<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
खेल-जगत

BCCI ने राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर पर लगाया जुर्माना, बड़ा फैसला

जयपुर 

 राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर को आईपीएल के सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन के मामले में बीसीसीआई से बड़ी राहत मिली है. गुवाहाटी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मुकाबले के दौरान भिंडर को डगआउट में मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए देखा गया था, जो सीधे तौर पर PMOA नियमों का उल्लंघन है. हालांकि, भ्रष्टाचार निरोधक इकाई की जांच के बाद, बोर्ड ने उनके द्वारा बताए गए ‘मेडिकल कारणों’ को स्वीकार कर लिया है. इसके चलते उन पर किसी गंभीर प्रतिबंध के बजाय केवल जुर्माना और चेतावनी देकर मामला सुलझा लिया गया है. इस घटना में युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी की भूमिका पर भी बोर्ड ने उदारता दिखाई है। 

यह मामला तब गरमाया जब बीसीसीआई के कड़े नियमों (PMOA प्रोटोकॉल) के उल्लंघन की तस्वीरें सामने आईं. गुवाहाटी में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए मुकाबले के दौरान यह वाकया पेश आया. राजस्थान की पारी के 11वें ओवर में टीवी कैमरों ने टीम मैनेजर रोमी भिंडर को डगआउट में मोबाइल फोन चलाते हुए कैद कर लिया. उनके ठीक बगल में 13 साल के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी बैठे थे, जो उत्सुकतावश रोमी भिंडर (Romi Bhinder) के फोन की स्क्रीन में झांक रहे थे. क्रिकेट के मैदान पर, विशेष रूप से आईपीएल जैसे हाई-प्रोफाइल टूर्नामेंट में, भ्रष्टाचार को रोकने के लिए खिलाड़ियों और अधिकारियों के क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग सख्त बैन है। 

ACSU की जांच और ‘मेडिकल’ राहत
बीसीसीआई की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई ने इस घटना का तुरंत संज्ञान लिया और रोमी भिंडर को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया. सूत्रों के मुताबिक, भिंडर ने अपनी सफाई में एक ठोस चिकित्सा कारण (Medical Reasoning) पेश किया. उन्होंने बताया कि उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति ऐसी थी कि उन्हें आपातकालीन स्थिति या स्वास्थ्य निगरानी के लिए फोन अपने पास रखना अनिवार्य था। 

एक वरिष्ठ बीसीसीआई अधिकारी ने बताया, ‘ ACSU ने पूरी जांच की और फ्रेंचाइजी को औपचारिक पत्र भेज दिया गया है. भिंडर पर जुर्माना लगाया गया है और भविष्य के लिए चेतावनी दी गई है. हालांकि, जांचकर्ता उनके मेडिकल कारणों से संतुष्ट थे, इसलिए उन पर कोई गंभीर प्रतिबंध या निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई नहीं की गई.’

बीसीसीआई ने रोमी भिंडर मामले में तोड़ी चुप्पी। 

क्या कहता है PMOA प्रोटोकॉल?
बीसीसीआई के PMOA (Players and Match Officials Area) प्रोटोकॉल के नियम बहुत स्पष्ट हैं:

ड्रेसिंग रूम बनाम डगआउट: टीम मैनेजर को ड्रेसिंग रूम के भीतर फोन रखने की अनुमति तो होती है, लेकिन डगआउट (मैदान के किनारे बैठने की जगह) में इसका उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। 

अनुमति प्राप्त सदस्य: टीम के केवल कुछ चुनिंदा सदस्यों (जैसे मीडिया मैनेजर) को ही पीएमओए क्षेत्र में फोन रखने की अनुमति होती है, लेकिन उनके उपयोग के नियम भी टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही स्पष्ट कर दिए जाते हैं। 

उद्देश्य: इन नियमों का मुख्य उद्देश्य सट्टेबाजी और मैच फिक्सिंग जैसी अवैध गतिविधियों की संभावना को शून्य करना है.

वैभव सूर्यवंशी पर क्यों नहीं हुई चर्चा?
इस पूरे प्रकरण में युवा वैभव सूर्यवंशी की मौजूदगी ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। हालांकि, बीसीसीआई ने उनके खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई या चर्चा से साफ इनकार कर दिया है. अधिकारी ने इस पर स्पष्ट करते हुए कहा, ‘वैभव अभी बच्चा है. वह सिर्फ बगल में बैठा था और फोन की तरफ देख रहा था. उसे डराने-धमकाने का कोई मतलब नहीं है. यह फ्रेंचाइजी की जिम्मेदारी है कि वे अपने युवा खिलाड़ियों को नियमों के बारे में बेहतर ढंग से समझाएं.’ वैभव को केवल एक सीखने वाले अनुभव के तौर पर देखा गया है, न कि किसी साजिश के हिस्से के रूप में। 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button