<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
राजनीति

शशि थरूर ने उपराष्ट्रपति पद को लेकर विपक्ष पर कसा तंज, बोले- कोई मुकाबला नहीं

नई दिल्ली

 भारत के अगले उपराष्ट्रपति का चुनाव 9 सितंबर 2025 को होगा। यह घोषणा निर्वाचन आयोग (EC) ने गुरुवार को की गई। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि निर्वाचन मंडल का गठन पूरा हो चुका है। इस बीच कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की हार को पहले ही तय मानते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल के द्वारा जिसे उम्मीदवार बनाया जाएगा वही उपराष्ट्रपति बनेगा।

शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में थरूर ने कहा, “कोई अंदाजा नहीं है कि अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा। लेकिन ये तय है कि जो भी होगा वो सत्तारूढ़ पार्टी का नामित व्यक्ति होगा। चूंकि यह चुनाव केवल लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य मिलकर करते हैं, इसलिए हम पहले से ही जानते हैं कि बहुमत किसके पास है।” थरूर ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति चुनाव की तुलना में उपराष्ट्रपति चुनाव में राज्य विधानसभाएं हिस्सा नहीं लेतीं, इसलिए परिणाम लगभग तय है।

जगदीप धनखड़ ने दिया था इस्तीफा

भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अगस्त 2022 में पदभार संभाला था। उन्होंने21 जुलाई 2025 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे का कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बताया गया है। उनका कार्यकाल आधिकारिक रूप से अगस्त 2027 तक होना था, लेकिन उन्होंने करीब दो साल पहले ही पद छोड़ दिया।

उपराष्ट्रपति का चुनाव संविधान के अनुच्छेद 66 के तहत होता है। लोकसभा और राज्यसभा के सांसद इस चुनाव में वोट करते हैं। मतदान गुप्त बैलेट प्रणाली के जरिए होता है। इसका संचालन निर्वाचन आयोग करता है। निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही मतदाता सूची की अंतिम प्रति सार्वजनिक की जाएगी, जिसे आयोग के कार्यालय से खरीदा जा सकेगा।

2024 के लोकसभा चुनावों में एनडीए को बहुमत मिला था और राज्यसभा में भी उसका वर्चस्व है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि एनडीए का उम्मीदवार आसानी से उपराष्ट्रपति चुना जाएगा। हालांकि अभी तक किसी भी दल ने आधिकारिक रूप से अपने उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं किया है, लेकिन भाजपा सूत्रों के अनुसार नामों पर मंथन जारी है और अगस्त के मध्य तक उम्मीदवार की घोषणा की जा सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button