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छत्तीसगड़

युवाओं के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक मील का पत्थर- मंत्री टंक राम वर्मा

​रायपुर

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप और उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा के मार्गदर्शन व निर्देशों के तहत छत्तीसगढ़ शासन का उच्च शिक्षा विभाग प्रदेश के अनुसूचित जनजातीय (ST) क्षेत्रों के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रहा है। जनजातीय क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं में अंग्रेजी भाषा के सम्प्रेषण कौशल को निखारने के लिए 90 घंटे का एक विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार किया गया है।  

 उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा ने इस पहल को युवाओं के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक मील का पत्थर बताया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का लाभ अनुसूचित जनजाति वर्ग के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और हर योग्य विद्यार्थी को इसका लाभ मिले। ​मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की सरकार का ध्येय प्रदेश के दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धी क्षमताओं से लैस करना है। इसी उद्देश्य को साकार करने के लिए 'राज्य-स्तरीय अंग्रेजी सम्प्रेषण पाठ्यक्रम कार्यपालन समिति' का गठन किया गया है, जो इस 90-दिवसीय/घंटे के पाठ्यक्रम का संचालन और निगरानी करेगी।

राष्ट्रीय गुणवत्ता सुधार एवं गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ और राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय के माध्यम से संचालित होगा। यह विशेष पाठ्यक्रम प्रदेश भर के अनुसूचित जनजातीय क्षेत्रों के महाविद्यालयों में संचालित किया जाएगा। इस पहल से दूरस्थ अंचलों में पढ़ने वाले युवाओं में अंग्रेजी में बातचीत करने और अपने विचारों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने की झिझक दूर होगी, जिससे उन्हें रोजगार एवं उच्च शिक्षा के नए अवसर प्राप्त होंगे।   ​

पाठ्यक्रम के सुचारू संचालन, उच्च गुणवत्ता और प्रभावी अनुवीक्षण को सुनिश्चित करने के लिए आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग की अध्यक्षता में 'राज्य-स्तरीय अंग्रेजी सम्प्रेषण पाठ्यक्रम अनुवीक्षण समिति' की एक महत्वपूर्ण बैठक  आयोजित की गई। ​बैठक में समिति के वरिष्ठ अधिकारियों ने पाठ्यक्रम के क्रियान्वयन की चरणबद्ध रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की।

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