मा ने आखिरी टेस्ट नहीं खेला. इसके कुछ महीनों बाद उन्होंने इंग्लैंड दौरे से पहले अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया. रिपोर्ट में इस मुद्दे पर भी अलग-अलग दावे किए गए हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, रोहित शर्मा के करीबी लोगों का कहना है कि वह इंग्लैंड के खिलाफ सभी पांच टेस्ट मैच खेलना चाहते थे. यहां तक कि गौतम गंभीर ने उनसे इंग्लैंड के गेंदबाजों और रणनीति को लेकर भी चर्चा की थी. दूसरी ओर, चयनकर्ताओं के करीबी सूत्रों के मुताबिक रोहित ने कहा था कि वह पहले दो टेस्ट खेलने के बाद अपने भविष्य पर फैसला करेंगे. लेकिन चयन समिति इस प्रस्ताव के पक्ष में नहीं थी. जब उन्हें संकेत मिला कि आगे उनकी जगह तय नहीं है, तब उन्होंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया.

रिपोर्ट में एक और बड़ा दावा किया गया है. 2025 में भारत को चैम्पियंस ट्रॉफी जिताने के बावजूद रोहित शर्मा से वनडे टीम की कप्तानी लेकर शुभमन गिल को सौंप दी गई. रोहित के करीबी लोगों का मानना है कि इसी फैसले के बाद उनका भरोसा गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर पर पहले जैसा नहीं रहा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button