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उत्तर प्रदेश

राम मंदिर ट्रस्ट पर फंड हेराफेरी के आरोप, SIT रोजाना भेज रही जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को

अयोध्या
अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले फंड में कथित हेराफेरी की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों और मंदिर के अधिकारियों को अयोध्या न छोड़ने का निर्देश दिया है. मंदिर से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी है.

बताया जा रहा है कि रोजाना की इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट को डिजिटल फॉर्म में सुरक्षित रखा गया है. इसमें ट्रस्ट के अधिकारियों और जांच से जुड़े अन्य लोगों से की गई पूछताछ की डिटेल्स भी शामिल हैं.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने पेश करने से पहले इस रिपोर्ट को फाइनल रूप दिया जाएगा. इसके साथ ही, एसआईटी अपनी जांच से जुड़ीं जानकारियां रोजाना मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेज रही है.

सूत्रों का कहना है कि एसआईटी की जांच सिर्फ फंड की कथित हेराफेरी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अलग-अलग फेज में मंदिर ट्रस्ट की ओर से खरीदी गई जमीन और मंदिर के लिए निर्माण सामग्री की खरीद को भी शामिल किया गया है.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, आरोप लगाए जा रहे हैं कि मंदिर ट्रस्ट ने मार्केट रेट से ज्यादा कीमत पर जमीनें खरीदी थीं. इस मुद्दे को समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी समेत कई अलग-अलग राजनीतिक दलों ने उठाया था.

अयोध्या राम मंदिर में मिले दान के गलत इस्तेमाल के आरोपों के बाद, मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एसआईटी का गठन किया था. एसआईटी में लखनऊ के डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक (IG) किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं.

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