<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की कुटीर और ग्रामोद्योग विभाग की समीक्षा

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा महत्वपूर्ण अतिथियों को भेंट के रूप में दिया जा रहा है प्रदेश का महेश्वरी स्टोल
प्रदेश के हैण्डलूम और हस्तशिल्प उत्पादों की सोशल मीडिया पर उपस्थिति बढ़ाएं
मां अहिल्यादेवी को समर्पित 52 डिजाइन की साड़ियों का संग्रह होगा विकसित – महेश्वर के किले पर उकरे गए डिजाइन बनेंगे आधार

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हैण्डलूम और हस्तशिल्प से जुड़ी गतिविधियां महिलाओं की दक्षता और क्षमता का सदुपयोग करते हुए उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में सहायक हैं। इन गतिविधियों से स्व-सहायता समूहों औरलाड़ली बहनों को जोड़ते हुए मृगनयनी तथा कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के अन्य ब्राण्ड के विक्रय केन्द्रों का विस्तार जिला स्तर तक किया जाए। इन ब्राण्डों की फ्रेंचाइजी भी निजी उद्यमियों और समूहों को प्रदान की जाए। लाड़ली बहनों को लूम तथा चरखे उपलब्ध कराकर उत्पादन आरंभ करने के लिए चयनित जिलों में पॉयलेट प्रोजेक्ट लिए जाएं। इस गतिविधि में निजी पहल को भी प्रोत्साहित किया जाए। प्रदेश के हैण्डलूम और हस्तशिल्प की सोशल मीडिया के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में प्रस्तुति दर्ज कराई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की 2 वर्ष की उपलब्धियों तथा आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना के संबंध में शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव श्री के.सी. गुप्ता सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बैठक से पहले 'एक जिला-एक उत्पाद' (ओडीओपी) के उत्पाद भेंट किए गए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हस्तशिल्प और हैण्डलूम से जुड़े विभाग के ब्राण्ड- मृगनयनी, विंध्या वैली, कबीरा और प्राकृत के उत्पाद मध्यप्रदेश पर्यटन की इकाइयों और प्रदेश के प्रमुख धार्मिक केन्द्रों तथा लोकों में विक्रय के लिए आकर्षक रूप से प्रदर्शित किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने साड़ी पहनने की गौरवशाली परम्परा को प्रोत्साहित करने के लिए इंदौर में हुए साड़ी वॉकथान जैसे आयोजन प्रदेश के अन्य शहरों में करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रेशम उत्पादन गतिविधियों का प्रदेश के अन्य जिलों में विस्तार करने तथा इस गतिविधि में निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न प्रकार के उत्पादों के जीआई टैग प्राप्त की जानकारी का संकलन एकीकृत रूप से किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री कार्यालय में अतिथियों को भेंट करने के लिए प्रदेश के हेरिटेज महेश्वरी स्टोल का चयन किया गया है। विभाग द्वारा यह स्टोल विशेष रूप से गोंड पेंटिंग और बेलमेटल से सुसज्जित लकड़ी के बॉक्स में प्रदाय किए जा रहे हैं। इन स्टोल की मांग विदेशी दूतावासों से भी प्राप्त हुई है।

बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार माँ अहिल्यादेवी की 300वीं जयंती के उपलक्ष में महेश्वर के किले पर उकरे गए डिजाइन के अनुसार मां अहिल्यादेवी को समर्पित 52 डिजाइन की साड़ियां तैयार कराई जा रही हैं। रेशम समृद्धि योजना का विस्तार प्रदेश के सभी जिलों में किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि इंदौर में 7 मार्च को आयोजित साड़ी वॉकथान में 27 हजार महिलाओं द्वारा भागीदारी की गई। कुनो चीता अभ्यारण्य में विक्रय के लिए प्रदेश की 35 से अधिक क्रॉफ्ट पर चीता थीम पर नए गिफ्ट आयटम बनाए जा रहे हैं। बैठक में विगत दो वर्ष की उपलब्धियों के संबंध में बताया गया कि –

    प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम में 2568 ग्रामोद्योग इकाइयों को स्वीकृति प्रदान की गई। कुल 63 करोड़ रूपए अनुदान राशि वितरित की गई तथा बैंकों से 252 करोड़ रूपए का ऋण स्वीकृत कराया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत 6300 नवीन रोजगार सृजित हुए।

    कौशल उन्नयन विकास कार्यक्रम में 1710 लोगों को प्रशिक्षण तथा 1197 का प्लेसमेंट कराया गया।

    विभाग द्वारा 10 करोड़ रूपए की सामग्री का उत्पादन किया गया तथा एम्पोरियम से 23 करोड़ रूपए की सामग्री का विक्रय हुआ।

    भोपाल में जवाहर चौक और भोपाल हाट में नवीन एम्पोरियम आरंभ किए गए।

    जिला स्तर पर 49 और राज्य स्तर पर 30 प्रदर्शनियों के साथ ही नई दिल्ली, मुम्बई, रांची, कलकत्ता और छत्तीसगढ़ में प्रदर्शनियां लगाई गईं।

    डिजिटल मीडिया के माध्यम से आउटरिच का लगातार विस्तार किया जा रहा है।

आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना

    ग्वालियर तेलघानी केन्द्र का उन्नयन कर, वहां उत्पादन बढ़ाना।

    उज्जैन, देवास, सागर, महेश्वर और बुरहानपुर में स्फूर्ति योजना में खादी वस्त्र उत्पादन, प्रोसेस कार्य, चर्म सामग्री निर्माण का विस्तार करना।

    भोपाल में बुटिक एवं ब्लॉक प्रिंट, जरी-जरदोजी, सिलाई और माटीकला पर केन्द्रित सामान्य सुविधा केन्द्र की स्थापना।

    बुनकरों के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफार्म उपलब्ध कराना।

    एक हजार बुनकरों को डिजाईन विकास, मार्केट लिंकेज आदि में सहायता।

    1700 बुनकरों को प्रशिक्षण तथा 800 बुनकरों को उन्नत उपकरण उपलब्ध कराना।

    प्रदेश के भीतर और बाहर प्रमुख महानगरों में 270 मेलों/प्रदर्शनियों का आयोजन कर बुनकरों और शिल्पियों को मार्केट उपलब्ध कराना।

    खादी वस्त्र उत्पादन क्षमता को दुगना करना।

    देवास के ग्राम बालगढ़ में 15 करोड़ की लागत से पोनी प्लांट की स्थापना।

    जबलपुर में खादी ग्रामोद्योग एम्पोरियम का नवीनीकरण।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button