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छत्तीसगड़

साइबर अपराधियों को बैंक खाताधारक गिरोह का राजफाश, 4 करोड़ रुपये का लेन-देन पकड़ाया, 8 आरोपी गिरफ्तार

अंबिकापुर
बलरामपुर पुलिस ने मध्यप्रदेश के बैढ़न शहर से म्यूल बैंक खाताधारक गिरोह का पर्दाफाश कर आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने के साथ-साथ ऑनलाइन सट्टा एप ‘काबूक’ का संचालन कर रहा था। पुलिस ने इनके कब्जे से 3 लैपटॉप, 23 मोबाइल फोन, 46 एटीएम कार्ड, 9 बैंक पासबुक, 1.50 लाख नकदी और एक महिंद्रा थार वाहन जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में 4 करोड़ रुपये के अनाधिकृत लेनदेन का खुलासा हुआ है। गिरोह का मास्टरमाइंड अंबिकापुर का सचिन कुमार सैनी उर्फ बिट्टू बिहारी है।
 
मध्यप्रदेश के बैढ़न में थी गिरोह की जड़ें
    बलरामपुर पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने बताया कि पुलिस मुख्यालय से मिली जानकारी के आधार पर ग्राम बरदर निवासी नंदन कुमार रजक (20) और ग्राम अमटाही निवासी शोएब खान (31) को पहले गिरफ्तार किया गया था। इनसे पूछताछ और साक्ष्यों के विश्लेषण से गिरोह के अन्य सदस्यों का पता चला।
    विशेष अपराध अनुसंधान टीम ने संदिग्ध मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जानकारी जुटाई, जिसके लोकेशन मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के बैढ़न शहर में मिले। इसके बाद पुलिस ने बैढ़न में घेराबंदी कर किराए के मकान में रह रहे गिरोह के आठ सदस्यों को धर दबोचा।

4 हजार से 12 हजार में खरीदे जाते थे बैंक खाते
    एसपी वैभव बैंकर के अनुसार, मास्टरमाइंड सचिन कुमार सैनी ने गिरोह का संचालन संगठित तरीके से किया। गिरोह ग्रामीण क्षेत्रों के कॉलेज छात्रों और अन्य व्यक्तियों के नाम पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाता था। ये खाते 4,000 से 12,000 रुपये में खरीदे जाते और रायपुर के दलालों को 10,000 से 15,000 रुपये में बेचे जाते।
    खातों में इंटरनेट बैंकिंग और एसएमएस अलर्ट के लिए फर्जी मोबाइल नंबर लिंक किए जाते थे। एटीएम कार्ड और सिम कार्ड को कोरियर के जरिए रायपुर भेजा जाता, जहां से इन्हें देशभर के साइबर अपराधियों को बेचा जाता। इन खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम जमा और निकासी की जाती थी।

ऑनलाइन सट्टा एप ‘काबूक’ का भी संचालन
    गिरोह ने ऑनलाइन बैटिंग एप ‘काबूक’ की आईडी लेकर सट्टेबाजी का धंधा भी चला रखा था। वर्तमान में चल रहे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मैचों पर सट्टा खिलवाया जा रहा था।
    पुलिस ने जब्त लैपटॉप और मोबाइल की जांच में सैकड़ों बैंक खातों से चार करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन के सबूत मिले। इसके अलावा, 18 इनएक्टिव सिम कार्ड, चार चेकबुक, वाई-फाई सेट और अन्य सामग्री भी बरामद की गई।

आगे की जांच और कार्रवाई जारी
    एसपी वैभव बैंकर ने बताया कि प्रकरण की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य साइबर अपराधियों की पहचान की जा रही है। बरामद बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
    पुलिस का दावा है कि इस गिरोह के तार देश के कई राज्यों से जुड़े हैं, और जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा। यह कार्रवाई साइबर अपराध और ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ बलरामपुर पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है।

इनकी हुई गिरफ्तारी
    सचिन कुमार सैनी उर्फ बिट्टू बिहारी (24) महुआपारा वार्ड नंबार 10 अंबिकापुर
    राजेश सोनकर (25) वर्ष आंबेडकर वार्ड मुंगेली
    सुखदेव साहू (23) कैलाशपुर जिला सूरजपुर
    आयुश कुमार साहू (23) कैलाशपुर जिला सूरजपुर
    मुकेश जायसवाल (21) पौंडी थाना पाली जिला कोरबा
    प्रशांत सिंह (23) दत्ता कालोनी अंबिकापुर थाना गांधीनगर
    अभिषेक जायसवाल (22) चांदनी बिहारपुर जिला सूरजपुर
    दीपक कुमार यादव (26) पेटामारा थाना तुमला जिला जशपुर

 

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