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मध्यप्रदेश

तकनीक और परंपरा के संगम से सिंहस्थ-2028 को मिलेगा स्मार्ट स्वरूप

11 राज्यों की 36 टीम ने प्रस्तुत किए डिजिटल नवाचार

हैकाथॉन-2025 का ग्रैंड फिनाले आईआईएसईआर भोपाल में प्रारंभ

भोपाल

उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन-2025 का ग्रैंड फिनाले बुधवार को भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) भोपाल में प्रारंभ हुआ। दो दिवसीय आयोजन में भारत के 11 राज्यों की प्रतिभाएं एक मंच पर आईं और सिंहस्थ-2028 को तकनीक के जरिए और बेहतर बनाने के लिए डिजिटल समाधान प्रस्तुत किए। हैकाथॉन में 26 राज्यों से 1,726 पंजीकरण हुए और 932 नवीन विचार प्रस्तुत किए गए। कड़े मूल्यांकन के बाद मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, उड़ीसा, केरल, गुजरात, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु की 36 टीम फिनाले में पहुंचीं।इस हैकाथॉन ने “एक भारत-एक साथ नवाचार” की भावना को जीवंत किया है। मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित इस हैकाथॉन-2025 का लक्ष्य शासन, जन सुरक्षा और नागरिक कल्याण के लिए तकनीक का उपयोग करना है।

समारोह में आईआईएसईआर भोपाल के निदेशक प्रो. गोवर्धन दास ने कहा कि “कुंभ मेला सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक एकता का प्रतीक है। यह हैकाथॉन परंपरा और तकनीक के खूबसूरत मेल को दर्शाता है।” एमपीएसईडीसी के परियोजना निदेशक श्री अंशुमन राज ने इसे सरकारी चुनौतियों को समाधान में बदलने का शानदार अवसर बताया। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ-2028 नागरिकों के लिए स्मार्ट सुरक्षा प्रणालियाँ विकसित करने का अवसर है। कार्यकारी निदेशक डॉ. संदीप गोयल ने इसे विचारों और विविधता का संगम कहा जो सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन को और बेहतर बनाएगा। समारोह में एनईजीडी के निदेशक श्री अभिषेक अनंत भी उपस्थित थे।

36 फाइनलिस्ट टीम ने स्मार्ट मोबिलिटी, सुरक्षा और निगरानी, स्वास्थ्य और स्वच्छता एवं डिजिटल अनुभव और सांस्कृतिक विसर्जन जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों में अपने प्रोटोटाइप प्रस्तुत किए। उल्लेखनीय परियोजनाओं में क्राउडगार्ड एआई:वास्तविक समय में सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली प्रणाली, एआई-मूव सिंहस्थ: तीर्थयात्रियों के प्रवाह को प्रबंधित करने का समाधान, एकीकृत पार्किंग प्रबंधन प्लेटफॉर्म (केरल): पार्किंग की समस्या का तकनीकी हल शामिल हैं, दर्शिनी एआई: सांस्कृतिक अनुभव को डिजिटल रूप से जीवंत करने वाला प्रोजेक्ट शामिल हैं। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, ओरेकल और आईआईएसईआर के विशेषज्ञों वाले निर्णायक मंडल ने इन नवाचारों की रचनात्मकता की जमकर प्रशंसा की और रचनात्मक सुझाव भी दिए। हैकाथॉन का दूसरा दिन 9 अक्टूबर को अंतिम प्रदर्शन, मूल्यांकन के साथ समाप्त होगा।अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे मुख्य अतिथि होंगे। शीर्ष तीन विजेता टीम को 18 लाख, 5 लाख और 3 लाख रुपये के नकद पुरस्कार के साथ इनक्यूबेशन और मेंटरशिप के अवसर मिलेंगे।

उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन-2025 मध्यप्रदेश के तकनीकी नवाचार में अग्रणी भूमिका को रेखांकित करता है। यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल भविष्य से जोड़ते हुए समावेशी और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देता है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच हैकाथॉन परंपरा और नवाचार के मेल का प्रतीक बनकर उभरा है, जो राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा प्रभाव छोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

 

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