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धर्म/ज्योतिष

बाथरूम की गलत दिशा बिगाड़ सकती है आपका बजट! वास्तु शास्त्र के अनुसार सही नियम

घर को बनवाते समय वास्तु शास्त्र से जुड़े नियम का पालन जरूर करना चाहिए। इससे घर में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है। साथ ही सुख-शांति बनी रहती है, लेकिन गलत दिशा में बाथरूम होने से परिवार के सदस्यों के जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और वास्तु दोष लग सकता है, तो आइए इस आर्टिकल आपको बताते हैं कि किस दिशा में बाथरूम होने से जीवन खुशहाल रहता है।

बाथरूम के लिए कौन-सी दिशा है शुभ?

वास्तु शास्त्र की मानें तो बाथरूम के लिए उत्तर-पश्चिम दिशा को शुभ माना जाता है। इस दिशा में बाथरूम होने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। इसके अलावा पश्चिम दिशा में भी बाथरूम बनवा सकते हैं।

अगर आप जीवन में वास्तु दोष का सामना कर रहे हैं, तो इसकी वजह गलत दिशा में बना बाथरूम हो सकता है। इसलिए बाथरूम को बनवाने से पहले वास्तु शास्त्र के नियम के बारे में जरूर जान लें।

इन दिशाओं में बनवाएं बाथरूम

बाथरूम को उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं बनवाना चाहिए। इस दिशा को देवताओं का स्थान माना जाता है। इस दिशा में बाथरूम होने से आर्थिक तंगी की समस्या बन सकती है।
इसके अलावा घर के बीच में बाथरूम बनवाने से बचना चाहिए। इससे वास्तु दोष लगता है, जिसका प्रभाव परिवार के सदस्यों पर पड़ता है।

कैसा होना चाहिए पानी का बहाव?

बाथरूम के अंदर फर्श का ढलान पूर्व या फिर उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। वास्तु के अनुसार, इस दिशा को जल की निकासी के लिए उत्तम माना जाता है।

किस दिशा में होनी चाहिए टॉयलेट सीट?

बाथरूम में टॉयलेट को इस तरह लगाएं कि बैठते समय इंसान का मुंह दक्षिण या उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए। पूर्व या पश्चिम की तरफ मुंह करके बैठना उत्तम नहीं माना जाता है।

इन बातों का रखें ध्यान

    बाथरूम में उत्तर या पूर्व की दीवार पर नल और शावर पर लगवाना चाहिए।
    इसके अलावा बाथरूम में उत्तर या पूर्व की दीवार पर शीशा लगाएं। इससे सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
    बाथरूम में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

 

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