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छत्तीसगड़

पक्के आशियानों से संवर रही जिंदगी, खुशहाल जीवन का मिला नया आधार

रायपुर

हर परिवार का सपना होता है कि उसका अपना ऐसा घर हो, जहां परिवार सुरक्षित वातावरण में रह सके और मौसम की चुनौतियों की चिंता न हो। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए इस सपने को पूरा करने में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को आवास निर्माण के लिए सहायता मिल रही है, जिससे कच्चे और असुरक्षित मकानों से निकलकर अनेक परिवार अपने पक्के आशियाने में पहुंच रहे हैं।

शहरों में योजना से लाभान्वित परिवारों के अनुभव बताते हैं कि पक्का मकान मिलने से उनके रहन-सहन में सकारात्मक बदलाव आया है। कोरबा के पोड़ीबहार निवासी  आनंद राम लंबे समय से कच्चे मकान में रह रहे थे। बारिश के दिनों में टपकती छत, सीलन और जहरीले जीव-जंतुओं का डर परिवार की परेशानी बढ़ाता था। आवास स्वीकृत होने और किश्तों में सहायता प्राप्त होने के बाद उन्होंने निर्माण शुरू किया। आज उनका पक्का घर परिवार को सुरक्षा और सुकून दे रहा है। वे इसे अपने परिवार के बेहतर भविष्य की नींव बताते हैं।

कोसाबाड़ी की मती ललिता रजक ने भी बरसों से पक्के घर का सपना संजोया था। खराब आर्थिक परिस्थितियों के कारण मकान निर्माण कठिन था। योजना के सहयोग से उनका यह सपना पूरा हुआ और परिवार को स्थायी आवास के साथ सुरक्षा, सुविधा एवं आत्मविश्वास का अनुभव मिला। वे अपने पक्के घर को परिवार की खुशियों और सुरक्षित भविष्य का आधार मानती हैं।

काशीनगर निवासी मती गुंजा साहू का परिवार भी लंबे समय तक कच्चे मकान में रहा। बारिश के दौरान पानी टपकने और सीलन की समस्या के साथ सांप-बिच्छुओं का डर बना रहता था। पीएम आवास (शहरी) 2.0 के तहत उन्हें तीन किश्तों में लगभग 2.50 लाख रुपये की सहायता मिली। अपनी बचत राशि के साथ उन्होंने पक्के मकान का निर्माण पूरा किया। आज उनका परिवार सुरक्षित वातावरण में सुकून से रह रहा है।

छुरीकला नगर पंचायत के  सुनील कुमार तिवारी के परिवार की कहानी भी आवास योजना से आए बदलाव को सामने रखती है। वे मिट्टी से बने दो कमरों के मकान में पत्नी और बेटी के साथ रहते थे। सीमित आय के बीच पक्का मकान बनाना कठिन था। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2.26 लाख रुपये की स्वीकृत लागत में केंद्रांश और राज्यांश की सहायता प्राप्त हुई, जिसके बाद उनका पक्का घर तैयार हुआ। वे कहते हैं कि योजना ने उनके परिवार को सुरक्षित आवास के साथ बेहतर भविष्य की उम्मीद दी है।

पथर्रीपारा निवासी  सनातन प्रसाद पाठक भी पहले कच्चे मकान में रहते थे। ठेका मजदूरी से परिवार का भरण-पोषण करने वाले  पाठक के लिए हर बारिश चिंता लेकर आती थी। योजना का लाभ मिलने के बाद उनका पक्का मकान तैयार हुआ और परिवार को मौसम की परेशानियों से राहत मिली। इसी क्षेत्र के  धरम लाल ध्रुव के परिवार ने भी योजना के सहयोग से अपना पक्का घर बनाया। उनका कहना है कि मजबूत छत और दीवारों वाले घर में अब परिवार सुरक्षित और सुकून से रह रहा है।

लाभार्थी परिवारों ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति योजना के संचालन तथा जरूरतमंद परिवारों तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि आवास निर्माण के लिए मिली सहायता ने उनके वर्षों पुराने सपने को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) से नगरीय निकायों के आर्थिक रूप से कमजोर अनेक परिवारों को आवास निर्माण का सहारा मिल रहा है। किसी के लिए यह वर्षों पुराने सपने का पूरा होना है, तो किसी के लिए परिवार की सुरक्षा और स्थायित्व की नई शुरुआत। पक्के आशियाने के साथ इन परिवारों के जीवन में सुविधा, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद जुड़ रही है।

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