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देश

अब ऑफलाइन नहीं होगी रजिस्ट्री: बिहार सरकार की नई डिजिटल व्यवस्था से मिलेगी बड़ी राहत

पटना
 बिहार में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री प्रक्रिया जल्‍द ही पूरी तरह डिजिटल होने जा रही है। राज्य सरकार ने 15 जुलाई से सभी जिला निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद आवेदन से लेकर दस्तावेजों की जांच, सत्यापन और रजिस्ट्री पूरी होने के बाद डीड उपलब्ध कराने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ही होगी

जानकारी के अनुसार, 15 जुलाई के बाद रजिस्ट्री के लिए किसी भी प्रकार के ऑफलाइन दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

सबकुछ हो जाएगा ऑनलाइन
आवेदकों को सभी आवश्यक प्रमाणपत्र और दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। दस्तावेजों का सत्यापन भी डिजिटल माध्यम से किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज और पारदर्शी होगी।

नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री पूरी होने के बाद आवेदकों को डीड की हार्ड कॉपी के लिए कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे उन्‍हें राहत मिलेगी।

विभाग की ओर से पंजीकृत डीड का पीडीएफ लिंक सीधे आवेदक के मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। जरूरत पड़ने पर इसे कभी भी डाउनलोड कर सुरक्षित रखा जा सकेगा।

सभी निबंधन कार्यालयों में ट्रायल हुआ पूरा
विभाग ने राज्य के सभी जिला निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस सिस्टम का ट्रायल पूरा कर लिया है। ट्रायल सफल रहने के बाद अब इसे पूरे बिहार में लागू करने की तैयारी अंतिम चरण में है।

बताया जाता है कि नई व्यवस्था से रजिस्ट्री प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा और रिकॉर्ड के रखरखाव में भी आसानी होगी।

पेपरलेस सिस्टम लागू होने के बाद लोगों को दस्तावेजों की फोटो कॉपी बार-बार जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे उन्‍हें काफी सहुलियत होगी।

ऑनलाइन आवेदन और डिजिटल रिकॉर्ड के कारण भविष्य में दस्तावेजों की खोज, सत्यापन और रिकॉर्ड प्रबंधन भी अधिक आसान हो जाएगा।

साथ ही कागजी कार्रवाई कम होने से पारदर्शिता बढ़ने और अनावश्यक विलंब में कमी आने की उम्मीद है। राज्य सरकार इसे ई-गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है।  

 

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