<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
उत्तर प्रदेश

बागपत का दिल दहला देने वाला हादस,सोहित चौहान की मौत, भाई बना पुलिस अफसर

बागपत

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है. यह कहानी सिर्फ एक परिवार के दर्द की नहीं, बल्कि उस विडंबना की भी है, जिसमें खुशियां और गम एक ही दिन, एक ही घर में टकरा गए. जिस दिन एक बेटे ने अपने सपनों को साकार करते हुए पुलिस सेवा में कदम रखा, उसी दिन दूसरे बेटे ने देश सेवा करते हुए अपनी जान गंवा दी.

बागपत जिले के छपरौली क्षेत्र के लूम्ब गांव के निवासी अग्निवीर सोहित चौहान की अरुणाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान दर्दनाक मौत हो गई. जानकारी के अनुसार, रविवार को आए बर्फीले तूफान के दौरान एक पेड़ अचानक गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आकर सोहित गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसा इतना भयानक था कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया. इस घटना ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे गांव को शोक में डुबो दिया.

सोहित 2023 में अग्निवीर के तहत हुआ था भर्ती
सोहित चौहान वर्ष 2023 में अग्निवीर योजना के तहत भारतीय सेना की 3 ग्रेनेडियर यूनिट में भर्ती हुए थे. वह अपने परिवार के सबसे छोटे सदस्य थे. परिवार में माता-पिता, एक बड़ा भाई और एक बहन है. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले सोहित ने कठिन परिश्रम और लगन के दम पर सेना में जगह बनाई थी. उनके परिवार को उन पर गर्व था और गांव के युवाओं के लिए वे प्रेरणा बन चुके थे.

लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. जिस दिन सोहित की मौत की खबर आई, उसी दिन उनके बड़े भाई मोहित चौहान उत्तर प्रदेश पुलिस में शामिल हो रहे थे. उस दिन उनकी पासिंग आउट परेड थी, जिसे देखने के लिए उनके पिता मोहर सिंह भी गए हुए थे. घर में जश्न का माहौल था, हर कोई खुश था कि परिवार का एक बेटा पुलिस में भर्ती हो गया है. लेकिन इसी खुशी के बीच अचानक आई दुखद खबर ने सब कुछ बदल दिया.

जैसे ही परिवार को सोहित की मौत की सूचना मिली, खुशी का माहौल मातम में बदल गया. पिता, जो बड़े बेटे की सफलता पर गर्व महसूस कर रहे थे, अचानक छोटे बेटे की मौत की खबर सुनकर टूट गए।. मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. एक ही दिन में परिवार ने जीवन का सबसे बड़ा सुख और सबसे बड़ा दुख दोनों देख लिया.

सोहित की अंतिम विदाई में हर आंख हुई नम
जब सोहित चौहान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. गांव की गलियों, सड़कों और घरों की छतों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. हर कोई अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचा. अंतिम संस्कार के दौरान सेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ सोहित को विदाई दी. उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और सलामी दी गई.यह दृश्य इतना भावुक कर देने वाला था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखों से आंसू छलक पड़े. गांव के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक, सभी ने अपने इस वीर बेटे को नम आंखों से विदा किया.

इस दुखद घटना के बाद कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी परिवार से मिलने पहुंचे. उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया. स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि सोहित चौहान को शहीद का दर्जा दिया जाए और उनके परिवार को उचित मुआवजा तथा पेंशन दी जाए. ग्रामीणों का कहना है कि सोहित ने देश सेवा करते हुए अपनी जान गंवाई है, इसलिए उन्हें पूरा सम्मान मिलना चाहिए.

सांसद बोले परिवार देश परिवार के साथ
सोहित के पिता मोहर सिंह ने बताया कि उनका बेटा बहुत मेहनती और जिम्मेदार था. वह परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारना चाहता था और इसी उद्देश्य से सेना में भर्ती हुआ था. उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है, लेकिन उसका इस तरह चले जाना असहनीय है. उन्होंने सरकार से मांग की कि उनके परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वे आगे का जीवन सम्मानपूर्वक जी सकें. वहीं दुख की इस घड़ी में परिवार से मिलने पहुंचे सांसद राजकुमार सांगवान ने कहा कि सोहित के परिवार के साथ पूरा देश खड़ा है. सरकार उनके साथ है. जो भी मदद होगी हर संभव मदद दिलाई जाएगी. उनकी अंतिम यात्रा में हर दल का आदमी शामिल हुआ. उनका योगदान देश याद रखेगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button