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छत्तीसगड़

जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा शुरू हुई चयन प्रक्रिया, 10 सर्वाधिक आबादी वाले ग्रामों में चलेगी प्रतिस्पर्धा

दंतेवाड़ा : पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जिले में बनाये जायेगें ‘सोलर मॉडल विलेज’

जिला स्तरीय चयन समिति द्वारा शुरू हुई चयन प्रक्रिया, 10 सर्वाधिक आबादी वाले ग्रामों में चलेगी प्रतिस्पर्धा

सौर संयंत्र स्थापना, जन जागरूकता, सामुदायिक भागीदारी और नवाचार पर तय होगा मॉडल विलेज का चयन
 दंतेवाड़ा

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत दंतेवाड़ा जिले में एक ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित सोलर मॉडल विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इस दिशा में कलेक्टर  कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय चयन समिति ने औपचारिक रूप से चयन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। भारत सरकार द्वारा जारी अद्यतन दिशा-निर्देशों के अनुसार अब नवीन जनगणना के आधार पर ऐसे राजस्व ग्रामों का चयन किया जाना आवश्यक है जिनकी आबादी 5,000 से अधिक हो। जबकि नवीनतम जनगणना अनुसार जिले में 5,000 से अधिक आबादी वाले ग्रामों की संख्या 10 से कम होने के कारण जिला स्तरीय समिति द्वारा जिले के प्रथम 10 सर्वाधिक आबादी वाले ग्रामों के मध्य प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया आयोजित की जा रही है।

इस प्रक्रिया के आधार पर ही अंतिम मॉडल सोलर विलेज का चयन किया जाएगा। दंतेवाड़ा जिले में केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार जिले में प्रतियोगिता के लिए चयनित 10 ग्रामों में ग्राम कारली, बालूद, टिकनपाल, कुआकोंडा, ग्राम गड़मिरी, मेटापाल, गुडसे, दुगेली, बड़े बचेली और कासोली शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के निर्देश पर राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को गति देने के लिए जिलों को निरंतर कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के हर घर सौर ऊर्जा लक्ष्य को धरातल पर साकार किया जा सके। इन्हीं ग्रामों में से एक ग्राम जिले का पहला सोलर मॉडल विलेज बनेगा।

‘सोलर मॉडल विलेज’ हेतु जिले के सभी विकासखंड से ग्रामों का चयन किया गया है। इन ग्रामों में अब माह फरवरी 2026 तक सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने, जन जागरूकता अभियान चलाने, घरेलू एवं सामुदायिक सौर संयंत्रों की स्थापना, तथा योजनाओं के लिए ग्रामीणों द्वारा किए जाने वाले आवेदनों की सतत समीक्षा की जाएगी। इस प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक चयनित ग्राम में आदर्श ग्राम समिति गठित की जा रही है, जिसमें सरपंच, सचिव, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, डॉक्टर तथा ग्राम अंतर्गत शासकीय अधिकारी कर्मचारी सदस्य के रूप में शामिल हो सकते हैं। यह समिति डोर-टू-डोर संपर्क कर ग्रामीणों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। साथ ही पी.एम. कुसुम योजना, जल जीवन मिशन के सोलर डुअल पंप, सौर सुजला योजना,  पी.एम. सूर्य घर योजना, सोलर हाईमास्ट, सोलर स्ट्रीट लाइट तथा अन्य नवीकरणीय ऊर्जा आधारित व्यवस्थाओं की जानकारी भी प्रदान करेगी।

  इस संबंध में क्रेडा के सहायक अभियंता  रविकांत भारद्वाज ने बताया कि दिशा-निर्देशों के अनुसार जिस ग्राम में सरकारी अथवा गैर-सरकारी माध्यमों से सर्वाधिक सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित होगी, उसे मॉडल सोलर विलेज के रूप में प्राथमिकता दी जाएगी। इसी को प्रतिस्पर्धा हेतु सूचीबद्ध किया गया है। इन ग्रामों में सौर ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने और मूल्यांकन के लिए 28 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। इस प्रतियोगिता के दौरान प्रत्येक ग्राम अपनी जरूरतों के अनुसार सामुदायिक सौर संयंत्रों के प्रस्ताव तैयार कर जिला स्तर पर प्रस्तुत भी कर सकेगा। निर्धारित अवधि पूर्ण होने पर जिला स्तरीय समिति द्वारा सभी ग्रामों का मूल्यांकन किया जाएगा।

यह मूल्यांकन ग्राम में स्थापित सौर संयंत्रों की संख्या, योजनाओं के लिए किए गए आवेदनों, प्रेषित प्रस्ताव, सामुदायिक सहभागिता, उपलब्ध ऊर्जा सुविधाओं और सौर संसाधनों के उपयोग की आधारशिला पर होगा। इसी मूल्यांकन के आधार पर जिले के पहले सोलर मॉडल विलेज का चयन किया जाएगा और चयनित ग्राम के विकास हेतु 2 करोड़ रुपये की डी.पी.आर. तैयार कर 15 मार्च 2026 तक ऊर्जा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को भेजा जाएगा। ताकि उस ग्राम को पूर्णतः सौर ऊर्जा आधारित आदर्श मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया जा सके। इस संबंध में क्रेडा विभाग द्वारा प्रतिस्पर्धा की प्रक्रिया जारी है और निर्धारित मानकों के आधार पर जिले के आदर्श सौर ग्राम का चयन समय सीमा में कर लिया जाएगा।

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