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धर्म/ज्योतिष

मुख्य द्वार से जुड़े वास्तु टिप्स: सही दिशा और नियम से घर में बढ़ेगी सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि

वास्तुशास्त्र में मुख्य द्वार को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। इसका सही स्थान और दिशा में होना अति आवश्यक होता है। क्योंकि, मेन गेट से होते हुए ही घर में सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है। साथ ही, ज्योतिषशास्त्र के अनुसार मुख्य द्वार से ही माता लक्ष्मी का भी आगमन होता है। ऐसे में वास्तु दोष से बचाव व घर में पॉजिटिविटी के लिए घर का मेन गेट बनवाते समय वास्तु की कुछ बातों और नियमों का ख्याल अवश्य रखना चाहिए। साथ ही, इसके आसपास मौजूद चीजों का प्रभाव भी घर और परिवार के सदस्यों पर पड़ता है और वास्तु दोष का कारण बन सकता है। ऐसे में आइए विस्तार से जानें मुख्य द्वार किस दिशा में होना चाहिए और इससे जुड़े जरूरी वास्तु नियम।

मुख्य द्वार दिशा वास्तु अनुसार
वास्तु गुरु मान्या और वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर का मुख्य द्वार उत्तर दिशा में होना चाहिए। अगर ऐसा संभव न हो तो आप पूर्व या उत्तर पूर्व दिशा में भी मेन गेट बनवा सकते हैं। इस दिशा को मुख्य द्वार के लिए सबसे उत्तम माना गया है। वास्तु गुरु बताती हैं कि मेन गेट उत्तर दिशा 5 डिग्री से 346 डिग्री पर, पूर्व दिशा 90 डिग्री पर, दक्षिण दिशा 180 डिग्री पर और पश्चिम दिशा 270 डिग्री पर होना सबसे उत्तम होता है। इसका सकारात्मक प्रभाव परिवार पर भी देखने को मिलता है।

मुख्य द्वार से जुड़े वास्तु नियम
    घर के मुख्य द्वार के पास किसी भी प्रकार का कचरा या कबाड़ नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से इसका प्रतिकूल प्रभाव घर के अंदर के माहौल पर पड़ सकता है।
    माना जाता है कि भूलकर भी मुख्य द्वार के आसपास भारी सामान नहीं रखना चाहिए। इसके अलावा, दरवाजे के पीछे, मुख्य द्वार के रास्ते में या आसपास भी किसी भी प्रकार की भारी वस्तु न रखें।
    वास्तुशास्त्र के अनुसार, मेन गेट के ठीक सामने बिजली का खंभा या किसी भी प्रकार का पिलर नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, इसके आसपास बड़ा पेड़ होना भी शुभ नहीं माना जाता है। ये घर में सकारात्मक ऊर्जा को प्रवेश करने में बाधा का कारण बन सकते हैं।
    इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि घर का मुख्य द्वार कभी भी रोड के टी-पॉइंट पर न हो। ऐसे स्थान की ऊर्जा बहुत अधिक और सीधी होती है जो घर के अंदर की शांति पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।
    नाली, गटर या जहां गंदा पानी इकट्ठा होता हो, ऐसे स्थानों के सामने या आसपास मुख्य द्वार नहीं बनवाना चाहिए। ऐसे स्थानों के पास मेन गेट मौजूद होने से पॉजिटिव एनर्जी अंदर प्रवेश नहीं कर पाती है।
    मुख्य द्वार के पास आप तुलसी, मनी प्लांट जैसे शुभ और खूबसूरत दिखने वाले पौधे लगा सकते हैं। साथ ही, मेन गेट के दोनों तरफ साफ-सफाई का विशेष ध्यान जरूर रखना चाहिए। यह सकारात्मक ऊर्जा को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।
    घर के मेन गेट पर गोल्डन कलर का बल्ब जलाकर रखना शुभ माना जाता है। इससे आसपास का माहौल सकारात्मक बना रहता है। साथ ही, शाम के समय मुख्य द्वार पर कभी भी अंधेरा नहीं रखना चाहिए।
    वास्तु गुरु मान्या के अनुसार, घर का मुख्य द्वार बनवाते समय इस बात का ख्याल जरूर रखें कि उसके ठीक सामने कोई शीशा न लगा हो। ऐसा होने से सकारात्मक ऊर्जा शीशे से टकरा कर वापस बाहर चली जाती है।
    घर के मुख्य द्वार पर दो पल्ले वाला दरवाजा लगाना सबसे शुभ माना जाता है। साथ ही, आप गेट के पास लोबान जला सकते हैं जिससे वहां का माहौल आनंददायक बना रहे।
    मुख्य द्वार बनवाते समय इस बात का ख्याल जरूर रखें की यह घड़ी की दिशा में यानी क्लॉक वाइज ही खुलना चाहिए।

मुख्य द्वार से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण टिप्स
अपने घर के मेन गेट बनवाते समय इस बात का ख्याल जरूर रखना चाहिए कि इसकी सीध में पूजा घर न हो। ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता है।
मुख्य द्वार के बिल्कुल सीध यानी सामने कभी भी रसोई घर नहीं बनवाना चाहिए। साथ ही, चूल्हा भी मेन गेट के सामने दिखना शुभ नहीं माना जाता है।
वास्तु के अनुसार, कभी भी शौचालय या बाथरूम के सामने मेन गेट नहीं बनवाना चाहिए। ऐसा करना सही नहीं माना गया है। साथ ही, मुख्य द्वार के सामने सीढ़ियां भी नहीं होनी चाहिए।

 

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