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मध्यप्रदेश

स्वास्थ्य सेवाओं में आधुनिक तकनीक और एआई का बढ़ेगा उपयोग : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल 

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भोपाल में निजी मीडिया समूह द्वारा आयोजित "मोदी 25 : विकसित भारत, बढ़ता मध्यप्रदेश" कॉन्क्लेव में शामिल हुए। कॉन्क्लेव में उन्होंने मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे बदलावों, ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, आयुष्मान भारत योजना, चिकित्सा अधोसंरचना, तकनीक के उपयोग, औद्योगिक विकास और पर्यटन सहित विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सतत प्रयास

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश का प्रयास है कि मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को शून्य स्तर तक लाया जाए। इसके लिए आवश्यक स्वास्थ्य अधोसंरचना, मानव संसाधन, जांच एवं उपचार सुविधाओं के साथ-साथ जन-जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं की आवश्यक जांच समय पर हो, इसके लिए केवल चिकित्सकीय अमले और आशा कार्यकर्ताओं की ही नहीं, बल्कि परिवार और पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों की भी सक्रिय भूमिका आवश्यक है। उन्होंने कुपोषण को भी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बताते हुए कहा कि कुपोषित बच्चों और गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को उपचार के लिए गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचने से पहले ही आवश्यक देखभाल और जांच उपलब्ध कराना जरूरी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यक्रमों में इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन से स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच के संबंध में शुक्ल ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। यहां टेलीमेडिसिन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी टेलीमेडिसिन के साथ सैंपलिंग और जांच की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि टेलीमेडिसिन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञ चिकित्सकों से वीडियो कंसल्टेशन प्राप्त कर सकते हैं। आवश्यकता होने पर विशेषज्ञ चिकित्सक मरीज को उच्च स्वास्थ्य संस्थान में रेफर कर सकते हैं। इससे ग्रामीण नागरिकों को अनावश्यक रूप से शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी।

आयुष्मान भारत में पारदर्शिता और निगरानी की व्यवस्था

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति धन के अभाव में बेहतर उपचार से वंचित न रहे। योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवर उपलब्ध कराया गया है। मध्यप्रदेश में लगभग 4.5 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना का हितग्राही बनाया गया है तथा योजना लागू होने के बाद अब तक लगभग 14 हजार करोड़ रुपये के भुगतान किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि योजना में ऑडिट, संदिग्ध बिलों की पहचान, थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और क्रॉस-चेकिंग की व्यवस्था है। अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संस्थान के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई और एफआईआर जैसी कार्रवाई भी की जाती है।

प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को किया जा रहा है सशक्त

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि शासकीय अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। जिला अस्पतालों में निःशुल्क जांच और उपचार के साथ आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाओं का विस्तार किया गया है। आईपीएचएल लैब में 134 प्रकार की जांचें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे मरीजों को जांच के लिए बड़े शहरों में सैंपल भेजने की आवश्यकता कम हुई है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पतालों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी आवश्यक सुविधाओं से मजबूत किया जा रहा है, ताकि मरीजों को प्राथमिक और सेकेंडरी स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीक ही मिल सकें और केवल आवश्यक रेफरल केस ही जिला अस्पताल अथवा मेडिकल कॉलेज पहुंचें।

दवाओं की गुणवत्ता की निगरानी

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि शासकीय सप्लाई में आने वाली दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए उनके बैच को जांच के लिए एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में भेजा जाता है। निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरने के बाद ही दवाओं को वितरण के लिए भेजा जाता है। मेडिकल स्टोर्स पर ड्रग इंस्पेक्टरों द्वारा रैंडम निरीक्षण भी किया जाता है तथा एक्सपायरी या अन्य अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।

रीवा में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

रीवा में चल रहे स्वास्थ्य अधोसंरचना कार्यों की जानकारी देते हुए शुक्ल ने बताया कि 750 बिस्तरीय मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का निर्माण तेजी से चल रहा है। इसके पूर्ण होने से विंध्य क्षेत्र के मरीजों को बेहतर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और संजय गांधी अस्पताल पर बढ़ते दबाव को कम करने में सहायता मिलेगी।उन्होंने बताया कि रीवा में निर्माणाधीन कैंसर ब्लॉक को जनवरी तक पूर्ण करने का प्रयास है। कैंसर उपचार के लिए आवश्यक आधुनिक मशीनों में लीनियर एक्सीलरेटर, ब्रेकीथेरेपी और पेट स्कैन मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं में एआई और आधुनिक तकनीक का उपयोग

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर भी मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। टीबी स्क्रीनिंग के लिए एआई आधारित एक्स-रे तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। स्क्रीनिंग, डायग्नोसिस और उपचार की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नई तकनीकों और रोबोटिक्स आधारित व्यवस्थाओं पर भी कार्य किया जा रहा है।

मैन्युफैक्चरिंग और निवेश को मिल रहा प्रोत्साहन

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के साथ-साथ संभागीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किए गए हैं। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की स्थानीय संभावनाओं के अनुरूप निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर हाईवे, रेलवे और एयर कनेक्टिविटी सहित मजबूत अधोसंरचना निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। रीवा में एयर कनेक्टिविटी के विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से विंध्य क्षेत्र में विकास और निवेश की संभावनाएं बढ़ी हैं।

पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश में धार्मिक, वन्यजीव और प्राकृतिक पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। उज्जैन में महाकाल लोक के विकास के बाद धार्मिक पर्यटन में वृद्धि हुई है। ओंकारेश्वर, चित्रकूट और मैहर सहित धार्मिक स्थलों के साथ-साथ राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव क्षेत्र, जलप्रपात और बड़े जलाशय प्रदेश की पर्यटन क्षमता को व्यापक बनाते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यटन, औद्योगिक विकास और कृषि के साथ सिंचाई क्षेत्र के विस्तार पर भी प्रदेश में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सिंचाई का रकबा 54 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर एक करोड़ हेक्टेयर करने का लक्ष्य प्रदेश के कृषि और ग्रामीण विकास को नई गति देगा।

चीता और व्हाइट टाइगर से मध्यप्रदेश की वन्यजीव पहचान मजबूत

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश में चीता संरक्षण कार्यक्रम ने प्रदेश की अंतर्राष्ट्रीय पहचान को मजबूत किया है। कूनो में चीतों का सफल प्रजनन और नए क्षेत्रों में उनके संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयास महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने विंध्य क्षेत्र की व्हाइट टाइगर सफारी का उल्लेख करते हुए कहा कि सफेद बाघ का विंध्य क्षेत्र से ऐतिहासिक संबंध रहा है। लंबे अंतराल के बाद व्हाइट टाइगर सफारी के माध्यम से सफेद बाघों को विंध्य क्षेत्र में पुनः देखने का अवसर मिला है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन और गौरव की भावना को भी बढ़ावा मिला है। कॉन्क्लेव के दौरान उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मध्यप्रदेश के विकास और विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे कार्यों से जुड़े विषयों पर संवाद किया। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित भी किया।

 

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