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उत्तर प्रदेश

गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण अभियान –CM योगी

लखनऊ में आयोजित गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा के कार्यकर्ताओं के सम्मान समारोह में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री

गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण अभियान – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मानव का सेवा भाव ही उसे सभी जीवों में ईश्वर की सबसे श्रेष्ठ कृति बनाता है

उपचार से भी अधिक महत्वपूर्ण बचाव और जागरूकता है, इस सेवा यात्रा ने स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है – सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने मातृ-शिशु मृत्यु दर नियंत्रण के बारे में जागरूकता फैलाने को भी अभियान से जोड़ने की सलाह दी

अपने कर्तव्य को निष्ठा से निभाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना ही सच्ची राष्ट्रभक्ति है – सीएम योगी आदित्यनाथ

लखनऊ,
 गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने वाला एक महत्वपूर्ण अभियान बताते हुए इसकी सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के उपेक्षित और दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री मंगलवार को राजधानी में गुरु गोरखनाथ स्वास्थ्य सेवा यात्रा के कार्यकर्ता सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन (एनएमओ) के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि संगठन ने 2019 से इस सेवा यात्रा को निरंतर विस्तार देते हुए आज इसे एक बड़े जन-आंदोलन का रूप देने की दिशा में कार्य किया है। यह यात्रा विशेष रूप से उत्तर प्रदेश की नेपाल सीमा से सटे सात जिलों महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत में संचालित हो रही है, जहां जनजातीय समुदायों और दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी रही है। लगभग 550 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा के इन इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है, जिसे स्वयंसेवक समर्पण के साथ निभा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने मानव के सेवा भाव की व्याख्या करते हुए कहा कि “प्राणिनामार्थ नाशनम्” का भाव यह है कि मनुष्य अन्य जीवों की तुलना में ईश्वर की श्रेष्ठ कृति माना गया है, क्योंकि वही अन्य प्राणियों की सेवा कर सकता है और अपने सेवा भाव से दूसरों को प्रेरित भी कर सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि वे यही कार्य कर रहे हैं और उनकी जितनी भी प्रशंसा की जाए, कम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से न केवल इलाज किया जा रहा है, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “उपचार से अधिक महत्वपूर्ण बचाव है” और जागरूकता के जरिए कई गंभीर बीमारियों को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में त्वचा रोग, जलजनित बीमारियां, एनीमिया और तपेदिक जैसी समस्याएं अधिक देखने को मिलती हैं, जिनके प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है। साथ ही उन्होंने अभियान के कार्यकर्ताओं को मातृ-शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित करने के लिए जागरूकता फैलाने के कार्य को भी अभियान से जोड़ने की सलाह दी और कहा कि यदि मां और बच्चा स्वस्थ हैं, तो समाज भी स्वस्थ रहता है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2007-08 के नेपाल के खूनी संघर्ष का प्रसंग साझा करते हुए बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले थारू समुदाय के लोगों ने किस प्रकार अपनी राष्ट्रभक्ति और आत्मसम्मान का परिचय देते हुए माओवादी प्रभाव से दूरी बनाए रखी और भारत की मुख्यधारा से जुड़े रहे। उन्होंने इस कार्य के लिए पिछले कई वर्षों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा चलाए जा रहे अभियानों की भी सराहना की। साथ ही बताया कि वर्तमान में सरकार और सामाजिक संगठनों के संयुक्त प्रयासों से इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है।

सीएम योगी ने बताया कि वर्ष 2017 के बाद राज्य सरकार ने वनटांगिया गांवों और अत्यंत पिछड़े समुदायों के जीवन स्तर में सुधार के लिए व्यापक कार्य किए हैं। इन गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा देकर वहां पक्के मकान, बिजली, पानी, स्कूल, आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही पात्र लोगों को पेंशन, राशन कार्ड और आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार केवल थारू ही नहीं, बल्कि प्रदेश की अन्य जनजातियों मुसहर, कोल, सहरिया, बुक्सा, चेरो आदि को भी विकास योजनाओं से जोड़ते हुए उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि वह अगले दिन बहराइच के भरतापुर गांव का दौरा करेंगे, जहां थारू जनजातीय समुदाय के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बसाकर उन्हें जमीन, आवास और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई समाज एकजुट होकर किसी कार्य में पूरी निष्ठा के साथ जुटता है, तो उसके परिणाम भी व्यापक और सकारात्मक होते हैं। इसी का परिणाम है कि स्वास्थ्य सेवा यात्रा का यह अभियान, जो वर्ष 2019 में छह जिलों में 27 हजार मरीजों तक सीमित था, अब सात जिलों में लगभग 2.66 लाख लोगों तक पहुंच चुका है। उन्होंने इसे कार्यकर्ताओं की सेवा भावना और समर्पण का परिणाम बताते हुए उनके प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से आह्वान किया कि वे अपने दायित्वों को केवल अस्पतालों तक सीमित न रखें, बल्कि समाज के जरूरतमंद वर्गों तक स्वयं पहुंचें। प्रत्येक चिकित्सक को महीने में कम से कम एक दिन ऐसे सेवा कार्यों के लिए समर्पित करना चाहिए। इससे न केवल समाज को लाभ मिलेगा, बल्कि चिकित्सकों को भी विविध अनुभव प्राप्त होंगे।

राष्ट्रभक्ति की परिभाषा स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल नारों तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदारी और समर्पण ही सच्ची राष्ट्रभक्ति है। चाहे छात्र हो, शिक्षक, सरकारी कर्मचारी या चिकित्सक हर व्यक्ति अपने कार्य को निष्ठा से निभाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकता है।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के माध्यम से गरीबों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। राज्य सरकार ने भी इसे विस्तार देते हुए अधिक से अधिक लोगों तक इसका लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है। मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) को कम करने के लिए जागरूकता और समय पर उपचार बेहद जरूरी है।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन और स्वास्थ्य सेवा यात्रा से जुड़े सभी कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों और स्वयंसेवकों को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया। सेवा यात्रा में समर्पण भाव से योगदान देने वाले एनएमओ के कार्यकर्ताओं, विभिन्न मेडिकल कॉलेजों एवं अन्य संस्थाओं के डॉक्टरों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान भविष्य में एक बड़े जन-आंदोलन का रूप लेकर समाज के हर वर्ग तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने चैत्र नवरात्रि और रामनवमी की शुभकामनाएं देते हुए सभी से इस सेवा कार्य से जुड़ने तथा स्वस्थ, सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, चिकित्सक और बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

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