<?php /** * The template for displaying the header * */ defined( 'ABSPATH' ) || exit; // Exit if accessed directly ?><!DOCTYPE html> <html <?php language_attributes(); ?>> <head> <meta charset="<?php bloginfo( 'charset' ); ?>" /> <link rel="profile" href="http://gmpg.org/xfn/11" /> <?php wp_head(); ?> </head> <body id="tie-body" <?php body_class(); ?>> <?php wp_body_open(); ?> <div class="background-overlay"> <div id="tie-container" class="site tie-container"> <?php do_action( 'TieLabs/before_wrapper' ); ?> <div id="tie-wrapper"> <?php TIELABS_HELPER::get_template_part( 'templates/header/load' ); do_action( 'TieLabs/before_main_content' );
देश

जेपी गंगा पथ से ग्लास ब्रिज तक, बिहार की इन लोकेशनों पर होगी फिल्मों की शूटिंग; ₹100 करोड़ निवेश की उम्मीद

पटना
पटना का जेपी गंगा पथ, कैमूर का दुर्गावती डैम, राजगीर का ग्लास ब्रिज और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व… अब ये सिर्फ घूमने की जगहें नहीं, बड़े पर्दे की नई लोकेशन बनने जा रही हैं. बिहार में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने वाली नई नीति का असर जमीन पर दिखाई देने लगा है. दिसंबर से राज्यभर में 15 से ज्यादा फिल्मों की शूटिंग शुरू होने की तैयारी है. इन परियोजनाओं के जरिए करीब 100 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है.

अब तक फिल्म शूटिंग में 200 करोड़ हुए खर्च
पिछले कुछ सालों में बिहार का फिल्म कनेक्शन तेजी से मजबूत हुआ है. 2024 से अब तक राज्य में 45 से ज्यादा फिल्मों, वेब सीरीज और म्यूजिक प्रोजेक्ट्स की शूटिंग या निर्माण से करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा किया गया है. इसका असर सिर्फ फिल्म सेट तक सीमित नहीं है. होटल, परिवहन, स्थानीय खान-पान, कलाकारों और तकनीकी टीम से जुड़े लोगों के लिए भी काम के अवसर बढ़ रहे हैं.

इन फिल्मी कलाकारों ने दिखाई दिलचस्पी
बिहार में शूटिंग को लेकर फिल्म इंडस्ट्री की दिलचस्पी बढ़ी है. सुनील शेट्टी, संजय मिश्रा, गोविंदा और सोनू सूद जैसे कलाकारों के राज्य में शूटिंग के लिए सहमति देने की बात सामने आई है. फिल्म निर्देशकों के मुताबिक बड़े सितारों वाली परियोजनाएं आने पर प्रोडक्शन बजट 100 करोड़ से लेकर 500 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.

क्षेत्रीय सिनेमा के लिए सब्सिडी का प्रावधान
नई फिल्म प्रोत्साहन नीति में भोजपुरी, मैथिली, मगही, अंगिका और बज्जिका जैसी क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों के लिए 50 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है. जबकि हिंदी और अंग्रेजी फिल्मों को 25 प्रतिशत तक सहायता दी जाएगी. इसके अलावा राज्य में 75 प्रतिशत से ज्यादा शूटिंग करने वाली फीचर फिल्मों को प्रदर्शन में प्राथमिकता और हर एक श्रेणी में 50 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान बताया गया है.

इन लोकेशन्स को किया गया सेलेक्ट
जेपी गंगा पथ को कमर्शियल और गानों की शूटिंग के लिए पसंद किया जा रहा है. दुर्गावती डैम की प्राकृतिक खूबसूरती, वीटीआर के जंगल, राजगीर का ग्लास ब्रिज, नालंदा का वेणु वन और मुंगेर का भीमबांध फिल्मकारों को आकर्षित कर रहे हैं.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button