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उत्तर प्रदेश

अखिलेश के आरोप निराधार, साढ़े नौ साल में खेल कोटे से 1000 से अधिक नौकरियां: खेल मंत्री गिरीश यादव

लखनऊ

उत्तर प्रदेश में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों पर पलटवार किया है। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि उनके शासनकाल में खेल बेहतर व्यवस्था में थे और मौजूदा सरकार में खेल पिछड़ गए हैं और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन नहीं मिल रहा। इस पर गिरीश यादव ने कहा कि अखिलेश यादव का आरोप बिल्कुल निराधार है। उन्हें जानकारी होनी चाहिए कि पिछली सरकार में ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेल, कॉमनवेल्थ गेम्स और विश्व चैंपियनशिप के लिए जो पुरस्कार राशि दी जाती थी, मौजूदा सरकार ने उसे दो गुना से ढाई गुना बढ़ा दिया। सीनियर और जूनियर खिलाड़ियों के साथ कोचों को भी सम्मानित किया जाता है और उन्हें भी पुरस्कार राशि दी जाती है।

पदक पर सरकारी नौकरी की गारंटी पहली बार

मंत्री ने कहा कि पहली बार उत्तर प्रदेश सरकार ने गारंटी दी है कि एशियाई खेल, कॉमनवेल्थ, विश्व चैंपियनशिप जैसे चार वर्ष के अंतराल वाले आयोजनों के साथ ओलंपिक और पैरालंपिक में पदक जीतकर आने वाले खिलाड़ी को सरकारी नौकरी दी जाएगी। अब तक लगभग 16-17 लोगों को नौकरी दी जा चुकी है और 5-6 और लोगों को नौकरी दी जा रही है।

उन्होंने अखिलेश यादव से सवाल किया कि उनके शासन में पदक जीतकर आए खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी गई हो तो उसकी सूची जारी करें। खेल कोटे के तहत उनकी पांच वर्ष की सरकार में कितनी नौकरियां दी गईं, यह भी बताएं।

खेल कोटे से 1000 से अधिक नौकरियां, सात को सीधे डीएसपी

गिरीश यादव ने कहा कि साढ़े नौ वर्षों में सरकार ने खेल कोटे के अंतर्गत एक हजार से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं। खेल कोटे से सात खिलाड़ियों को लोक सेवा आयोग की परीक्षा से बाहर निकालकर सीधी भर्ती से डिप्टी एसपी बनाया गया। इनमें ललित उपाध्याय, अर्जुन देशवाल, अखिल श्योराण, दीप्ति शर्मा और पारुल चौधरी शामिल हैं। इन्हें पदक जीतकर आने के कारण सीधा डीएसपी बनाया गया।

इसी क्रम में जिला युवा कल्याण अधिकारी, माल कर अधिकारी, यात्रीकर अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी के पदों पर भी नियुक्तियां की गई हैं। मंत्री ने अखिलेश यादव से पूछा कि उनकी पांच वर्ष की सरकार में किसी ऐसे खिलाड़ी को डीएसपी बनाया गया या नहीं।

इकाना पीपीपी पर, हम कई अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम बना रहे हैं
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव इकाना स्टेडियम की बात करते हैं, जो पीपीपी मॉडल पर बना। मौजूदा सरकार ने वाराणसी के सिगरा में अत्याधुनिक स्टेडियम बनाकर समर्पित कर दिया है। वाराणसी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनकर तैयार हो गया है। गोरखपुर स्टेडियम का शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर दिया है, लागत 400 करोड़ रुपये है। कानपुर स्टेडियम को सुविधाएं बढ़ाने के लिए इस बजट में 350 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

हर कमिश्नरी में स्पोर्ट्स कॉलेज, ब्लॉक पर मिनी स्टेडियम

हर कमिश्नरी स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज बनाए जा रहे हैं। 18 कमिश्नरियों में से आगरा, बरेली, झांसी और अयोध्या में जमीन मिल गई है। इसी वित्तीय वर्ष में चार कमिश्नरी स्तर के स्पोर्ट्स कॉलेज बनाने की योजना लाई गई है। मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव पहले यह सोचें कि उन्होंने कितने बनाए, उन्होंने क्या किया।

विकास खंड स्तर पर ग्रामीण खेल मिनी स्टेडियम के प्रस्ताव आ रहे हैं और सरकार वहां पैसा दे रही है। जिला स्तर की सुविधाएं सुदृढ़ की जा रही हैं। जहां एस्ट्रोटर्फ चाहिए वहां एस्ट्रोटर्फ, सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक चाहिए तो ट्रैक, तरणताल चाहिए तो तरणताल और बास्केटबॉल कोर्ट चाहिए तो कोर्ट दिए जा रहे हैं। तहसील स्तर पर भी काम शुरू किया गया है।

संभल में पहली बार जिला स्टेडियम, हापुड़-शामली-चंदौली में भी निर्माण

मंत्री ने कहा कि चार ऐसे स्थान अखिलेश यादव के घर के पास हैं। संभल में जिला स्तर का स्टेडियम नहीं था। सरकार 18 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से वहां स्टेडियम बना रही है। हापुड़, शामली और चंदौली में भी स्टेडियम बनाए जा रहे हैं।

खेल नीति-2023 और एकलव्य क्रीड़ा कोष

गिरीश यादव ने बताया कि पहली बार नई खेल नीति-2023 बनाई गई। एकलव्य क्रीड़ा कोष के माध्यम से कमजोर और असहाय खिलाड़ियों को बेहतर कोचिंग तथा पौष्टिक आहार के लिए धन दिया जा रहा है। 400 से अधिक खिलाड़ियों को व्यक्तिगत रूप से कोचिंग और पौष्टिक आहार के लिए सरकार ने धन उपलब्ध कराया है।

पंचायत से संसद तक प्रतिभा तलाश

प्रतिभा खोज के लिए संसद खेलकूद प्रतियोगिता, विधायक खेलकूद प्रतियोगिता के साथ जिला, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजन कर खिलाड़ियों को तलाशा जा रहा है। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जब खिलाड़ियों की बात करते हैं तो खिलाड़ियों का चेहरा खिल उठता है। खिलाड़ी खुद कहते हैं कि इंफ्रास्ट्रक्चर मिल रहा है, खेलने के अधिक अवसर मिल रहे हैं, इसलिए खेल की दिशा में लोग आगे बढ़ रहे हैं।

चार बार सत्ता में रही पार्टी लेखा-जोखा पेश करे

मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव की पार्टी चार बार सत्ता में रही। वे लेखा-जोखा प्रस्तुत करें कि खिलाड़ियों के लिए क्या किया। केवल एक इकाना स्टेडियम बना, वह भी पीपीपी मॉडल पर। मौजूदा सरकार ग्रामीण स्तर से लेकर विकासखंड, जिला और तहसील तक स्टेडियम बना रही है और सुविधाओं का ध्यान रख रही है।

उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव तथ्यहीन और निरर्थक बातें करते हैं तथा युवाओं को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। उनके पास ठोस सबूत नहीं होते। युवा और खिलाड़ी उनके बहकावे में नहीं आने वाले। साढ़े नौ वर्षों में खेल के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम हुआ है। इसकी किसी भी प्रकार से तुलना नहीं की जा सकती। उत्तर प्रदेश का युवा, खिलाड़ी और खेल जगत से जुड़े लोग जानते हैं कि सरकार कैसे काम कर रही है।

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