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ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिनों का काम, मजदूरी भुगतान में देरी पर मुआवजा

रांची
 झारखंड सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी को लेकर 'विकसित भारत – 2047' के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप 'विकसित भारत – गारंटी फार रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना, झारखंड 2026' को अधिसूचित कर दिया है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलने लगेगी।

ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी इस अधिसूचना के अनुसार, राज्य के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में यह योजना लागू होगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन ग्रामीण परिवारों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के वैधानिक मजदूरी रोजगार की गारंटी प्रदान करना है, जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक हैं।

योजना की मुख्य विशेषताएं

  • परिवार के प्रत्येक वयस्क सदस्य को 125 दिनों का गारंटीकृत रोजगार मिलेगा।
  • मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर किया जाएगा और कार्य पूरा होने की तिथि से अधिकतम 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
  • यदि 15 दिनों के भीतर काम नहीं मिलता है, तो आवेदक बेरोजगारी भत्ते का हकदार होगा।
  • मजदूरी में देरी होने पर 16वें दिन से 0.05% प्रतिदिन की दर से मुआवजा दिया जाएगा।
  • यह एक केंद्र प्रायोजित योजना होगी, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार 60:40 के अनुपात में वित्त पोषण करेंगे।

चार प्रमुख कार्य क्षेत्र

  • योजना के तहत मुख्य रूप से चार प्रकार के कार्य किए जाएंगे
  • जल सुरक्षा : जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, तालाब निर्माण, चेक डैम आदि।
  • मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचा : सड़क, पुलिया, आंगनवाड़ी केंद्र, पंचायत भवन, स्कूल भवन आदि के निर्माण से संबंधित निर्णय और कार्यान्वयन।
  • आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचा : कौशल विकास केंद्र, ग्रामीण हाट, कोल्ड स्टोरेज, मत्स्य पालन ढांचा आदि का निर्माण किया जा सकेगा।
  • आपदा प्रबंधन : चक्रवात/बाढ़ आश्रय स्थल, तटबंध, वृक्षारोपण आदि।
  • योजना के क्रियान्वयन में बायोमेट्रिक उपस्थिति, जीपीएस निगरानी, एमआइएस डैशबोर्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जाएगा।
  • सामाजिक अंकेक्षण हर छह महीने में अनिवार्य होगा।
  • ठेकेदारों के बिना सीधे कार्यान्वयन एजेंसियों द्वारा कार्य कराए जाएंगे।

 

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