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धर्म/ज्योतिष

नवरात्रि 2026: घर में न रखें ये चीजें, नहीं तो नाराज हो सकती हैं मां दुर्गा

चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत 19 मार्च, गुरुवार से हो रही है। हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व शक्ति की आराधना और शुद्धि का समय माना जाता है। शास्त्रों और वास्तु शास्त्र के अनुसार, मां दुर्गा का आगमन उन्हीं घरों में होता है जहां स्वच्छता और सकारात्मकता का वास हो। यदि आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाली वस्तुएं मौजूद हैं, तो मां दुर्गा की कृपा से वंचित रहना पड़ सकता है। नवरात्रि के पवित्र दिनों से पहले घर की शुद्धि करना अत्यंत आवश्यक है। यहाँ उन प्रमुख चीजों की सूची दी गई है जिन्हें आपको नवरात्रि से पहले घर से हटा देना चाहिए ताकि मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त हो सके:

टूटी-फूटी वस्तुएं और खंडित सामान
वास्तु शास्त्र में टूटी हुई वस्तुओं को नकारात्मकता का मुख्य स्रोत माना गया है। घर में पड़े हुए टूटे हुए कांच, बर्तन, फर्नीचर, या इलेक्ट्रॉनिक सामान को नवरात्रि शुरू होने से पहले ही घर से बाहर कर दें। माना जाता है कि ये वस्तुएँ घर में आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव पैदा करती हैं। यदि कोई वस्तु उपयोग में नहीं है और टूटी हुई है, तो उसे सुधारें या तुरंत हटा दें।

पुरानी और रद्दी सामग्री
अक्सर हम घर के कोनों में, अलमारियों के पीछे या स्टोर रूम में पुरानी रद्दी, अखबारों के ढेर, पुरानी पत्रिकाएं और अनावश्यक कागज जमा कर लेते हैं। ये चीजें अटका हुआ ऊर्जा का प्रतीक हैं। गंदगी और धूल जमा होने से वहां नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है, जो देवी के स्वागत में बाधक बनती है। इन्हें हटाकर घर को व्यवस्थित करें।

पुराने और फटे-पुराने कपड़े
यदि घर में ऐसे कपड़े हैं जिन्हें आप काफी समय से नहीं पहन रहे हैं या जो फट गए हैं, तो उन्हें नवरात्रि से पहले दान कर देना चाहिए या हटा देना चाहिए। अनावश्यक कपड़े घर में ऊर्जा के प्रवाह को रोकते हैं। पुराने कपड़े हटाने से घर में नई सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

सूखे पौधे और मुरझाए फूल
घर की बालकनी या पूजा घर के आसपास यदि आपने गमले रखे हैं और उनमें लगे पौधे सूख गए हैं या फूल मुरझा गए हैं, तो उन्हें तुरंत हटा दें। सूखे पौधे घर में उदासी और नकारात्मकता का संकेत देते हैं। नवरात्रि के आगमन पर घर में ताजे और हरे-भरे पौधे या ताजे फूलों की सजावट करना शुभ माना जाता है।

 बंद घड़ियां
वास्तु के अनुसार, बंद घड़ियां प्रगति में रुकावट का प्रतीक मानी जाती हैं। यदि घर में कोई घड़ी बंद पड़ी है, तो या तो उसे ठीक करवाएं या उसे घर से हटा दें। समय का सही चलना घर में निरंतरता और सफलता को दर्शाता है।

खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
घर में खराब पड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, जैसे- बंद पड़े मोबाइल फोन, खराब चार्जर, या अन्य बिजली के उपकरण, जो अब काम नहीं करते, उन्हें घर से हटा देना बेहतर है। ये चीजें राहु के दोष को बढ़ाती हैं, जिससे घर में मानसिक उलझनें पैदा होती हैं।

पूजा घर की शुद्धि
नवरात्रि के लिए पूजा घर सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। यहां किसी भी प्रकार की खंडित मूर्ति या फटी हुई धार्मिक पुस्तकें नहीं होनी चाहिए। यदि आपके मंदिर में ऐसी कोई वस्तु है, तो उसे सम्मानपूर्वक किसी जल में प्रवाहित करें या विसर्जित करें। इसके अलावा, पिछले उत्सवों की बची हुई सूखी सामग्री या राख को हटाकर पूरे मंदिर को गंगाजल से शुद्ध करें।

नवरात्रि के लिए कुछ विशेष वास्तु सुझाव
गंगाजल का छिड़काव: पूरे घर में, खासकर कोनों और पूजा स्थल पर गंगाजल का छिड़काव करें। इससे घर की ऊर्जा शुद्ध होती है।
मुख्य द्वार पर स्वस्तिक: नवरात्रि के पहले दिन घर के मुख्य द्वार पर सिंदूर या कुमकुम से स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं। यह सुख-समृद्धि का द्वार खोलता है।
आम के पत्तों का तोरण: मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण लगाना बहुत शुभ माना जाता है, यह देवी लक्ष्मी और दुर्गा का स्वागत करने का संकेत है।
साफ-सफाई का महत्व: घर का कोना-कोना साफ रखें। जिस घर में धूल-मिट्टी नहीं होती, वहां देवी का वास स्थाई रूप से होता है।

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