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विदेश

रियाद पर हूती मिसाइल हमले के बाद ट्रंप की अचानक वापसी, ईरान ने रखीं 7 शर्तें

वाशिंगटन
पश्चिम एशिया में गहराते सैन्य संकट और तेजी से बदलते घटनाक्रमों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपना वीकेंड दौरा बीच में ही छोड़कर शनिवार को अचानक व्हाइट हाउस लौट आए हैं। ट्रंप का मैरीलैंड स्थित राष्ट्रपति आवास 'कैंप डेविड' से तय समय से एक दिन पहले वॉशिंगटन लौटना इस बात का साफ संकेत है कि क्षेत्र में तनाव बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच चुका है।

व्हाइट हाउस प्रशासन की ओर से ट्रंप के अचानक लौटने की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है, लेकिन यह कदम अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी उस आपातकालीन सुरक्षा एडवाइजरी के तुरंत बाद आया है, जिसमें अमेरिकी नागरिकों को पश्चिम एशिया की यात्रा टालने और स्थिति के "अनियंत्रित रूप से बिगड़ने" की सख्त चेतावनी दी गई है।

रियाद पर हूती मिसाइल हमला और US का 'ट्रैवल रेड अलर्ट'
तनाव में इस ताजा उछाल की मुख्य वजह यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की सऊदी अरब की राजधानी रियाद को निशाना बनाकर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल है।

सऊदी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने मिसाइल को बीच हवा में ही नष्ट कर दिया, जबकि हूतियों का दावा है कि उन्होंने रियाद के संवेदनशील ठिकानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया।

इस हमले के तुरंत बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अपने दूतावासों के जरिए चेतावनी जारी करते हुए कहा, "यह सैन्य संघर्ष बेहद तेजी से उग्र रूप ले सकता है। क्षेत्र के भीतर या वहां से होकर यात्रा करने वाले सभी अमेरिकी नागरिक अपनी योजनाओं पर तुरंत पुनर्विचार करें।"

ईरान की ट्रंप को 7 शर्तें: "पैसा छोड़ो, नौसेना नाकाबंदी हटाओ"
इस भीषण तनाव के बीच ईरान ने युद्ध विराम और बातचीत की मेज पर लौटने के लिए वॉशिंगटन के सामने सात शर्तें रख दी हैं।

ईरान के शीर्ष सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रजाई ने अल जजीरा से बातचीत में खुलासा किया कि कतर के माध्यम से ये शर्तें अमेरिका को सौंप दी गई हैं और तेहरान अब राष्ट्रपति ट्रंप के जवाब का इंतजार कर रहा है।

रजाई ने सार्वजनिक रूप से तीन मुख्य शर्तों का खुलासा किया:
सभी मोर्चों पर युद्ध की तुरंत समाप्ति: क्षेत्र में जारी तमाम सैन्य कार्रवाइयों पर पूर्ण विराम।

फ्रीज फंड की रिहाई: अलग-अलग इंटरनेश बैंकों में जब्त किए गए ईरान के अरबों डॉलर के फंड को तुरंत बहाल करना।

अमेरिकी नौसेना नाकाबंदी का अंत: लाल सागर और फारस की खाड़ी में ईरान व उसके सहयोगियों के खिलाफ जारी अमेरिकी नेवल ब्लॉकैड को खत्म करना।

निर्णायक जंग के लिए तैयार: तेहरान की दोटूक चेतावनी
ईरानी सुरक्षा प्रमुख ने अमेरिकी प्रशासन को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वॉशिंगटन ने इन शर्तों को खारिज कर दिया, तो ईरान 'निर्णायक युद्ध' के लिए पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों से ईरान डरने वाला नहीं है। कतर की मध्यस्थता में चल रही इस कूटनीतिक कोशिश के बीच अब पूरी दुनिया की नजरें व्हाइट हाउस पर टिकी हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप ईरान की शर्तों पर क्या रुख अपनाते हैं।

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