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मध्यप्रदेश

खजराना गणेश को 7 करोड़ के आभूषणों से सजाया जाएगा, तिल चतुर्थी मेले में होगा ऐतिहासिक जनसैलाब

इंदौर
 देश-विदेश में प्रसिद्ध इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में आज से तीन दिवसीय पारंपरिक तिल चतुर्थी मेले का शुभारंभ हो रहा है। 6 से 8 जनवरी तक चलने वाले इस उत्सव में भगवान गणेश का परिवार 7 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के स्वर्ण मुकुट, स्वर्ण छत्र और अन्य बहुमूल्य आभूषणों से श्रृंगारित होगा। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन को इस तीन दिवसीय आयोजन में करीब 5 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
सवा लाख तिल-गुड़ के लड्डुओं का महाभोग

मेले के पहले दिन भगवान गणेश को सवा लाख तिल-गुड़ के लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। इसके लिए विशेष तैयारियां की गई हैं-

72 घंटे का श्रम – रसोइया खेमजी महाराज के नेतृत्व में 40 सदस्यों की टीम ने 10 भट्टियों पर लगातार काम कर ये लड्डू तैयार किए हैं।

ध्वजा पूजन – आज सुबह 10 बजे कलेक्टर और निगम आयुक्त द्वारा ध्वजा पूजन के साथ उत्सव की औपचारिक शुरुआत होगी।

विशेष भोग – 7 जनवरी को गोंद के लड्डू और 8 जनवरी को उड़द के लड्डुओं का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा।
तिल चतुर्थी का धार्मिक महत्व

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 6 जनवरी (मंगलवार) को तिल चतुर्थी मनाई जा रही है।

चंद्रोदय समय – आज रात 8:54 बजे चंद्रमा का उदय होगा।

मान्यता – इसे 'तिल कूटा चौथ' भी कहा जाता है। इस दिन चंद्र पूजन से मानसिक कष्ट दूर होते हैं और माताएं संतान की लंबी आयु व सुखी जीवन के लिए व्रत रखती हैं।

दर्शन और सुरक्षा व्यवस्था

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर प्रबंधन ने चलित दर्शन (Moving Darshan) की व्यवस्था की है ताकि आरती के दौरान भी कतारें न रुकें। पूरे परिसर को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी विद्युत सज्जा से सजाया गया है। मेले में मनोरंजन के लिए झूले, चकरी और विभिन्न राज्यों से आए दुकानदारों के स्टॉल लगाए गए हैं।

यातायात प्रबंधन (ट्रैफिक रूट प्लान)

यातायात पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष रूट तैयार किया है-

प्रवेश मार्ग – वाहन चालक खजराना चौराहा से सर्विस रोड होते हुए सिद्धि विनायक हॉस्पिटल से बाएं मुड़कर पार्किंग स्थल तक पहुंच सकेंगे।

निकासी मार्ग – दर्शन के बाद वाहन कालका माता मंदिर द्वार से होकर पीपल चौराहा की ओर निकलेंगे।

प्रतिबंध – बंगाली चौराहे से सिद्धि विनायक हॉस्पिटल की ओर सर्विस रोड पर वाहनों का प्रवेश वर्जित रहेगा।

मुख्य आकर्षण – सात करोड़ के स्वर्ण आभूषणों से सजे गणेश जी का मनोहारी स्वरूप इस साल के मेले का सबसे बड़ा आकर्षण है।

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