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फ़िल्म जगत

ऑल-गर्ल्स बैंड के जरिए नेहा भसीन ने पेश की अपनी कहानी, आवाज में छिपा जादू

मुंबई 
 भारतीय संगीत जगत में कई ऐसी आवाजें हैं, जिन्होंने समय के साथ अपनी एक अलग पहचान बनाई है, लेकिन कुछ आवाजें शुरुआत से ही इतनी खास होती हैं कि उनका सफर अपने आप में एक प्रेरणा बन जाता है। नेहा भसीन ऐसी ही कलाकारों में से एक हैं। बचपन से ही गाने के प्रति उनके जुनून को देख लोग कहते थे कि वह एक दिन देश की सबसे खास गायिकाओं में गिनी जाएंगी। आज भले ही लाखों लोग उन्हें 'जग घूमेया' और 'कुछ खास' जैसे सुपरहिट गानों की वजह से पहचानते हों, लेकिन उनके करियर की नींव उस समय पड़ी थी जब उन्होंने भारत के पहले ऑल-गर्ल्स बैंड विवा में जगह बनाई थी। करियर के इस मोड़ ने उनकी पहचान को नई उड़ान दी।

नेहा भसीन का जन्म 18 नवंबर 1982 को दिल्ली में हुआ था। महज नौ साल की उम्र में उन्होंने मारिया कैरी का गाना 'हीरो' गाया और एक प्रतियोगिता में जीत हासिल की। इसी स्टेज ने उनके मन में संगीत के प्रति लगाव को बढ़ा दिया। पढ़ाई के दौरान भी नेहा हमेशा प्रोग्राम में हिस्सा लेती और अपनी आवाज से सबका ध्यान खींच लेती थीं। बाद में उन्होंने शास्त्रीय संगीत की ट्रेनिंग उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान से ली, जिसने उनकी आवाज को और भी प्रभावशाली बनाया।

कॉलेज के दिनों के दौरान नेहा भसीन ने चैनल वी के शो 'कोक वी पॉपस्टार्स' के लिए ऑडिशन दिया, जो उस समय के सबसे बड़े म्यूजिक टैलेंट सर्च शोज में से एक था। यहां तक पहुंचना आसान नहीं था, लेकिन नेहा न सिर्फ चुनी गईं बल्कि 18 साल की उम्र में यह शो जीत भी लिया। शो जीतने के बाद नेहा और बाकी चार लड़कियों ने मिलकर भारत का पहला ऑल-गर्ल्स पॉप बैंड 'विवा' बनाया। यह बैंड उस समय युवाओं में एक क्रेज बन चुका था। टीवी, रेडियो और म्यूजिक चैनल्स पर हर तरफ विवा की चर्चा होने लगी। यह वह समय था जब भारत में पॉप कल्चर अपने सबसे चमकदार दौर से गुजर रहा था और विवा की सफलता ने इसे और भी आगे बढ़ाया।

हालांकि यह बैंड कुछ सालों बाद टूट गया, लेकिन इस दौरान नेहा ने जितनी लोकप्रियता हासिल की, वह उनके आगे के करियर के लिए एक मजबूत नींव साबित हुई।

बैंड टूटने के बाद नेहा ने फिल्मी दुनिया में कदम रखा। 2007 में फिल्म 'फैशन' के गाने 'कुछ खास है' से उन्हें वह पहचान मिली, जिसने बॉलीवुड में उनका नाम स्थापित कर दिया। इस गाने के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड में नामांकन भी मिला। इसके बाद उन्होंने 'धुनकी', 'जग घूमेया', 'स्वैग से स्वागत', 'हीरिए' और कई अन्य गानों से अपनी जगह मजबूत की। उनकी खासियत यह है कि वे सिर्फ हिंदी ही नहीं बल्कि पंजाबी, तमिल और तेलुगु सहित कई भाषाओं में गाती हैं और हर भाषा में उनकी आवाज उतनी ही मधुर लगती है।

नेहा ने साउथ इंडस्ट्री में भी कई सुपरहिट गाने दिए, जिनमें तमिल गाना 'पेसुगिरेन पेसुगिरेन' और तेलुगु गाना 'अतु नुव्वे' शामिल हैं। इन गानों ने उन्हें साउथ की फिल्मों में पसंदीदा गायिकाओं में शामिल कर दिया। उनके करियर में कई अवॉर्ड जुड़े, जिनमें दो फिल्मफेयर अवॉर्ड्स भी शामिल हैं।

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