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मध्यप्रदेश

चप्पे-चप्पे पर नजर, रेलवे ने अगले तीन हफ्तों के लिए भीड़ प्रबंधन योजना बनाई

जबलपुर
महाकुंभ के दौरान नई दिल्ली रेलवे स्टेशन में भगदड़ की घटना के बाद रेलवे ने भीड़ प्रबंधन की सतत अग्रिम योजना पर काम शुरू कर दिया है। अब मंडल स्तर पर प्रत्येक तीन माह में कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके लिए रेल मंडल अगले तीन सप्ताह तक त्योहार, मेला और वीकेंड पर नजर रख रहे है। उन्हें ध्यान में रखकर स्टेशन एवं ट्रेन में भीड़ का अनुमान लगाया जा रहा है। यात्रियों की अतिरिक्त संख्या की आवाजाही को सुगम और सुरक्षित बनाने के उपाय तय किए जा रहे है।

इस अचानक उमड़ने वाली भीड़ नियंत्रण की रिपोर्ट को प्रत्येक रेल मंडल के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। जिसे रेलवे बोर्ड को भी प्रेषित करना होगा। ताकि यात्री दबाव बढ़ने से स्टेशन पर अराजकता की स्थिति निर्मित होने से रोका जा सकें। अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए विशेष ट्रेन, यात्री विश्राम स्थल के विस्तार सहित अन्य वैकल्पिक सुविधाओं को पहले ही सुनिश्चित कर लिया जाए। आवश्यकता होने पर बोर्ड की ओर से अतिरिक्त ट्रेन कोच, रैक एवं मानव श्रम उपलब्ध कराया जाएगा।
 
स्थानीय मेला, आयोजन का मांगा ब्योरा
रेलवे बोर्ड की ओर से अभी तक कुंभ जैसे बड़े आयोजन और दीपावली को लेकर अलग से तैयारी की जाती थी। जिसका दायरा बढ़ाते हुए अब स्थानीय स्तर पर होने वाले मेला और आयोजन में यात्री सुविधाओं को बोर्ड ने अपने अंतर्गत ले लिया है। प्रत्येक मंडल से भीड़ नियंत्रण को लेकर तीन सप्ताह की अग्रिम योजना प्रेषित करने का निर्देश दिया है। जिसमें मंडल को अपने क्षेत्र के अंतर्गत पर्यटक स्थल के साथ ही तीज, त्योहार, मेला, प्रस्तावित धार्मिक व अन्य आयोजन एवं वीकेंड पर बढ़ने यात्री दबाव का अनुमान बताना है। भीड़ की संभावना पर स्टेशन की व्यवस्था और ट्रेनों के सुगम परिचालन की कार्ययोजना प्रेषित करना है। कुंभ के दौरान अपनाए गए प्रबंधन को अपेक्षाकृत छोटे स्तर पर लागू करना है।

यात्री दबाव पर करने है यह उपाय
व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाना, सेंट्रल वॉर रूम बनाना।
भीड़ रोकने स्टेशन के बाहर अस्थाई यात्री विश्राम स्थल का निर्माण।
ट्रेन आने के आधा घंटा पूर्व कन्फर्म टिकट पर यात्री को प्लेटफॉर्म में प्रवेश।
प्रवेश-निर्गम के अलग-अलग मार्ग। प्लेटफॉर्म टिकट विक्रय पर रोक।
वीकेंड, त्योहार पर प्रतीक्षा सूची लंबी होने पर ट्रेन में अतिरिक्त कोच जोड़ना।
आवश्यकतानुसार स्थानीय स्तर पर मेला, त्योहार स्पेशल ट्रेन चलाना।
स्टेशन के बाहर ट्रेनों के आने-जाने का समय बताने वाले बड़े डिस्प्ले बोर्ड।
फुट ओवर ब्रिज, रैंप पर यात्रियों को रुकने न देना, भीड़ को चलायमान रखना।

प्रमुख जंक्शन और स्टेशन चिह्नित
पश्चिम मध्य रेल के अंतर्गत प्रदेश में अधिक यात्री दबाव वाले 12 प्रमुख स्टेशन है। जिस पर त्योहार एवं किसी विशेष अवसर पर भीड़ बढ़ती है। जबलपुर और भोपाल रेल मंडल आने वाले संबंधित स्टेशनों में इटारसी, कटनी, बीना और सतना प्रमुख रेल जंक्शन है। जबलपुर जंक्शन, भोपाल जंक्शन, रानी कमलापति स्टेशन, मैहर और सागर को भी अवसर विशेष पर संबंधित रेल मंडल के भीड़ वाले स्टेशनों की सूची में शामिल किया है।
 नवरात्र पर शारदा देवी दर्शन के लिए मैहर, हरे माधव परार्मा सत्संग समिति की ओर से माधव शाह बाबा के बर्शी मेले के दौरान कटनी और तब्लीग इज्तिमा के समय भोपाल रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। पश्चिम मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव के अनुसार विशेष अवसरों पर भीड़ के लिए अग्रिम कार्य योजना बनाई जा रही है। ताकि यात्रियों असुविधा न हो।

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