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देश

एयर मार्शल भारती ने PAK को पढ़ाया रामायण का पाठ, PC में बजने लगी ताली

नई दिल्ली

पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर निशाना बनाते हुए भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था. सोमवार को इंडियन आर्मी के तीनों सेना प्रमुखों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' और भारत पाकिस्तान के बीच बनी मौजूदा स्थिति पर जानकारी देने के लिए प्रेस ब्रीफिंग की. इस दौरान उन्होंने भारतीय सेना की कार्रवाई का पूरा ब्यौरा दिया और कई खास बातें शेयर कीं. इसी दौरान भारतीय सेना ने स्पष्ट तौर पर पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया कि 'भय बिन होई न प्रीति. यानी बिना डर के प्रेम नहीं हो सकता है.

पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था. भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया. पड़ोसी मुल्क ने भी जवाबी हवाई हमले किए, जिसे भारत ने नाकाम कर दिया. दोनों देशों में बढ़ते तनाव के बीच शनिवार शाम सीजफायर पर फैसला हुआ. जिसके बाद अब हालात सामान्य हैं. प्रेस ब्रीफिंग के दौरान सेना ने यह भी कहा कि वह हर हमले के लिए तैयार है.

एयर मार्शल ए.के. भारती ने कहा कि हमारे सभी मिलिट्री बेस, इक्विपमेंट्स और सिस्टम चालू हैं और किसी भी तरह की जरूरत पड़ने पर मिशन के लिए तैयार हैं.

उन्होंने अपनी बात की शुरुआत

रामचरित मानस के एक दोहे से की. उन्होंने कहा,
'बिनय न मानत जलधि जड़, गए तीन दिन बीत
 बोले राम सकोप तब, भय बिनु होय न प्रीत. '

संत तुलसी दास ने ये दोहा उस प्रसंग पर लिखा, जहां श्रीराम समुद्र से लंका जाने के लिए राह मांग रहे हैं. हनुमान जी लंका जाकर सीता का पता लगा आते हैं. अब श्रीराम के साथ पूरी वानर सेना समुद्र तट पर पहुंच जाती है. सवाल यह उठता है कि इतनी बड़ी सेना सागर पार करके कैसे लंका तक जाएगी. तब श्रीराम सागर तट पर साधना में बैठ जाते हैं और सागर से विनती करने लगते हैं कि वह उनकी सेना को रास्ता दे और लंका तक पहुंचने में मदद करे. श्रीराम तीन दिन तक सागर तट पर यूं ही साधना में बैठे हुए विनय करते रहते हैं, लेकिन समुद्र में कोई भी हलचल नहीं होती है.

तब तीन दिन बाद श्रीराम क्रोधित होकर साधना से उठते हैं और कहते हैं लक्ष्मण! ज्ञानी जनों ने सही ही कहा है, कभी-कभी बिना भय के प्रीत भी नहीं होती है. फिर वह लक्ष्मण जी से अपना धनुष बाण लाने को कहते हैं और समुद्र को सुखा डालने की घोषणा करते हैं. विद्वानों ने सही कहा है कि मूर्ख से विनती करने, कुटिल से प्रीति करने और कंजूस से नीति की अपेक्षा रखना मूर्खता ही है.

लछिमन बान सरासन आनू। सोषौं बारिधि बिसिख कृसानु॥
सठ सन बिनय कुटिल सन प्रीति। सहज कृपन सन सुंदर नीति॥

रामचरित मानस के सुंदर कांड में ये दोहा और चौपाई शामिल है, जिसे एयर मार्शल ए.के. भारती ने अपने संबोधन में शामिल किया. इससे पहले एक वीडियो सामने आया. इस वीडियो में ये दिखाया गया कि कैसे सेना ने पाकिस्तान के हमलों का न सिर्फ करारा जवाब दिया, साथ ही पड़ोसी मुल्क के कई नापाक इरादों को ध्वस्त भी कर दिया.

इस वीडियो की जो सबसे खास बात थी, वह रही इसमें प्रयोग की गई, कविवर रामधारी सिंह 'दिनकर' की प्रसिद्ध कविता की पंक्ति,  'जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है'

इस कविता के साथ इंडियन आर्मी के ऑपरेशन सिंदूर का वीडियो बहुत प्रभावी और मारक लग रहा था. यह कविता वीर रस में लिखी गई है और दिनकर की खंडकाव्य कृति 'रश्मिरथी' में तब सामने आती है, जब श्रीकृष्ण शांति दूत बनकर हस्तिनापुर पहुंचे होते हैं और यह समझाने का प्रयास कर रहे होते हैं कि 'युद्ध किसी समस्या का हल नहीं है और शांति सर्वोपरि है.'

हर नुकसान के लिए पाक सेना जिम्मेदार

प्रेस कॉन्फ्रेन्स के दौरान वायु सेना के डीजी ऑपरेशंस एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने बताया कि एयर फोर्स ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीनी मिसााइलों को मार गिराया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना हमारा डिफेंस सिस्टम भेद भी नहीं पाई। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दौरान हमने आतंकियों पर सटीक हमले किए और हमले के दौरान पाक में हुए नुकसान के लिए पाक सेना ही जिम्मेदार है।
भय बिनु होय ना प्रीति

जब प्रेस कॉन्फ्रेन्स खत्म हुई तो पत्रकारों के सवाल-जवाब के दौरान एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि ब्रीफिंग शुरू होने से पहले जो वीडियो दिखाया गया, उसमें रामधारी सिंह दिनकर की पंक्ति थी, उसके क्या मायने माने जाएं। इस पर एयर मार्शल भारती ने तुलसीदास के रामचरित मानस की एक चौपाई सुनाते हुए कहा, “विनय ना मानत जलध जड़ गए तीन दिन बीति। बोले राम सकोप तब भय बिनु होय ना प्रीति।”
हमारे सभी इक्विपमेंट्स अभी भी ऑपरेशनल

एयर मार्शल भारती के इतना कहते ही वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजानी शुरू कर दी। इसके आगे उन्होंने कहा कि आपलोग खुद समझदार हैं और इशारा ही काफी है। सेना दो टूक लहजे में कहा कि जरूरत पड़ने पर अगले मिशन के लिए हम तैयार हैं और अगर जरूरत पड़ी तो अगली बार नए तरीके से दुश्मन पर वार करेंगे। एयर मार्शल भारती ने स्पष्ट तरीके से कहा कि हमारे सभी इक्विपमेंट्स अभी भी ऑपरेशनल हैं और जरूरत पड़ने पर हम फिर से उसका जोरदार तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

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