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मध्यप्रदेश

इंदौर मेट्रो: एयरपोर्ट सर्वे और ट्रायल रन अलग-अलग स्पीड पर, 80 किमी/घंटा से होगा संचालन

इंदौर 

इंदौर में छह किलोमीटर का मेट्रो रूट बनकर पूरी तरह तैयार है। अब अलग-अलग टीमें आकर सेफ्टी ऑडिट कर रही हैं। मंगलवार को मेट्रो ट्रैक पर कोच का स्पीड ट्रायल हुआ। मेट्रो ट्रेन 80 किलोमीटर की गति से ट्रैक पर चली। इस दौरान कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी जनक कुमार गर्ग भी मौजूद थे। इसके पहले उन्होंने छह किलोमीटर हिस्से के ट्रैक का ट्राॅली पर बैठकर निरीक्षण किया था।

कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) की टीम सोमवार को ही इंदौर आ गई थी। टीम  गांधी नगर डिपो भी गई थी। उन्होंने वहां पर सुरक्षा मानकों के हिसाब से मेट्रो कोच को परखा। टीम ने डिपो में संचालन से जुड़ी गतिविधियों को देखा। मेट्रो के लिए बनाए सेंटर की भी जांच की गई। पहले भी मेट्रो कोच का अलग-अलग स्पीड के हिसाब से ट्रायल हो चुका है। सिविल वर्क का ऑडिट भी होने वाला है। इस ऑडिट की रिपोर्ट के बाद मेट्रो के कामर्शियल रन की रिपोर्ट मिल जाएगी। इसके बाद मेट्रो का कामर्शियल रन संभव हो सकेगा। 

छह किलोमीटर के अंतर्गत आने वाले मेट्रो स्टेशन का निरीक्षण भी टीम ने किया। यहां लगी लिफ्ट, टिकट खिड़की, प्लेटफार्म सुरक्षा, यात्रियों की सुविधा सहित अन्य मापदंडों पर स्टेशनों को परखा गया। इसके बाद टीम रवाना हो गई। सर्टिफिकेट जारी होने के बाद इंदौर में छह किलोमीटर हिस्से में मेट्रो के संचालन की राह आसान हो जाएगी।

डेढ़ माह पहले जब मेट्रो ट्रेन रेडिसन चौराहे तक आई थी तो उसकी गति दस किलोमीटर प्रति घंटे से भी कम थी। अब उसकी स्पीड धीरे-धीरे बढ़ाई जा रही है। मंगलवार को ट्रेन का आठ बार से ज्यादा ट्रायल रन हुआ है। छह माह बाद इस ट्रेन का संचालन गांधी नगर डिपो से 17 किलोमीटर लंबाई तक रेडिसन चौराहे तक हो सकेगा।

अभी मेट्रो ट्रेन छह किलोमीटर के हिस्से में चल रही है, लेकिन यहां मेट्रो को यात्री नहीं मिल पा रहे है,क्योकि उस हिस्से न तो बसाहट है और न ही बड़े संस्थान। इस कारण लोगों की आवाजाही इस हिस्से में नहीं है। यात्री नहीं मिलने के कारण मेट्रो का संचालन भी शाम के समय हो रहा है, लेकिन उसमें भी ठीक से यात्री नहीं मिल पा रहे है।
 

मेट्रो ट्रेन-फैक्ट फाइल

    इंदौर मेट्रो एयरपोर्ट, दो बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन को कवर करेगी। शहर के मध्य हिस्से के ट्रैफिक को कम करने में मददगार साबित होगी।
    हर 30 मिनट के अंतर से मेट्रो ट्रेन चलेगी।शहर में कुल 28 स्टेशनों से ट्रेन गुजरेगी। फिलहाल 15 जगह स्टेशनों का काम चल रहा है। 20 से लेकर 80 रुपये तक मेट्रो ट्रेन का किराया होगा। मेट्रो ट्रेन कार्पोेरेशन ने किराए के लिहाज से मेट्रो रुट को पांच जोन में बांटा है।

    अभी अंडरग्राउंड हिस्से का काम शुरू नहीं हो पाया है। मेट्रो ट्रेन के इस हिस्से में बदलाव के लिए इंदौर के जनप्रतिनिधियों ने फैसला लिया है। अभी इस पर प्रदेश सरकार की मंजूरी नहीं मिली है।

    20 से ज्यादा मेट्रो ट्रेन का संचालन होगा। एक ट्रेन में साढ़े चार सौ यात्री सवार हो सकेंगे। बैठने के अलावा खड़े रहकर सफर करने में भी आसानी होगी। ट्रेन के भीतर लगे पोल में चार ग्रिप दी गई है। जिसे यात्री पकड़ कर सफर कर सकते है। मेट्रो ट्रेन बाहरी और आतंरिक रुप से सीसीटीवी कैमरों से लैस होगी।

 
एयरपोर्ट के लिए भी हुआ सर्वे
इंदौर में एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भी मंगलवार को सर्वे हुआ। एयरपोर्ट, नगर निगम और प्रशासन की टीम ने आसपास के हिस्से में दौरा किया। कुछ दिनों में मेट्रो का काम भी एयरपोर्ट परिसर के समीप शुरू हो जाएगा। मेट्रो स्टेशन और एयरपोर्ट को जोड़ा जाएगा।

31 किलोमीटर का रहेगा मेट्रो का रूट
इंदौर में मेट्रो का रूट 31 किलोमीटर रहेगा। फिलहा
ल 18 किलोमीटर लंबे हिस्से में काम चल रहा है। मेट्रो एयरपोर्ट से सुपर काॅरिडोर, विजय नगर, खजराना रिंग रोड, तिलक नगर, पलासिया, गांधी प्रतिमा, राजवाड़ा, सदर बाजार, बड़ा गणपति, एरोड्रम रोड होते हुए एयरपोर्ट तक जाएगी। नाथ मंदिर रोड से एरोड्रम रोड तक मेट्रो भूमिगत रहेगी। फिलहाल इसका काम शुरू नहीं हो पाया है। पहले 17 किलोमीटर हिस्से में ट्रायल रन का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हो पाया है। इस कारण अभी छह किलोमीटर हिस्से में मेट्रो का संचालन शुरू करने की तैयारी की गई है, हालांकि इस हिस्से में मेट्रो के लिए यात्री काफी कम मिलेंगे।

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