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छत्तीसगड़

पुलिस ने राजधानी रायपुर में अवैध रूप से रह रहे 10 बांग्लादेशी नागरिकों को दबोचा

रायपुर 

छत्तीसगढ़ के रायपुर में पुलिस ने राजधानी रायपुर में अवैध रूप से रह रहे 10 बांग्लादेशी नागरिकों को दबोचा है। इसमें महिला, पुरुष और नाबालिग शामिल हैं। सभी फिलहाल थाने में बिठाया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस को टिकरापारा इलाके के अलग-अलग जगह पर बांग्लादेशी रहने की सूचना मिली थी। 

 इसके बाद पुलिस ने छापा मारकर तीन परिवारों से पूछताछ की। जब उनसे पहचान संबंधित दस्तावेज मांगे गए तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। कड़ाई से पूछताछ करने पर उन्होंने बांग्लादेशी होने की बात कबूल कर ली। टिकरापारा पुलिस ने तीनों दंपतियों समेत कुल 10 लोगों को हिरासत में लिया है।

 15-20 साल से रह रहे थे
सभी के रायपुर में 15-20 सालों से रह रहे हैं। पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड आदि बनवा लिए हैं। सभी से पूछताछ चल रही है। उनके मोबाइल के कॉल डिटेल निकाले जा रहे हैं। उनके लोकल कॉन्टेक्ट का पता लगाया जा रहा है।

10 सालों से रायपुर में निवासरत

हिरासत में लिए गए तीनों परिवार दावड़ा कालोनी और धरमनगर इलाके में किराये के मकानों में रह रहे थे। ये लोग पिछले 10 सालों से भी अधिक समय से रायपुर में निवास कर रहे थे और शहर में अंडे का ठेला लगाने या दिहाड़ी मजदूरी जैसे छोटे-मोटे काम करके अपना गुजारा कर रहे थे। पुलिस अब इन सभी के दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।
आसपास के लोग पुलिस को दे रहे सूचना

हाल ही में धरमनगर में एक दंपती और उनकी बेटी के बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि ने पुलिस और खुफिया एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। इसके बाद से ही स्थानीय लोग भी अपने आसपास रहने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना पुलिस को दे रहे हैं। वहीं, हिरासत में लिए गए संदिग्धों में दो नाबालिग भी शामिल हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि ये सभी कथित तौर पर बांग्लादेश से कोलकाता के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे और फिर अपने किसी परिचित की मदद से रायपुर पहुंचे थे।

पुलिस अब उन मददगारों की भी तलाश कर रही है जिन्होंने इन लोगों को यहां रहने में सहायता की। एसएसपी डा. लाल उम्मेद सिंह ने बताया कि पुलिस हर पहलू पर गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही इस मामले से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा किया जाएगा।

एजेंट की तलाश
पुलिस ने कुछ दिन पहले भी एक बांग्लादेशी दंपती मोहम्द दिलावर और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया था। उनसे पूछताछ में खुलासा हुआ है कि एजेंट के जरिए वह रायपुर पहुंचे थे। इस मामले में भी इसी एजेंट की भूमिका बताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल, मुंबई, नागपुर होते हुए रायपुर पहुंचने के लिए कई एजेंट सक्रिय हैं। पिछले कुछ सालों में रायपुर शहर के अलग-अलग हिस्से में बड़ी संख्या में बांग्लादेश और अन्य देशों से भी लोग पहुंचे हैं। वे अवैध रूप से रह रहे हैं।

जांच चल रही है
एएसपी पश्चिम दौलत राम पोर्ते ने बताया कि संदिग्ध बांग्लादेशी को हिरासत में लिया गया है उनसे पूछताछ की जा रही है। उनसे मिले दस्तावेज की जांच की जा रही है। इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। मामले का जल्द खुलासा करेंगे।

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