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मध्यप्रदेश

CM मोहन यादव का दावा: MP नक्सलमुक्त, अब निवेश और विकास में सबसे आगे होगा राज्य

भोपाल
 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य आज सुशासन, विकास, निवेश, सांस्कृतिक विरासत और जनकल्याण के समन्वित मॉडल के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां एयर एंबुलेंस सेवा प्रारंभ की गई है, जिससे आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिली है। राज्य “चीता स्टेट” के रूप में भी पहचान बना चुका है और वर्तमान में चीतों की संख्या 53 से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को नक्सल मुक्त बनाने में सफलता मिली है, जो शांति और विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को नई दिल्ली में एक निजी चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे । 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ- 2028 का आयोजन केवल प्रदेश ही नहीं पूरे देश के लिए गौरव का विषय है, जिसमें 30 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ में श्रद्धालुओं की सुविधा लिए क्षिप्रा नदी के किनारे 30 किलोमीटर तक नवीन घाटों का निर्माण किया जा रहा है। उज्जैन में महाकाल महालोक के लोकार्पण के बाद धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए नवीन और स्थाई रूप के कई नवाचार और निर्माण सिंहस्थ के दृष्टिगत उज्जैन में किए जा रहे हैं 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य की न्याय व्यवस्था, सुशासन को उल्लेखित करते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य वीरता, न्यायप्रियता और उदारता की कहानियां जैसे बेताल पच्चीसी और 32 पुतलियां आज भी जनमानस में लोकप्रिय हैं। राज्य सरकार सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन के सिद्धांत से प्रेरणा लेकर कार्य कर रही है। इसी दिशा में राज्य सरकार द्वारा  सुशासन के लिए पुरस्कार भी प्रदान किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में त्वरित न्याय के उनके सिद्धांतों को शासन में लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “न्याय में देरी, न्याय की आत्मा के साथ अन्याय है” और सुशासन के लिए कठोर निर्णय लेना आवश्यक होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में पारदर्शिता और जवाबदेहिता को प्राथमिकता दी जा रही है तथा अच्छे कार्यों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। 

म.प्र. को इन्वेस्टमेंट हब बनाने लगातार किये जा रहे हैं प्रयास

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2025 को “उद्योग और रोजगार वर्ष” के रूप में मनाया गया। राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने नवीन नीतियां लागू की। उन्होंने कहा कि निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिए डीबीटी से उद्योगपतियों को सब्सिडी हस्तांतरित की जा रही है। मध्यप्रदेश को इन्वेस्टमेंट हब बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उद्योग एवं रोजगार में नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों में से 30 प्रतिशत से अधिक धरातल पर आ चुके हैं। म.प्र. के धार जिले में देश का सबसे बड़ा पीएम मित्र पार्क स्थापित किया जा रहा है और विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में तेजी से कार्य हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश में सबसे अधिक निवेश मध्यप्रदेश में आ रहा है।

नारी सशक्तिकरण की दिशा में “लाड़ली बहना योजना” का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब तक 52 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की जा चुकी है। राज्य सरकार द्वारा प्रतिमाह 1 करोड़ 25 लाख से अधिक बहनों को  1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। युवाओं के लिए रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नवीन उद्योग स्थापित करने पर को प्रति श्रमिक को 5000 रुपये तक की सहायता राज्य सरकार की ओर से दी जाएगी। राज्य में बेरोजगारी दर अन्य राज्यों की तुलना में कम है। प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की जा रही हैं ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। राज्य में 19 धार्मिक स्थलों पर शराब की बिक्री पर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने कहा कि पशुपालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है तथा 5 लाख से अधिक गौमाताओं के संरक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को मिड-डे मील में दूध देने की योजना लागू की गई है, जिससे बच्चों को पोषणयुक्त आहार मिल सके। उन्होंने कहा कि नदी जोड़ो परियोजना के तहत मध्यप्रदेश में पार्वती लिंक परियोजना (राजस्थान के साथ) और बेतवा लिंक परियोजना (उत्तर प्रदेश के साथ) पर कार्य किया जा रहा है। इस योजना में 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही है, जिससे सिंचाई क्षेत्र का विस्तार होगा और किसानों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सकारात्मक आलोचना लोकतंत्र की आधारशिला है और राज्य सरकार सुशासन के विजन से प्रेरणा लेकर हर क्षेत्र में विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

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