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उत्तर प्रदेश

काशी विश्वनाथ धाम की यात्रा अब आसान, बनारस रोपवे से 15 मिनट में दर्शन संभव

बनारस 

काशी की गलियों का जाम अब बीते दिनों की बात होने वाली है. बाबा विश्वनाथ के भक्तों के लिए अब ‘शिवलोक’ तक का सफर बादलों के बीच से होकर गुजरेगा. वाराणसी में देश के पहले पब्लिक रोपवे का सपना अब हकीकत के बेहद करीब है. 807 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा यह प्रोजेक्ट न केवल ट्रैफिक की तस्वीर बदलेगा, बल्कि सैलानियों को 50 मीटर की ऊंचाई से पुरातन काशी का वो अद्भुत नजारा दिखाएगा, जो आज से पहले कभी नहीं देखा गया.

वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन से बाबा विश्वनाथ के करीब गोदौलिया तक का सफर अब जाम की गलियों में नहीं, बल्कि बादलों के बीच होगा. देश के पहले पब्लिक रोपवे का निर्माण अपने अंतिम चरण में है और इसी साल जून तक सैलानी इस अनूठे सफर का आनंद ले सकेंगे. आइए जानते हैं, जून में शुरू होने वाले इस सफर की क्या है पूरी तैयारी.

मार्च तक पूरा होगा सिविल वर्क, जून में उड़ान
नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड के अनुसार, इस महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का 92.5% काम सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है. शेष 7.5 प्रतिशत काम को 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके बाद रथयात्रा से गोदौलिया के बीच अलग-अलग चरणों में फाइनल ट्रायल रन शुरू किया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि जून महीने तक निर्माण और ट्रायल की सभी प्रक्रियाएं पूरी कर इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा.

5 आधुनिक स्टेशनों पर दिखेगी ‘शिवमय’ काशी
वाराणसी में कैंट से गोदौलिया के बीच प्रस्तावित रोपवे ट्रांसपोर्ट के लिए कुल 5 स्टेशन बनाए जा रहें है. इसमें कैंट,विद्यापीठ और रथयात्रा स्टेशन के बीच बीते दिनों रोप वे के तारों पर गंडोला का फुल स्पीड ट्रायल रन भी पूरा हो गया.इसके साथ ही स्टेशन निर्माण का काम भी लगभग कम्प्लीट है.

स्टेशन कराएगा मंदिर जैसा अहसास
इन सभी रोपवे स्टेशन पर काशी के कला और संस्कृति की झलक दिख रही है. स्टेशन पर ही भगवान शिव के साथ,डमरू,त्रिशुल और घाट का स्ट्रक्चर इसकी खूबसूरती को बढ़ा रहा है. अलग-अलग स्टेशन को अलग-अलग तरीके से सजाया गया है. इन रोपवे स्टेशन के प्रवेश द्वार को कुछ इस तरह डिजाइन किया गया है जो यहां आने वाले पर्यटकों को मंदिर में प्रवेश जैसी अनुभूति कराएगा. रोपवे के अलग अलग स्टेशन पर पर्यटकों के लिए कई तरह की सुविधाएं भी होंगी. यहां वेटिंग रूम के साथ लॉकर और दूसरी व्यवस्थाएं भी रहेगी.

काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचना होगा आसान
बता दें कि वाराणसी में कैंट से गोदौलिया से बीच 807 करोड़ की लागत से रोपवे ट्रांसपोर्ट बनाया जा रहा है. इसके निर्माण के बाद पर्यटक कैंट स्टेशन से महज 15 मिनट में काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंच सकेंगे. इस यात्रा के दौरान पर्यटक जमीन से करी 50 मीटर की ऊंचाई से पुरातन शहर काशी को निहार पाएंगे. फिलहाल 4 किलोमीटर के इस दूरी को पूरा करने में 40 से 45 मिनट का वक्त लगता है.

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