<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
मध्यप्रदेश

महिला आयोग की संयुक्त बैंच में 38 प्रकरणों की सुनवाई, प्रताड़ना और दहेज मामलों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

भोपाल

मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की संयुक्त बैंच ने बुधवार को महिलाओं से जुड़े विभिन्न गंभीर मामलों की सुनवाई की। बैंच के समक्ष कुल 38 प्रकरणों में आवेदक और अनावेदक उपस्थित हुए। इनमें महिला प्रताड़ना, दहेज प्रताड़ना, घरेलू अत्याचार, बलात्कार, यौन शोषण, हिंसा, हत्या और विभागीय विवाद सहित अन्य मामले शामिल थे। आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा यादव, सदस्य श्रीमती साधना स्थापक ने प्रकरणों की सुनवाई करते हुए संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

सुनवाई के दौरान महिला प्रताड़ना के 10, दहेज प्रताड़ना के 5, घरेलू अत्याचार के 5 और बलात्कार के 3 प्रकरण सामने आए। इसके अलावा मारपीट, विभागीय प्रकरण, पारिवारिक विवाद, हत्या, यौन शोषण, हिंसा और अन्य श्रेणी से संबंधित एक-एक प्रकरण की भी सुनवाई हुई। आयोग ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद प्रकरणों की प्रकृति के अनुसार संबंधित अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

कार्यस्थल पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप

संयुक्त बैंच के समक्ष कार्यस्थल प्रताड़ना से जुड़ा एक मामला आया, जिसमें एक स्टाफ नर्स ने अस्पताल की प्रभारी मेट्रन और वार्ड इंचार्ज पर लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना किए जाने तथा निजी जीवन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने के आरोप लगाए। शिकायतकर्ता ने बताया कि स्वास्थ्य संबंधी कारणों से डॉक्टर की सलाह पर नाइट ड्यूटी से राहत मांगे जाने के बाद उसके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। नर्स ने संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के साथ कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग आयोग के समक्ष रखी।

दहेज प्रताड़ना मामले में स्त्रीधन वापस दिलाने की मांग

दहेज प्रताड़ना के एक अन्य प्रकरण में महिला ने अपने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज की मांग को लेकर मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना किए जाने तथा स्त्रीधन और आभूषण अपने पास रखे जाने के आरोप लगाए। महिला ने आयोग को बताया कि उसने पूर्व में पुलिस और महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच राजीनामा हुआ, लेकिन महिला के अनुसार विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ। उसने पति द्वारा लगातार संपर्क किए जाने और बिना बताए मिलने आने का भी आरोप लगाया। महिला ने आयोग से मामले में उचित कार्रवाई और न्याय दिलाने की मांग की।

आयोग की बैंच ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों से तथ्य प्राप्त किए और संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई के लिए आवश्यक निर्देश दिए। आयोग ने स्पष्ट किया कि उसके समक्ष आने वाले मामलों में शिकायतकर्ता और संबंधित पक्षों की बात सुनकर तथ्यों के आधार पर आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button