<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
राजनीति

बिहार के बाद यूपी-पंजाब में ताकत दिखाएगी चिराग की पार्टी, NDA से सीटों की उम्मीद

पटना
बिहार की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बना चुके केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी 'लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास)' अब उत्तर प्रदेश और पंजाब के आगामी विधानसभा चुनावों में ताल ठोकने की तैयारी कर रही है। LJP(R) को उम्मीद है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के तहत उन्हें इन दोनों राज्यों में चुनाव लड़ने के लिए सम्मानजनक सीटें मिलेंगी।

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान बीते कुछ समय से लगातार यूपी और पंजाब के दौरों पर हैं। हाल ही में 17 सितंबर को चिराग पासवान ने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के साथ वाराणसी में एक भव्य बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर गुजरात के वडनगर के लिए रवाना किया था।

'गैर-जाटव' और पंजाब के दलित वोट बैंक पर निशाना
उत्तर प्रदेश और पंजाब, दोनों ही राज्यों में दलित आबादी चुनावी नतीजों को तय करने में अहम भूमिका निभाती है।

उत्तर प्रदेश का गणित: LJP(R) की नजर यूपी के गैर-जाटव दलित मतदाताओं पर है, जो पारंपरिक रूप से बीएसपी (BSP) के खिसकते जनाधार के बाद नए विकल्प की तलाश में हैं।

पंजाब का समीकरण: पंजाब में करीब 32 प्रतिशत दलित आबादी है। चिराग पासवान की युवा और दलित नेता के रूप में बनी छवि को एनडीए वहां भुनाना चाहता है।

एलजेपी(आर) के राष्ट्रीय महासचिव धीरेन्द्र कुमार मुन्ना ने कहा, "गठबंधन पर अंतिम फैसला हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ही लेंगे। लेकिन अगर एनडीए में सीटों का बंटवारा होता है, तो हम अपने उम्मीदवारों के साथ-साथ पूरे गठबंधन की जीत के लिए पूरी ताकत झोंकेंगे। यूपी और पंजाब के दलित समाज को चिराग पासवान के रूप में एक विश्वसनीय चेहरे से काफी उम्मीदें हैं।"

24 सितंबर से पटना से शुरू होगा 'युवा बोले तो' अभियान
यूपी और पंजाब में जमीन मजबूत करने से पहले चिराग पासवान अपने गृह राज्य बिहार से युवाओं को जोड़ने के लिए एक नया जनसंपर्क अभियान- 'युवा बोले तो' शुरू करने जा रहे हैं।

24 सितंबर से पटना में इस विशेष युवा संवाद कार्यक्रम का आगाज होगा
इसके जरिए चिराग पासवान सीधे युवाओं से संवाद करेंगे, उनकी समस्याओं को सुनेंगे और उनके रोजगार और करियर से जुड़े मुद्दों के हल तलाशने की कोशिश करेंगे।

28 साल बाद तृणमूल कांग्रेस का सिंबल फ्रीज होने और क्षेत्रीय राजनीति के बदलते दौर के बीच, चिराग पासवान का हिंदी भाषी राज्यों में अपनी पार्टी का विस्तार करने का यह दांव एनडीए के लिए कितना फायदेमंद साबित होता है, यह देखने वाली बात होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button