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छत्तीसगड़

नवा रायपुर तहसील बनाने अधिसूचना जारी, 39 गांवों के लोगों नहीं लगाएंगे शहर के चक्कर

रायपुर.

नवा रायपुर के रहवासियों के लिए सुकून भरी खबर है. अब उन्हें जमीन, मुआवजा या राजस्व संबंधित कामों के लिए बार-बार रायपुर शहर या आसपास की तहसीलों में नहीं जाना पड़ेगा. राज्य सरकार ने नवा रायपुर को तहसील बनाने की अधिसूचना जारी कर दी है.

नवा रायपुर के साथ अब रायपुर जिले में रायपुर, मंदिर हसौद अभनपुर, धरसींवा, तिल्दा-नेवरा भी नई तहसील होगी. अभी तक वहां के गांवों के लोगों को राजस्व और प्रशासन संबंधित कामों के लिए रायपुर समेत आसपास के तहसीलों में जाना पड़ता था. लेकिन अब वहां के लोग वहीं की नई तहसील में अपने काम निपटा सकेंगे. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने नई तहसील बनाने की अधिसूचना जारी की है. इससे पहले नई तहसील की सीमाओं को लेकर दावा-आपत्ति मंगाई गई थी. इसमें कुछ ही आपत्तियां मिली थी, जिनका निराकरण कर दिया गया है.

नई तहसील में इन गांवों को किया शामिल
राजस्व निरीक्षक मंडल के 20 पटवारी हल्के में कुल 39 ग्रामों को शामिल किया गया है. इसमें फ्लौद – परसदा 20, पलौद 21, रीको, सेंध 21, चींचा 23, बरौंदा, 23, रमचंडी 23, कयाबांधा 24, झांझ 24, नवागांव 24, खपरी 24, कुहेरा 25, राखी 25, कोटनी 26, कोटराभाटा 26, तांदुल 26, मंदिर हसौद – छतौना 22, नवागांव 15, केंद्री- केंद्री 13, परसठ्ठी 13, निमोरा 14, उपरवारा 15, तूता 15, केंद्री 16, झांकी 16, खंडवा 18, भेलवाडीह 18, पचेड़ा 19, तोरला चेरिया 1, पाँता 1, बंजारी 1, तेंदुआ 1, कुरूं 2 सेरीखेड़ी में सेरीखेड़ी 16. नकटी 16, टेमरी 39, धरमपुरा 39, बनरसी 40, रायपुर 18, कांदुल माना 51 शामिल हैं.

रहवासियों को होंगे फायदे
नए तहसील के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र के लोगों को राजस्व प्रशासनिक कामों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा. इससे समय के साथ पैसे भी बचेंगे. जमीन नामांतरण, खसरा सुधार, बटांकन, डायवर्सन समेत अन्य संबंधित काम में तेजी आएगी. मूल निवासी, जाति, आय समेत कोई भी प्रमाण-पत्र बनाने लोगों को फायदा मिलेगा. सरकारी कामों के लिए लंबी दूरी तय कर जिला मुख्यालय या बड़ी तहसील नहीं जाना पड़ेगा. इसके साथ प्रशासन की उपस्थिति से इलाकों में सुरक्षा कानून व्यवस्था पहले से और बेहतर होती है.

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